
भक्त प्रह्लाद ने कहा था — ‘भगवान हर जगह हैं। इस खंभे में भी।’ और जब उनके पिता हिरण्यकशिपु ने क्रोध में खंभा तोड़ा, तो उसमें...

‘अपरा’ शब्द का अर्थ है — ‘अपार’ यानी जिसकी कोई सीमा नहीं। अपरा एकादशी वह व्रत है जो असंख्य और अपार पुण्य देता है। शास्त्रों में...

वैशाख पूर्णिमा — यानी बुद्ध पूर्णिमा — हिंदू और बौद्ध दोनों परंपराओं में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इसी एक तिथि पर गौतम सिद्धार्थ का जन्म...

भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है — और यह बात शत-प्रतिशत सच है। यहाँ हर महीने कोई न कोई पर्व होता है जो हमें...

अनंतनाग – जम्मू-कश्मीर का एक प्रमुख शहर जो ‘इस्लामाबाद’ के नाम से भी जाना जाता था। लेकिन इसकी हिंदू धार्मिक विरासत अत्यंत प्राचीन और समृद्ध है।...

माँ काली – शक्ति का उग्र रूप, बुराई की संहारक, भक्तों की माँ। उनका काला वर्ण, मुक्त केश, गले में मुण्डमाला – यह रूप भयंकर नहीं,...

साईं बाबा – वे फकीर जिन्होंने सिखाया ‘सबका मालिक एक है।’ शिरडी के संत साईं बाबा न हिंदू थे, न मुसलमान – वे प्रेम, करुणा और...

वृंदावन में सूर्यास्त के बाद जब ‘आरती कुंज बिहारी की’ के स्वर गूंजते हैं, तो पूरा वातावरण राधा-कृष्ण की भक्ति से सराबोर हो जाता है। यह...

भगवान सत्यनारायण की पूजा भारत के हर घर में होती है। जब भी कोई शुभ कार्य होता है – गृहप्रवेश, विवाह, नया व्यवसाय, संतान जन्म –...

करवा चौथ – प्रेम और समर्पण का महापर्व करवा चौथ – यह नाम सुनते ही मन में एक विशेष भावना जागती है। यह केवल एक व्रत...