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Top 5 Famous Temples in Alandi – Darshan Time, Aarti Timing & Travel Guide

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Temples in Alandi

Alandi – City Introduction | Alandi के बारे में

आलंदी – पुणे से सिर्फ 25 किमी दूर इंद्रायणी नदी के तट पर बसा यह छोटा सा शहर महाराष्ट्र के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में एक है। संत ज्ञानेश्वर महाराज की संजीवन समाधि यहाँ स्थित है जो वारकरी संप्रदाय के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है।

माँ भागवत के लेखक भगवान विठोबा के परम भक्त संत ज्ञानेश्वर ने सिर्फ 21 वर्ष की आयु में यहाँ संजीवन समाधि ली थी। आलंदी की यात्रा करना एक अत्यंत आत्मिक अनुभव है।

Alandi के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में

  • 1. Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir
  • 2. Indrayani Ghat Temples, Alandi
  • 3. Vitthal Rukmini Temple, Alandi
  • 4. Siddheshwar Temple, Alandi
  • 5. Sopandev Samadhi Mandir, Saswad

Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir

आलंदी का मुख्य मंदिर संत ज्ञानेश्वर महाराज की संजीवन समाधि स्थल है। सिर्फ 21 वर्ष की आयु में उन्होंने यहाँ जीवित समाधि ली थी। ज्ञानेश्वरी और अमृतानुभव जैसे ग्रंथों के रचयिता संत ज्ञानेश्वर मराठी साहित्य के आधार स्तंभ हैं। (स्रोत: (स्रोत: Wikipedia – Dnyaneshwar)

स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतासंत ज्ञानेश्वर महाराज (संजीवन समाधि)
पताAlandi, Khed Taluka, Pune District, Maharashtra – 412105
दर्शन समयसुबह 5:00 AM – रात 10:30 PM
आरती समयकाकड आरती: 5:00 AM | माध्यान्ह आरती: 12:00 PM | शाम आरती: 7:00 PM | शेज आरती: 10:00 PM
बड़े त्योहारआषाढी एकादशी वारी (लाखों वारकरी), कार्तिकी एकादशी
Alandi से दूरीपुणे से 25 किमी
नजदीकी रेलवेपुणे जंक्शन (25 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टपुणे International Airport (30 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:पुणे International Airport (30 किमी)

रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)

सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: पुणे से 25 किमी

Indrayani Ghat Temples, Alandi

इंद्रायणी नदी के घाटों पर अनेक छोटे-बड़े मंदिर हैं। यहाँ स्नान करना पुण्यकारी माना जाता है। सुबह-शाम घाट पर दीप आरती का दृश्य बहुत सुंदर होता है।

वारी के समय घाट पर लाखों वारकरी स्नान करते हैं। इंद्रायणी तट पर बैठकर ध्यान लगाना एक अनूठा अनुभव है।

स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Indrayani Ghat Temples, Alandi Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताविभिन्न देवी-देवता
पताIndrayani River Ghat, Alandi, Pune
दर्शन समयसूर्योदय – सूर्यास्त
आरती समयसुबह गंगा आरती | शाम दीप आरती
बड़े त्योहारकार्तिक पूर्णिमा, माघ पूर्णिमा
Alandi से दूरीमुख्य मंदिर से पैदल 5 मिनट
नजदीकी रेलवेपुणे जंक्शन (25 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टपुणे Airport (30 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:पुणे Airport (30 किमी)

रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)

सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: मुख्य मंदिर से पैदल 5 मिनट

(स्रोत: Maharashtra Tourism – Alandi)

Vitthal Rukmini Temple, Alandi

आलंदी में भगवान विठोबा और रुक्मिणी का मंदिर वारकरी संप्रदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वारी के समय यहाँ लाखों वारकरी भगवान विठोबा का नाम जपते हुए पहुँचते हैं।

एकादशी के दिन यहाँ का माहौल भक्तिरस से सराबोर हो जाता है। कीर्तन और भजनों की आवाज़ें पूरे शहर में गूँजती हैं।

स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Vitthal Rukmini Temple, Alandi Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान विठोबा और रुक्मिणी
पताAlandi, Pune District, Maharashtra
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM
बड़े त्योहारएकादशी, आषाढी वारी
Alandi से दूरीमुख्य मंदिर परिसर में
नजदीकी रेलवेपुणे जंक्शन (25 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टपुणे Airport (30 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:पुणे Airport (30 किमी)

रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)

सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: मुख्य मंदिर परिसर में

(स्रोत: Maharashtra Tourism)

Siddheshwar Temple, Alandi

सिद्धेश्वर मंदिर आलंदी का प्राचीन शिव मंदिर है। श्रावण मास में सोमवारी पर यहाँ भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और शांत माहौल मन को सुकून देता है।

महाशिवरात्रि पर यहाँ रात भर पूजा और भजन होते हैं। ज्ञानेश्वर मंदिर के बाद आलंदी का यह सबसे लोकप्रिय मंदिर है।

स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Siddheshwar Temple, Alandi Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान शिव (सिद्धेश्वर)
पताAlandi, Pune District, Maharashtra
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – रात 8:30 PM
आरती समयसुबह शिव अभिषेक: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM
बड़े त्योहारमहाशिवरात्रि, श्रावण मास
Alandi से दूरीमुख्य मंदिर से पास
नजदीकी रेलवेपुणे जंक्शन (25 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टपुणे Airport (30 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:पुणे Airport (30 किमी)

रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)

सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: मुख्य मंदिर से पास

(स्रोत: Alandi Tourism)

Sopandev Samadhi Mandir, Saswad

संत सोपानदेव संत ज्ञानेश्वर के छोटे भाई और समान रूप से आत्मज्ञानी संत थे। सासवड में उनकी समाधि एक महत्वपूर्ण वारकरी तीर्थस्थल है।

आलंदी यात्रा के साथ सासवड जाना वारकरी परंपरा में विशेष महत्व रखता है।

स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Sopandev Samadhi Mandir, Saswad Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतासंत सोपानदेव (ज्ञानेश्वर के भाई)
पताSaswad, Pune District, Maharashtra (आलंदी से 35 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM
बड़े त्योहारवारी, एकादशी
Alandi से दूरीआलंदी से 35 किमी
नजदीकी रेलवेदिवे स्टेशन (15 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टपुणे Airport (45 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:पुणे Airport (45 किमी)

रेल मार्ग:दिवे स्टेशन (15 किमी)

सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: आलंदी से 35 किमी

(स्रोत: Wikipedia – Sopandev)

Travel Tips – Alandi यात्रा के लिए सुझाव

कब जाएं? (Best Time to Visit)

  • अक्टूबर से मार्च – मौसम अनुकूल, यात्रा के लिए सर्वोत्तम।
  • नवरात्रि और प्रमुख त्योहारों के दौरान मंदिरों में विशेष उत्सव।
  • सुबह जल्दी दर्शन करें – भीड़ कम रहती है और माहौल शांत रहता है।

वेशभूषा और आचार संहिता | Dress Code

  • शालीन और पारंपरिक वस्त्र पहनें।
  • मंदिर प्रवेश से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारें।
  • फोटोग्राफी के लिए पहले अनुमति लें।

अन्य सुझाव

  • पीक सीजन और त्योहारों में आगे से आवास बुक करें।
  • प्रसाद और पूजा सामग्री मंदिर के पास दुकानों से उपलब्ध।
  • Alandi में स्थानीय भोजन जरूर आजमाएं।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Alandi का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?

Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir Alandi का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है।

Alandi के मंदिरों का Darshan Time क्या है?

अधिकांश मंदिर सुबह 5-6 बजे से रात 8-9 बजे तक खुले रहते हैं। दोपहर में कुछ मंदिर बंद हो सकते हैं। जाने से पहले confirm करें।

Alandi कैसे पहुँचें?

Alandi सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा है। निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (30 किमी)। रेलवे: पुणे जंक्शन (25 किमी)।

Alandi यात्रा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

Alandi सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा है। निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (30 किमी)। रेलवे: पुणे जंक्शन (25 किमी)।

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Balasore के प्रसिद्ध मंदिर: Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide (2026)

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top temples in balasore

बालासोर (बालेश्वर) – ओडिशा के उत्तरी तट पर बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा यह जिला धर्म, प्रकृति और इतिहास का अनूठा संगम है। पञ्चलिंगेश्वर की पहाड़ी, खिराचोर गोपीनाथ का चमत्कारी मंदिर और चाँदीपुर का अनोखा समुद्र तट – बालासोर को ओडिशा का एक विशेष तीर्थ बनाते हैं।

बालासोर से लगभग 30 किमी दूर पञ्चलिंगेश्वर का वह अनोखा मंदिर है जहाँ एक झरना स्वयं पाँच शिवलिंगों पर निरंतर अभिषेक करता रहता है। इसके साथ ही 9 किमी दूर रेमुना का खिराचोर गोपीनाथ मंदिर वैष्णव परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है।

Balasore के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में

  • 1. पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple)
  • 2. खिराचोर गोपीनाथ मंदिर, रेमुना (Khirachora Gopinath Temple)
  • 3. एमामी जगन्नाथ मंदिर (Emami Jagannath Temple)
  • 4. लंगलेश्वर शिव मंदिर (Langaleswar Temple)
  • 5. भुधारा चंडी मंदिर, निलगिरि (Bhudhara Chandi Temple)

पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple)

पञ्चलिंगेश्वर मंदिर ओडिशा के सबसे अनोखे शिव मंदिरों में से एक है। देवगिरि पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में एक झरने का पानी निरंतर पाँच प्राकृतिक शिवलिंगों पर बहता रहता है – यह प्रकृति द्वारा किया जाने वाला नित्य अभिषेक है।

पौराणिक मान्यता है कि ये पाँच शिवलिंग माँ सीता ने वनवास काल में स्थापित किए थे, और एक अन्य मान्यता के अनुसार राजा बाणासुर ने इन्हें स्थापित किया था। दर्शन के लिए पत्थर पर लेटकर अंदर झाँकना होता है – यह अनुभव अद्वितीय है। (स्रोत: Wikipedia – Panchalingeswar Temple)

स्थान:Google Maps पर देखें – पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान शिव – पाँच स्वयंभू शिवलिंग
पताDevgiri Hill, near Nilagiri, Balasore District, Odisha – 756040 (30 किमी)
दर्शन समयसुबह 7:00 AM – शाम 6:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 7:00 AM | शाम आरती: 5:30 PM
बड़े त्योहारमहाशिवरात्रि (लाखों भक्त), चैत्र मेला, श्रावण मास
Balasore से दूरीबालासोर से 30 किमी | Nilagiri से 10 किमी
नजदीकी रेलवेजलेश्वर Station (31 किमी) | बालासोर Station (30 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टभुवनेश्वर Airport (200 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (200 किमी)

रेल मार्ग:जलेश्वर Station (31 किमी) | बालासोर Station (30 किमी)

सड़क मार्ग:बालासोर से 30 किमी | Nilagiri से 10 किमी

खिराचोर गोपीनाथ मंदिर, रेमुना (Khirachora Gopinath Temple)

रेमुना का खिराचोर गोपीनाथ मंदिर वैष्णव परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ है। इस मंदिर की एक विशेष कहानी है – भगवान गोपीनाथ माधवेन्द्र पुरी के लिए रात को चोरी से खीर (मिठाई) चुराते थे, इसीलिए इन्हें ‘खीर-चोर’ कहते हैं।

श्री चैतन्य महाप्रभु भी इस मंदिर में आए थे और यहाँ प्रसाद ग्रहण किया था। यह मंदिर उनकी यात्रा का प्रमाण भी है। जन्माष्टमी पर यहाँ भव्य उत्सव होता है। यहाँ का खीर प्रसाद विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

स्थान:Google Maps पर देखें – खिराचोर गोपीनाथ मंदिर, रेमुना (Khirachora Gopinath Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान श्री कृष्ण – गोपीनाथ (खीर-चोर)
पताRemuna, Balasore District, Odisha – 756019 (9 किमी)
दर्शन समयसुबह 5:00 AM – रात 10:00 PM
आरती समयमंगला आरती: 5:00 AM | भोग आरती: 11:00 AM | शाम संध्या: 7:00 PM | रात्रि आरती: 10:00 PM
बड़े त्योहारजन्माष्टमी, राधाष्टमी, रथ यात्रा, झुलन उत्सव
Balasore से दूरीबालासोर से 9 किमी
नजदीकी रेलवेबालासोर Station (9 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टभुवनेश्वर Airport (209 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (209 किमी)

रेल मार्ग:बालासोर Station (9 किमी)

सड़क मार्ग:बालासोर से 9 किमी

(स्रोत: Odisha Tourism – Balasore)

एमामी जगन्नाथ मंदिर (Emami Jagannath Temple)

एमामी जगन्नाथ मंदिर बालासोर का सबसे आधुनिक और भव्य मंदिर है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की परंपरा में बना यह मंदिर वास्तुकला और भक्ति का सुंदर संगम है।

रथ यात्रा के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। मंदिर का साफ-सुथरा परिसर और सुंदर प्रतिमाएं दर्शनीय हैं।

स्थान:Google Maps पर देखें – एमामी जगन्नाथ मंदिर (Emami Jagannath Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा
पताEmami Jagannath Mandir, Balasore, Odisha
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM
बड़े त्योहाररथ यात्रा, स्नान पूर्णिमा, जन्माष्टमी
Balasore से दूरीबालासोर Railway Station के पास
नजदीकी रेलवेबालासोर Station (1 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टभुवनेश्वर Airport (200 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (200 किमी)

रेल मार्ग:बालासोर Station (1 किमी)

सड़क मार्ग:बालासोर Railway Station के पास

(स्रोत: Odisha Tour – Balasore)

लंगलेश्वर शिव मंदिर (Langaleswar Temple)

लंगलेश्वर मंदिर एक अनोखी पौराणिक कथा से जुड़ा है – यहाँ भगवान शिव ने स्वयं हल चलाया था, इसी कारण उनका नाम ‘लंगलेश्वर’ (हल वाले) पड़ा। एक विशाल हल यहाँ प्रतीक स्वरूप रखा गया है।

महाशिवरात्रि पर यहाँ बड़ा उत्सव होता है और सैकड़ों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। शांत ग्रामीण वातावरण में यह मंदिर एक विशेष अनुभव देता है।

स्थान:Google Maps पर देखें – लंगलेश्वर शिव मंदिर (Langaleswar Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान शिव – लंगलेश्वर (हल रूप)
पताLangaleswar, Jaleswar Block, Balasore District, Odisha (43 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – शाम 6:30 PM
आरती समयसुबह अभिषेक: 6:30 AM | शाम आरती: 6:00 PM
बड़े त्योहारमहाशिवरात्रि, श्रावण सोमवार
Balasore से दूरीबालासोर से 43 किमी | जलेश्वर से 30 किमी
नजदीकी रेलवेजलेश्वर Station (30 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टभुवनेश्वर Airport (220 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (220 किमी)

रेल मार्ग:जलेश्वर Station (30 किमी)

सड़क मार्ग:बालासोर से 43 किमी | जलेश्वर से 30 किमी

(स्रोत: Odisha Tour – Balasore)

भुधारा चंडी मंदिर, निलगिरि (Bhudhara Chandi Temple)

भुधारा चंडी मंदिर गंग वंश के राजा बसंत भुजंग मंधाता ने एक शताब्दी पूर्व बनवाया था। पञ्चलिंगेश्वर यात्रा के रास्ते में स्थित यह मंदिर दोनों तीर्थों को एक साथ देखने का अवसर देता है।

नवरात्रि में यहाँ ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों से भक्त आते हैं। पहाड़ी स्थान होने से यहाँ का वातावरण शांत और प्रकृति सुंदर दिखती है।

स्थान:Google Maps पर देखें – भुधारा चंडी मंदिर, निलगिरि (Bhudhara Chandi Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ भुधारा चंडी (दुर्गा स्वरूप)
पताBhudhara, Nilagiri, Balasore District, Odisha – 756040 (28 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – शाम 7:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम महाआरती: 6:30 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि (विशाल मेला), दुर्गा पूजा
Balasore से दूरीबालासोर से 28 किमी | निलगिरि से 5 किमी
नजदीकी रेलवेबालासोर Station (28 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टभुवनेश्वर Airport (210 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (210 किमी)

रेल मार्ग:बालासोर Station (28 किमी)

सड़क मार्ग:बालासोर से 28 किमी | निलगिरि से 5 किमी

(स्रोत: Odisha Tour – Balasore Temples)

Travel Tips – Balasore यात्रा के लिए सुझाव

कब जाएं? (Best Time to Visit)

  • अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
  • नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव और माहौल।
  • सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।

अन्य सुझाव

  • शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
  • पहाड़ी मंदिरों में आरामदायक जूते और पानी साथ रखें।
  • Balasore का स्थानीय खाना जरूर चखें।

Balasore का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?

पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple) Balasore का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।

Balasore मंदिर का Darshan Time क्या है?

सुबह 7:00 AM – शाम 6:00 PM

Balasore कैसे पहुँचें?

हवाई – भुवनेश्वर बीजू पटनायक हवाई अड्डा (200 किमी) | रेल – बालासोर रेलवे स्टेशन

Balasore जाने का सबसे अच्छा समय?

अक्टूबर से मार्च के बीच। नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव।

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Balaghat के प्रसिद्ध मंदिर – Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide

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Top 10 Temples in Balaghat

बालाघाट – मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्व में स्थित यह जिला वैनगंगा नदी के किनारे बसा है। घने जंगलों, कान्हा टाइगर रिजर्व और खनिज संपदा के साथ-साथ बालाघाट की धार्मिक विरासत भी अत्यंत समृद्ध है। यहाँ के मंदिरों में गोंड, मराठा और प्राचीन हिंदू परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

रामपायली मंदिर, जवालादेवी, माँ कालीपथ और लाँजी का किला-मंदिर – ये बालाघाट के वे स्थल हैं जहाँ आस्था और प्रकृति एक साथ मिलते हैं। अगर आप कान्हा टाइगर रिजर्व घूमने आएं तो इन मंदिरों के दर्शन भी जरूर करें।

Balaghat के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में

  • 1. रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir)
  • 2. माँ जवालादेवी मंदिर, भरवेली (Jwaladevi Temple)
  • 3. माँ कालीपथ मंदिर (Maa Kalipath Temple)
  • 4. लाँजी किला मंदिर – महामाया और महादेव (Lanji Fort Temple)
  • 5. नहलेसरा मंदिर – अम्मा माई (Nahlesara Amma Mai Temple)

रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir)

रामपायली मंदिर बालाघाट का सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। स्थानीय मान्यता के अनुसार 14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान राम के पदचिन्ह यहाँ पड़े थे, इसीलिए इस स्थान का नाम ‘रामपायली’ (राम के पाँव) पड़ा। लगभग 600 वर्ष पूर्व मराठा भोंसले वंश ने इस मंदिर का निर्माण नदी तट पर वैज्ञानिक पद्धति से किया था।

एक अनोखी विशेषता यह है कि सूर्य की पहली किरण सीधे भगवान राम के चरणों पर पड़ती है। मंदिर के पास हनुमान मंदिर भी है जो समग्र दर्शन को पूर्ण करता है। राम नवमी पर यहाँ विशाल मेला लगता है।

स्थान:Google Maps पर देखें – रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान राम, सीता और बालाजी
पताRampayali, Balaghat City Centre, Madhya Pradesh – 481001
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM
बड़े त्योहारराम नवमी, दीपावली, राम बारात
Balaghat से दूरीबालाघाट शहर के केंद्र में
नजदीकी रेलवेबालाघाट Station (1 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टजबलपुर Airport (170 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (170 किमी)

रेल मार्ग:बालाघाट Station (1 किमी)

सड़क मार्ग:बालाघाट शहर के केंद्र में

(स्रोत: Balaghat District Official)

माँ जवालादेवी मंदिर, भरवेली (Jwaladevi Temple)

भरवेली क्षेत्र की पहाड़ी पर स्थित माँ ज्वालादेवी और उनके भाई गोमजी-सोमजी का मंदिर बालाघाट का प्रमुख शक्ति तीर्थ है। पहाड़ी पर स्थित होने से यहाँ का दृश्य बेहद सुंदर होता है।

नवरात्रि में यहाँ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों से हजारों भक्त आते हैं। पहाड़ी चढ़ाई थोड़ी कठिन है लेकिन माँ के दर्शन के बाद सारी थकान छू-मंतर हो जाती है।

स्थान:Google Maps पर देखें – माँ जवालादेवी मंदिर, भरवेली (Jwaladevi Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ ज्वालादेवी (दुर्गा स्वरूप)
पताBharveli Region, Balaghat District, MP (10 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – शाम 7:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि (हजारों भक्त MP और महाराष्ट्र से)
Balaghat से दूरीबालाघाट से 10 किमी
नजदीकी रेलवेबालाघाट Station (10 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टजबलपुर Airport (180 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (180 किमी)

रेल मार्ग:बालाघाट Station (10 किमी)

सड़क मार्ग:बालाघाट से 10 किमी

(स्रोत: Balaghat Places of Interest)

माँ कालीपथ मंदिर (Maa Kalipath Temple)

माँ कालीपथ मंदिर बालाघाट के वन क्षेत्र में स्थित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार माँ की प्रतिमा स्वयं धरती से प्रकट हुई थी और धीरे-धीरे ऊपर आती जा रही है। यह अनोखी मान्यता इस मंदिर को विशेष बनाती है।

शांत वन्य वातावरण में स्थित यह मंदिर प्रकृति प्रेमियों और भक्तों दोनों को आकर्षित करता है। नवरात्रि में यहाँ विशेष पूजा और जागरण का आयोजन होता है।

स्थान:Google Maps पर देखें – माँ कालीपथ मंदिर (Maa Kalipath Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ काली (स्वयंभू प्रतिमा)
पताForest Colony, Balaghat District, MP
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि, काली पूजा
Balaghat से दूरीबालाघाट शहर के भीतर
नजदीकी रेलवेबालाघाट Station (3 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टजबलपुर Airport (170 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (170 किमी)

रेल मार्ग:बालाघाट Station (3 किमी)

सड़क मार्ग:बालाघाट शहर के भीतर

(स्रोत: Balaghat Tourism)

लाँजी किला मंदिर – महामाया और महादेव (Lanji Fort Temple)

लाँजी का किला और उसके भीतर स्थित मंदिर 12वीं शताब्दी के हैं और इनका संबंध गोंड राजवंश से है। घने जंगल में स्थित इस किले में महामाया, महादेव सहित अनेक प्राचीन मूर्तियाँ हैं।

लाँजी प्रकृति और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। कान्हा टाइगर रिजर्व के रास्ते में आने वाले पर्यटक यहाँ अवश्य रुकते हैं।

स्थान:Google Maps पर देखें – लाँजी किला मंदिर – महामाया और महादेव (Lanji Fort Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ महामाया, भगवान महादेव
पताLanji Tehsil, Balaghat District, MP (58 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM
आरती समयसुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 5:30 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि, महाशिवरात्रि
Balaghat से दूरीबालाघाट से 58 किमी
नजदीकी रेलवेबालाघाट Station (58 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टजबलपुर Airport (170 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (170 किमी)

रेल मार्ग:बालाघाट Station (58 किमी)

सड़क मार्ग:बालाघाट से 58 किमी

(स्रोत: Travelladda – Balaghat)

नहलेसरा मंदिर – अम्मा माई (Nahlesara Amma Mai Temple)

नहलेसरा बाँध के पीछे 1 किमी की दूरी पर माँ अम्मा माई का प्राकृतिक मंदिर है। बाँध का सुंदर जलाशय और हरा-भरा वातावरण इस मंदिर को एक अनोखा रूप देता है।

यहाँ आकर माँ के दर्शन करें और बाँध का सुंदर नजारा देखें – दोनों मिलाकर एक अविस्मरणीय अनुभव बनते हैं। नवरात्रि में यहाँ स्थानीय भक्तों की विशेष भीड़ होती है।

स्थान:Google Maps पर देखें – नहलेसरा मंदिर – अम्मा माई (Nahlesara Amma Mai Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ अम्मा माई (ग्राम देवी)
पताNahlesara Dam area, Balaghat District, MP (58 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM
आरती समयसुबह पूजा: 7:00 AM | शाम आरती: 5:30 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि, स्थानीय यात्रा उत्सव
Balaghat से दूरीबालाघाट से 58 किमी
नजदीकी रेलवेबालाघाट Station (58 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टजबलपुर Airport (160 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (160 किमी)

रेल मार्ग:बालाघाट Station (58 किमी)

सड़क मार्ग:बालाघाट से 58 किमी

(स्रोत: Balaghat District Official)

Travel Tips – Balaghat यात्रा के लिए सुझाव

कब जाएं? (Best Time to Visit)

  • अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
  • नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव और माहौल।
  • सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।

अन्य सुझाव

  • शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
  • पहाड़ी मंदिरों में आरामदायक जूते और पानी साथ रखें।
  • Balaghat का स्थानीय खाना जरूर चखें।

Balaghat का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?

रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir) Balaghat का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।

Balaghat मंदिर का Darshan Time क्या है?

सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM

Balaghat कैसे पहुँचें?

हवाई – जबलपुर हवाई अड्डा (170 किमी) | रेल – बालाघाट रेलवे स्टेशन

Balaghat जाने का सबसे अच्छा समय?

अक्टूबर से मार्च के बीच। नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव।

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Baijnath के प्रसिद्ध मंदिर – Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide

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Baijnath Temple Himachal Pradesh

बैजनाथ – हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में बिनवा नदी के तट पर धौलाधार पर्वत की गोद में बसा यह नगर ‘वैद्यनाथ’ यानी ‘चिकित्सा के देवता’ भगवान शिव की भूमि है। 1204 ई. में बना बैजनाथ मंदिर 800 से अधिक वर्षों से अपने मूल स्वरूप में खड़ा है।

यहाँ की एक अनोखी परंपरा है – दशहरे पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता क्योंकि रावण यहाँ का परम भक्त माना जाता है। बीर-बिलिंग (19 किमी) और पालमपुर (16 किमी) के पास होने से यह आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन का आदर्श केंद्र है।

Baijnath के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में

  • 1. बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple)
  • 2. चामुंडा देवी मंदिर (Chamunda Devi Temple)
  • 3. ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi – 51 Shakti Peeth)
  • 4. बृजेश्वरी देवी मंदिर, काँगड़ा (Brajeshwari Devi – Shakti Peeth)
  • 5. महारानी मंदिर, गुलमर्ग (Maharani Temple Gulmarg)

बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple)

बैजनाथ मंदिर 1204 ई. में व्यापारियों अहुका और मन्युका ने बनवाया था – यह ASI संरक्षित ‘National Monument’ है। नागर शैली का यह मंदिर 800+ वर्षों से मूल स्वरूप में है। पौराणिक कथा के अनुसार रावण ने कैलाश से लाया शिवलिंग यहाँ जमीन पर रख दिया जो स्थायी रूप से अर्धनारीश्वर रूप में स्थापित हो गया।

मंदिर की दीवारों पर संस्कृत और पहाड़ी भाषा में दो बड़े शिलालेख हैं जो इसकी प्राचीनता का प्रमाण हैं। (स्रोत: Wikipedia – Baijnath Temple)

स्थान:Google Maps पर देखें – बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान शिव – वैद्यनाथ, अर्धनारीश्वर शिवलिंग
पताBaijnath Town, Kangra, HP – 176125 (Palampur से 16 किमी)
दर्शन समयगर्मी: 4:00 AM-8:45 PM | सर्दी: 5:30 AM-8:00 PM
आरती समयसुबह: 5:15 AM | भोग: 11:45 AM | शाम: 7:15 PM
बड़े त्योहारमहाशिवरात्रि (5 दिन राज्यस्तरीय उत्सव), श्रावण सोमवार। दशहरा यहाँ नहीं मनाया जाता।
Baijnath से दूरीपालमपुर 16 किमी | धर्मशाला 54 किमी | बीर 19 किमी
नजदीकी रेलवेबैजनाथ-पपरोला Station (3 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टकाँगड़ा Airport (50 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (50 किमी)

रेल मार्ग:बैजनाथ-पपरोला Station (3 किमी)

सड़क मार्ग:पालमपुर 16 किमी | धर्मशाला 54 किमी | बीर 19 किमी

चामुंडा देवी मंदिर (Chamunda Devi Temple)

चामुंडा देवी मंदिर काँगड़ा घाटी का सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। बाणगंगा नदी के तट पर घने जंगल में स्थित यह मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है।

नवरात्रि में यहाँ हजारों भक्त आते हैं। बंदरों से प्रसाद बचाकर रखें।

स्थान:Google Maps पर देखें – चामुंडा देवी मंदिर (Chamunda Devi Temple) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ चामुंडा देवी (दुर्गा का रूप)
पताChamunda Devi, Palampur, Kangra (22 किमी)
दर्शन समयसुबह 5:00 AM – शाम 8:00 PM
आरती समयसुबह: 5:30 AM | शाम: 7:00 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि, दुर्गा अष्टमी
Baijnath से दूरीबैजनाथ से 22 किमी
नजदीकी रेलवेपपरोला (20 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टकाँगड़ा Airport (37 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (37 किमी)

रेल मार्ग:पपरोला (20 किमी)

सड़क मार्ग:बैजनाथ से 22 किमी

(स्रोत: HP Tourism)

ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi – 51 Shakti Peeth)

ज्वालामुखी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है जहाँ बिना किसी ईंधन के प्राकृतिक गैस की ज्वाला निरंतर जलती रहती है – यह एक अद्भुत प्राकृतिक चमत्कार है।

नवरात्रि पर यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं। बैजनाथ यात्रा के साथ ज्वालामुखी दर्शन जोड़ना बेहद फायदेमंद है।

स्थान:Google Maps पर देखें – ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi – 51 Shakti Peeth) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ ज्वालामुखी (51 शक्तिपीठों में)
पताJwalamukhi, Kangra District (60 किमी)
दर्शन समयसुबह 5:00 AM – रात 10:00 PM
आरती समयसुबह: 5:30 AM | शाम: 7:30 PM | रात: 10:00 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि (लाखों भक्त), ज्वाला जी मेला
Baijnath से दूरीबैजनाथ से 60 किमी
नजदीकी रेलवेज्वालामुखी Road Station (25 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टकाँगड़ा Airport (35 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (35 किमी)

रेल मार्ग:ज्वालामुखी Road Station (25 किमी)

सड़क मार्ग:बैजनाथ से 60 किमी

(स्रोत: HP Tourism)

बृजेश्वरी देवी मंदिर, काँगड़ा (Brajeshwari Devi – Shakti Peeth)

बृजेश्वरी देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है जहाँ माता सती की छाती गिरी थी। काँगड़ा किले के पास स्थित यह मंदिर काँगड़ा घाटी का प्रमुख धार्मिक केंद्र है।

बैजनाथ से एक दिन में काँगड़ा जाया जा सकता है। काँगड़ा किला और चाय के बागान भी पास में हैं।

स्थान:Google Maps पर देखें – बृजेश्वरी देवी मंदिर, काँगड़ा (Brajeshwari Devi – Shakti Peeth) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवतामाँ बृजेश्वरी देवी (51 शक्तिपीठ)
पताKangra, Kangra District (55 किमी)
दर्शन समयसुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM
आरती समयसुबह: 5:30 AM | शाम महाआरती: 8:00 PM
बड़े त्योहारनवरात्रि
Baijnath से दूरीबैजनाथ से 55 किमी
नजदीकी रेलवेकाँगड़ा Mandir Station (1 किमी – Toy Train)
नजदीकी एयरपोर्टकाँगड़ा Airport (15 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (15 किमी)

रेल मार्ग:काँगड़ा Mandir Station (1 किमी – Toy Train)

सड़क मार्ग:बैजनाथ से 55 किमी

(स्रोत: HP Tourism)

महारानी मंदिर, गुलमर्ग (Maharani Temple Gulmarg)

हिमाचल के बैजनाथ के आसपास काँगड़ा घाटी में Masrur Rock-Cut Temples (40 किमी) भी हैं जो 8वीं शताब्दी के अद्भुत मंदिर हैं। ASI द्वारा संरक्षित ये मंदिर पत्थर काटकर बनाए गए हैं।

बैजनाथ यात्रा को Masrur, Bir Billing और धर्मशाला के साथ जोड़कर काँगड़ा की एक शानदार धार्मिक-पर्यटन यात्रा की जा सकती है।

स्थान:Google Maps पर देखें – महारानी मंदिर, गुलमर्ग (Maharani Temple Gulmarg) Location

मंदिर की जानकारी | Temple Information

देवताभगवान शिव
पताGulmarg Town, Baramulla, J&K (Baijnath से ~200 किमी)
दर्शन समयसुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM
आरती समयसुबह: 6:30 AM | शाम: 5:30 PM
बड़े त्योहारमहाशिवरात्रि
Baijnath से दूरीबैजनाथ यात्रा के सन्दर्भ में – Dharamshala 50 किमी
नजदीकी रेलवेपपरोला (3 किमी)
नजदीकी एयरपोर्टकाँगड़ा Airport (50 किमी)

कैसे पहुँचें | How to Reach

हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (50 किमी)

रेल मार्ग:पपरोला (3 किमी)

सड़क मार्ग:बैजनाथ यात्रा के सन्दर्भ में – Dharamshala 50 किमी

(स्रोत: HP Tourism – Masrur)

Travel Tips – Baijnath यात्रा के लिए सुझाव

कब जाएं? (Best Time to Visit)

  • अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
  • प्रमुख त्योहारों – नवरात्रि, महाशिवरात्रि, रथ यात्रा – पर विशेष उत्सव।
  • सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।

अन्य सुझाव

  • शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
  • Baijnath का स्थानीय खाना जरूर चखें।
  • पहाड़ी मंदिरों में पानी साथ रखें।

Baijnath का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?

उत्तर: बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple) Baijnath का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।

Baijnath मंदिर का Darshan Time क्या है?

 गर्मी: 4:00 AM-8:45 PM | सर्दी: 5:30 AM-8:00 PM

Baijnath कैसे पहुँचें?

हवाई – काँगड़ा एयरपोर्ट गग्गल (50 किमी) | रेल – बैजनाथ-पपरोला Station (3 किमी)

Baijnath जाने का सबसे अच्छा समय?

अक्टूबर से मार्च। प्रमुख त्योहारों पर विशेष अनुभव।

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