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Balasore के प्रसिद्ध मंदिर: Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide (2026)
बालासोर (बालेश्वर) – ओडिशा के उत्तरी तट पर बंगाल की खाड़ी के किनारे बसा यह जिला धर्म, प्रकृति और इतिहास का अनूठा संगम है। पञ्चलिंगेश्वर की पहाड़ी, खिराचोर गोपीनाथ का चमत्कारी मंदिर और चाँदीपुर का अनोखा समुद्र तट – बालासोर को ओडिशा का एक विशेष तीर्थ बनाते हैं।
बालासोर से लगभग 30 किमी दूर पञ्चलिंगेश्वर का वह अनोखा मंदिर है जहाँ एक झरना स्वयं पाँच शिवलिंगों पर निरंतर अभिषेक करता रहता है। इसके साथ ही 9 किमी दूर रेमुना का खिराचोर गोपीनाथ मंदिर वैष्णव परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है।
Balasore के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple)
- 2. खिराचोर गोपीनाथ मंदिर, रेमुना (Khirachora Gopinath Temple)
- 3. एमामी जगन्नाथ मंदिर (Emami Jagannath Temple)
- 4. लंगलेश्वर शिव मंदिर (Langaleswar Temple)
- 5. भुधारा चंडी मंदिर, निलगिरि (Bhudhara Chandi Temple)
पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple)
पञ्चलिंगेश्वर मंदिर ओडिशा के सबसे अनोखे शिव मंदिरों में से एक है। देवगिरि पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर में एक झरने का पानी निरंतर पाँच प्राकृतिक शिवलिंगों पर बहता रहता है – यह प्रकृति द्वारा किया जाने वाला नित्य अभिषेक है।
पौराणिक मान्यता है कि ये पाँच शिवलिंग माँ सीता ने वनवास काल में स्थापित किए थे, और एक अन्य मान्यता के अनुसार राजा बाणासुर ने इन्हें स्थापित किया था। दर्शन के लिए पत्थर पर लेटकर अंदर झाँकना होता है – यह अनुभव अद्वितीय है। (स्रोत: Wikipedia – Panchalingeswar Temple)
स्थान:Google Maps पर देखें – पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव – पाँच स्वयंभू शिवलिंग |
| पता | Devgiri Hill, near Nilagiri, Balasore District, Odisha – 756040 (30 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 7:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 7:00 AM | शाम आरती: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि (लाखों भक्त), चैत्र मेला, श्रावण मास |
| Balasore से दूरी | बालासोर से 30 किमी | Nilagiri से 10 किमी |
| नजदीकी रेलवे | जलेश्वर Station (31 किमी) | बालासोर Station (30 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | भुवनेश्वर Airport (200 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (200 किमी)
रेल मार्ग:जलेश्वर Station (31 किमी) | बालासोर Station (30 किमी)
सड़क मार्ग:बालासोर से 30 किमी | Nilagiri से 10 किमी
खिराचोर गोपीनाथ मंदिर, रेमुना (Khirachora Gopinath Temple)
रेमुना का खिराचोर गोपीनाथ मंदिर वैष्णव परंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ है। इस मंदिर की एक विशेष कहानी है – भगवान गोपीनाथ माधवेन्द्र पुरी के लिए रात को चोरी से खीर (मिठाई) चुराते थे, इसीलिए इन्हें ‘खीर-चोर’ कहते हैं।
श्री चैतन्य महाप्रभु भी इस मंदिर में आए थे और यहाँ प्रसाद ग्रहण किया था। यह मंदिर उनकी यात्रा का प्रमाण भी है। जन्माष्टमी पर यहाँ भव्य उत्सव होता है। यहाँ का खीर प्रसाद विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान श्री कृष्ण – गोपीनाथ (खीर-चोर) |
| पता | Remuna, Balasore District, Odisha – 756019 (9 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 10:00 PM |
| आरती समय | मंगला आरती: 5:00 AM | भोग आरती: 11:00 AM | शाम संध्या: 7:00 PM | रात्रि आरती: 10:00 PM |
| बड़े त्योहार | जन्माष्टमी, राधाष्टमी, रथ यात्रा, झुलन उत्सव |
| Balasore से दूरी | बालासोर से 9 किमी |
| नजदीकी रेलवे | बालासोर Station (9 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | भुवनेश्वर Airport (209 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (209 किमी)
रेल मार्ग:बालासोर Station (9 किमी)
सड़क मार्ग:बालासोर से 9 किमी
(स्रोत: Odisha Tourism – Balasore)
एमामी जगन्नाथ मंदिर (Emami Jagannath Temple)
एमामी जगन्नाथ मंदिर बालासोर का सबसे आधुनिक और भव्य मंदिर है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर की परंपरा में बना यह मंदिर वास्तुकला और भक्ति का सुंदर संगम है।
रथ यात्रा के दौरान यहाँ बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। मंदिर का साफ-सुथरा परिसर और सुंदर प्रतिमाएं दर्शनीय हैं।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा |
| पता | Emami Jagannath Mandir, Balasore, Odisha |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | रथ यात्रा, स्नान पूर्णिमा, जन्माष्टमी |
| Balasore से दूरी | बालासोर Railway Station के पास |
| नजदीकी रेलवे | बालासोर Station (1 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | भुवनेश्वर Airport (200 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (200 किमी)
रेल मार्ग:बालासोर Station (1 किमी)
सड़क मार्ग:बालासोर Railway Station के पास
(स्रोत: Odisha Tour – Balasore)
लंगलेश्वर शिव मंदिर (Langaleswar Temple)
लंगलेश्वर मंदिर एक अनोखी पौराणिक कथा से जुड़ा है – यहाँ भगवान शिव ने स्वयं हल चलाया था, इसी कारण उनका नाम ‘लंगलेश्वर’ (हल वाले) पड़ा। एक विशाल हल यहाँ प्रतीक स्वरूप रखा गया है।
महाशिवरात्रि पर यहाँ बड़ा उत्सव होता है और सैकड़ों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। शांत ग्रामीण वातावरण में यह मंदिर एक विशेष अनुभव देता है।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव – लंगलेश्वर (हल रूप) |
| पता | Langaleswar, Jaleswar Block, Balasore District, Odisha (43 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:30 PM |
| आरती समय | सुबह अभिषेक: 6:30 AM | शाम आरती: 6:00 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, श्रावण सोमवार |
| Balasore से दूरी | बालासोर से 43 किमी | जलेश्वर से 30 किमी |
| नजदीकी रेलवे | जलेश्वर Station (30 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | भुवनेश्वर Airport (220 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (220 किमी)
रेल मार्ग:जलेश्वर Station (30 किमी)
सड़क मार्ग:बालासोर से 43 किमी | जलेश्वर से 30 किमी
(स्रोत: Odisha Tour – Balasore)
भुधारा चंडी मंदिर, निलगिरि (Bhudhara Chandi Temple)
भुधारा चंडी मंदिर गंग वंश के राजा बसंत भुजंग मंधाता ने एक शताब्दी पूर्व बनवाया था। पञ्चलिंगेश्वर यात्रा के रास्ते में स्थित यह मंदिर दोनों तीर्थों को एक साथ देखने का अवसर देता है।
नवरात्रि में यहाँ ओडिशा और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों से भक्त आते हैं। पहाड़ी स्थान होने से यहाँ का वातावरण शांत और प्रकृति सुंदर दिखती है।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ भुधारा चंडी (दुर्गा स्वरूप) |
| पता | Bhudhara, Nilagiri, Balasore District, Odisha – 756040 (28 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 7:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम महाआरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि (विशाल मेला), दुर्गा पूजा |
| Balasore से दूरी | बालासोर से 28 किमी | निलगिरि से 5 किमी |
| नजदीकी रेलवे | बालासोर Station (28 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | भुवनेश्वर Airport (210 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:भुवनेश्वर Airport (210 किमी)
रेल मार्ग:बालासोर Station (28 किमी)
सड़क मार्ग:बालासोर से 28 किमी | निलगिरि से 5 किमी
(स्रोत: Odisha Tour – Balasore Temples)
Travel Tips – Balasore यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
- नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव और माहौल।
- सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।
अन्य सुझाव
- शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- पहाड़ी मंदिरों में आरामदायक जूते और पानी साथ रखें।
- Balasore का स्थानीय खाना जरूर चखें।
Balasore का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
पञ्चलिंगेश्वर मंदिर (Panchalingeswar Temple) Balasore का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।
Balasore मंदिर का Darshan Time क्या है?
सुबह 7:00 AM – शाम 6:00 PM
Balasore कैसे पहुँचें?
हवाई – भुवनेश्वर बीजू पटनायक हवाई अड्डा (200 किमी) | रेल – बालासोर रेलवे स्टेशन
Balasore जाने का सबसे अच्छा समय?
अक्टूबर से मार्च के बीच। नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव।
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Balaghat के प्रसिद्ध मंदिर – Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide

बालाघाट – मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्व में स्थित यह जिला वैनगंगा नदी के किनारे बसा है। घने जंगलों, कान्हा टाइगर रिजर्व और खनिज संपदा के साथ-साथ बालाघाट की धार्मिक विरासत भी अत्यंत समृद्ध है। यहाँ के मंदिरों में गोंड, मराठा और प्राचीन हिंदू परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
रामपायली मंदिर, जवालादेवी, माँ कालीपथ और लाँजी का किला-मंदिर – ये बालाघाट के वे स्थल हैं जहाँ आस्था और प्रकृति एक साथ मिलते हैं। अगर आप कान्हा टाइगर रिजर्व घूमने आएं तो इन मंदिरों के दर्शन भी जरूर करें।
Balaghat के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir)
- 2. माँ जवालादेवी मंदिर, भरवेली (Jwaladevi Temple)
- 3. माँ कालीपथ मंदिर (Maa Kalipath Temple)
- 4. लाँजी किला मंदिर – महामाया और महादेव (Lanji Fort Temple)
- 5. नहलेसरा मंदिर – अम्मा माई (Nahlesara Amma Mai Temple)
रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir)
रामपायली मंदिर बालाघाट का सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है। स्थानीय मान्यता के अनुसार 14 वर्ष के वनवास के दौरान भगवान राम के पदचिन्ह यहाँ पड़े थे, इसीलिए इस स्थान का नाम ‘रामपायली’ (राम के पाँव) पड़ा। लगभग 600 वर्ष पूर्व मराठा भोंसले वंश ने इस मंदिर का निर्माण नदी तट पर वैज्ञानिक पद्धति से किया था।
एक अनोखी विशेषता यह है कि सूर्य की पहली किरण सीधे भगवान राम के चरणों पर पड़ती है। मंदिर के पास हनुमान मंदिर भी है जो समग्र दर्शन को पूर्ण करता है। राम नवमी पर यहाँ विशाल मेला लगता है।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान राम, सीता और बालाजी |
| पता | Rampayali, Balaghat City Centre, Madhya Pradesh – 481001 |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | राम नवमी, दीपावली, राम बारात |
| Balaghat से दूरी | बालाघाट शहर के केंद्र में |
| नजदीकी रेलवे | बालाघाट Station (1 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | जबलपुर Airport (170 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (170 किमी)
रेल मार्ग:बालाघाट Station (1 किमी)
सड़क मार्ग:बालाघाट शहर के केंद्र में
(स्रोत: Balaghat District Official)
माँ जवालादेवी मंदिर, भरवेली (Jwaladevi Temple)
भरवेली क्षेत्र की पहाड़ी पर स्थित माँ ज्वालादेवी और उनके भाई गोमजी-सोमजी का मंदिर बालाघाट का प्रमुख शक्ति तीर्थ है। पहाड़ी पर स्थित होने से यहाँ का दृश्य बेहद सुंदर होता है।
नवरात्रि में यहाँ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों राज्यों से हजारों भक्त आते हैं। पहाड़ी चढ़ाई थोड़ी कठिन है लेकिन माँ के दर्शन के बाद सारी थकान छू-मंतर हो जाती है।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ ज्वालादेवी (दुर्गा स्वरूप) |
| पता | Bharveli Region, Balaghat District, MP (10 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 7:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि (हजारों भक्त MP और महाराष्ट्र से) |
| Balaghat से दूरी | बालाघाट से 10 किमी |
| नजदीकी रेलवे | बालाघाट Station (10 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | जबलपुर Airport (180 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (180 किमी)
रेल मार्ग:बालाघाट Station (10 किमी)
सड़क मार्ग:बालाघाट से 10 किमी
(स्रोत: Balaghat Places of Interest)
माँ कालीपथ मंदिर (Maa Kalipath Temple)
माँ कालीपथ मंदिर बालाघाट के वन क्षेत्र में स्थित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार माँ की प्रतिमा स्वयं धरती से प्रकट हुई थी और धीरे-धीरे ऊपर आती जा रही है। यह अनोखी मान्यता इस मंदिर को विशेष बनाती है।
शांत वन्य वातावरण में स्थित यह मंदिर प्रकृति प्रेमियों और भक्तों दोनों को आकर्षित करता है। नवरात्रि में यहाँ विशेष पूजा और जागरण का आयोजन होता है।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ काली (स्वयंभू प्रतिमा) |
| पता | Forest Colony, Balaghat District, MP |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, काली पूजा |
| Balaghat से दूरी | बालाघाट शहर के भीतर |
| नजदीकी रेलवे | बालाघाट Station (3 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | जबलपुर Airport (170 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (170 किमी)
रेल मार्ग:बालाघाट Station (3 किमी)
सड़क मार्ग:बालाघाट शहर के भीतर
(स्रोत: Balaghat Tourism)
लाँजी किला मंदिर – महामाया और महादेव (Lanji Fort Temple)
लाँजी का किला और उसके भीतर स्थित मंदिर 12वीं शताब्दी के हैं और इनका संबंध गोंड राजवंश से है। घने जंगल में स्थित इस किले में महामाया, महादेव सहित अनेक प्राचीन मूर्तियाँ हैं।
लाँजी प्रकृति और इतिहास प्रेमियों के लिए एक आदर्श गंतव्य है। कान्हा टाइगर रिजर्व के रास्ते में आने वाले पर्यटक यहाँ अवश्य रुकते हैं।
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मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ महामाया, भगवान महादेव |
| पता | Lanji Tehsil, Balaghat District, MP (58 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, महाशिवरात्रि |
| Balaghat से दूरी | बालाघाट से 58 किमी |
| नजदीकी रेलवे | बालाघाट Station (58 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | जबलपुर Airport (170 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (170 किमी)
रेल मार्ग:बालाघाट Station (58 किमी)
सड़क मार्ग:बालाघाट से 58 किमी
(स्रोत: Travelladda – Balaghat)
नहलेसरा मंदिर – अम्मा माई (Nahlesara Amma Mai Temple)
नहलेसरा बाँध के पीछे 1 किमी की दूरी पर माँ अम्मा माई का प्राकृतिक मंदिर है। बाँध का सुंदर जलाशय और हरा-भरा वातावरण इस मंदिर को एक अनोखा रूप देता है।
यहाँ आकर माँ के दर्शन करें और बाँध का सुंदर नजारा देखें – दोनों मिलाकर एक अविस्मरणीय अनुभव बनते हैं। नवरात्रि में यहाँ स्थानीय भक्तों की विशेष भीड़ होती है।
स्थान:Google Maps पर देखें – नहलेसरा मंदिर – अम्मा माई (Nahlesara Amma Mai Temple) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ अम्मा माई (ग्राम देवी) |
| पता | Nahlesara Dam area, Balaghat District, MP (58 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह पूजा: 7:00 AM | शाम आरती: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, स्थानीय यात्रा उत्सव |
| Balaghat से दूरी | बालाघाट से 58 किमी |
| नजदीकी रेलवे | बालाघाट Station (58 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | जबलपुर Airport (160 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:जबलपुर Airport (160 किमी)
रेल मार्ग:बालाघाट Station (58 किमी)
सड़क मार्ग:बालाघाट से 58 किमी
(स्रोत: Balaghat District Official)
Travel Tips – Balaghat यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
- नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव और माहौल।
- सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।
अन्य सुझाव
- शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- पहाड़ी मंदिरों में आरामदायक जूते और पानी साथ रखें।
- Balaghat का स्थानीय खाना जरूर चखें।
Balaghat का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
रामपायली मंदिर (Rampayali Ram Mandir) Balaghat का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।
Balaghat मंदिर का Darshan Time क्या है?
सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM
Balaghat कैसे पहुँचें?
हवाई – जबलपुर हवाई अड्डा (170 किमी) | रेल – बालाघाट रेलवे स्टेशन
Balaghat जाने का सबसे अच्छा समय?
अक्टूबर से मार्च के बीच। नवरात्रि और महाशिवरात्रि पर विशेष उत्सव।
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Baijnath के प्रसिद्ध मंदिर – Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide

बैजनाथ – हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा जिले में बिनवा नदी के तट पर धौलाधार पर्वत की गोद में बसा यह नगर ‘वैद्यनाथ’ यानी ‘चिकित्सा के देवता’ भगवान शिव की भूमि है। 1204 ई. में बना बैजनाथ मंदिर 800 से अधिक वर्षों से अपने मूल स्वरूप में खड़ा है।
यहाँ की एक अनोखी परंपरा है – दशहरे पर रावण का पुतला नहीं जलाया जाता क्योंकि रावण यहाँ का परम भक्त माना जाता है। बीर-बिलिंग (19 किमी) और पालमपुर (16 किमी) के पास होने से यह आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन का आदर्श केंद्र है।
Baijnath के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple)
- 2. चामुंडा देवी मंदिर (Chamunda Devi Temple)
- 3. ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi – 51 Shakti Peeth)
- 4. बृजेश्वरी देवी मंदिर, काँगड़ा (Brajeshwari Devi – Shakti Peeth)
- 5. महारानी मंदिर, गुलमर्ग (Maharani Temple Gulmarg)
बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple)
बैजनाथ मंदिर 1204 ई. में व्यापारियों अहुका और मन्युका ने बनवाया था – यह ASI संरक्षित ‘National Monument’ है। नागर शैली का यह मंदिर 800+ वर्षों से मूल स्वरूप में है। पौराणिक कथा के अनुसार रावण ने कैलाश से लाया शिवलिंग यहाँ जमीन पर रख दिया जो स्थायी रूप से अर्धनारीश्वर रूप में स्थापित हो गया।
मंदिर की दीवारों पर संस्कृत और पहाड़ी भाषा में दो बड़े शिलालेख हैं जो इसकी प्राचीनता का प्रमाण हैं। (स्रोत: Wikipedia – Baijnath Temple)
स्थान:Google Maps पर देखें – बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव – वैद्यनाथ, अर्धनारीश्वर शिवलिंग |
| पता | Baijnath Town, Kangra, HP – 176125 (Palampur से 16 किमी) |
| दर्शन समय | गर्मी: 4:00 AM-8:45 PM | सर्दी: 5:30 AM-8:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 5:15 AM | भोग: 11:45 AM | शाम: 7:15 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि (5 दिन राज्यस्तरीय उत्सव), श्रावण सोमवार। दशहरा यहाँ नहीं मनाया जाता। |
| Baijnath से दूरी | पालमपुर 16 किमी | धर्मशाला 54 किमी | बीर 19 किमी |
| नजदीकी रेलवे | बैजनाथ-पपरोला Station (3 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | काँगड़ा Airport (50 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (50 किमी)
रेल मार्ग:बैजनाथ-पपरोला Station (3 किमी)
सड़क मार्ग:पालमपुर 16 किमी | धर्मशाला 54 किमी | बीर 19 किमी
चामुंडा देवी मंदिर (Chamunda Devi Temple)
चामुंडा देवी मंदिर काँगड़ा घाटी का सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। बाणगंगा नदी के तट पर घने जंगल में स्थित यह मंदिर भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है।
नवरात्रि में यहाँ हजारों भक्त आते हैं। बंदरों से प्रसाद बचाकर रखें।
स्थान:Google Maps पर देखें – चामुंडा देवी मंदिर (Chamunda Devi Temple) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ चामुंडा देवी (दुर्गा का रूप) |
| पता | Chamunda Devi, Palampur, Kangra (22 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – शाम 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 5:30 AM | शाम: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, दुर्गा अष्टमी |
| Baijnath से दूरी | बैजनाथ से 22 किमी |
| नजदीकी रेलवे | पपरोला (20 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | काँगड़ा Airport (37 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (37 किमी)
रेल मार्ग:पपरोला (20 किमी)
सड़क मार्ग:बैजनाथ से 22 किमी
(स्रोत: HP Tourism)
ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi – 51 Shakti Peeth)
ज्वालामुखी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है जहाँ बिना किसी ईंधन के प्राकृतिक गैस की ज्वाला निरंतर जलती रहती है – यह एक अद्भुत प्राकृतिक चमत्कार है।
नवरात्रि पर यहाँ लाखों श्रद्धालु आते हैं। बैजनाथ यात्रा के साथ ज्वालामुखी दर्शन जोड़ना बेहद फायदेमंद है।
स्थान:Google Maps पर देखें – ज्वालामुखी मंदिर (Jwalamukhi – 51 Shakti Peeth) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ ज्वालामुखी (51 शक्तिपीठों में) |
| पता | Jwalamukhi, Kangra District (60 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 10:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 5:30 AM | शाम: 7:30 PM | रात: 10:00 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि (लाखों भक्त), ज्वाला जी मेला |
| Baijnath से दूरी | बैजनाथ से 60 किमी |
| नजदीकी रेलवे | ज्वालामुखी Road Station (25 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | काँगड़ा Airport (35 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (35 किमी)
रेल मार्ग:ज्वालामुखी Road Station (25 किमी)
सड़क मार्ग:बैजनाथ से 60 किमी
(स्रोत: HP Tourism)
बृजेश्वरी देवी मंदिर, काँगड़ा (Brajeshwari Devi – Shakti Peeth)
बृजेश्वरी देवी मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है जहाँ माता सती की छाती गिरी थी। काँगड़ा किले के पास स्थित यह मंदिर काँगड़ा घाटी का प्रमुख धार्मिक केंद्र है।
बैजनाथ से एक दिन में काँगड़ा जाया जा सकता है। काँगड़ा किला और चाय के बागान भी पास में हैं।
स्थान:Google Maps पर देखें – बृजेश्वरी देवी मंदिर, काँगड़ा (Brajeshwari Devi – Shakti Peeth) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ बृजेश्वरी देवी (51 शक्तिपीठ) |
| पता | Kangra, Kangra District (55 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 5:30 AM | शाम महाआरती: 8:00 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि |
| Baijnath से दूरी | बैजनाथ से 55 किमी |
| नजदीकी रेलवे | काँगड़ा Mandir Station (1 किमी – Toy Train) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | काँगड़ा Airport (15 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (15 किमी)
रेल मार्ग:काँगड़ा Mandir Station (1 किमी – Toy Train)
सड़क मार्ग:बैजनाथ से 55 किमी
(स्रोत: HP Tourism)
महारानी मंदिर, गुलमर्ग (Maharani Temple Gulmarg)
हिमाचल के बैजनाथ के आसपास काँगड़ा घाटी में Masrur Rock-Cut Temples (40 किमी) भी हैं जो 8वीं शताब्दी के अद्भुत मंदिर हैं। ASI द्वारा संरक्षित ये मंदिर पत्थर काटकर बनाए गए हैं।
बैजनाथ यात्रा को Masrur, Bir Billing और धर्मशाला के साथ जोड़कर काँगड़ा की एक शानदार धार्मिक-पर्यटन यात्रा की जा सकती है।
स्थान:Google Maps पर देखें – महारानी मंदिर, गुलमर्ग (Maharani Temple Gulmarg) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव |
| पता | Gulmarg Town, Baramulla, J&K (Baijnath से ~200 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 6:30 AM | शाम: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि |
| Baijnath से दूरी | बैजनाथ यात्रा के सन्दर्भ में – Dharamshala 50 किमी |
| नजदीकी रेलवे | पपरोला (3 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | काँगड़ा Airport (50 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:काँगड़ा Airport (50 किमी)
रेल मार्ग:पपरोला (3 किमी)
सड़क मार्ग:बैजनाथ यात्रा के सन्दर्भ में – Dharamshala 50 किमी
(स्रोत: HP Tourism – Masrur)
Travel Tips – Baijnath यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
- प्रमुख त्योहारों – नवरात्रि, महाशिवरात्रि, रथ यात्रा – पर विशेष उत्सव।
- सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।
अन्य सुझाव
- शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- Baijnath का स्थानीय खाना जरूर चखें।
- पहाड़ी मंदिरों में पानी साथ रखें।
Baijnath का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
उत्तर: बैजनाथ शिव मंदिर – वैद्यनाथ धाम (Baijnath Vaidyanath Temple) Baijnath का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।
Baijnath मंदिर का Darshan Time क्या है?
गर्मी: 4:00 AM-8:45 PM | सर्दी: 5:30 AM-8:00 PM
Baijnath कैसे पहुँचें?
हवाई – काँगड़ा एयरपोर्ट गग्गल (50 किमी) | रेल – बैजनाथ-पपरोला Station (3 किमी)
Baijnath जाने का सबसे अच्छा समय?
अक्टूबर से मार्च। प्रमुख त्योहारों पर विशेष अनुभव।
Temples
Bageshwar के प्रसिद्ध मंदिर – Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide

Bageshwar – परिचय | City Introduction
बागेश्वर – उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल में सरयू और गोमती नदियों के संगम पर बसा यह पवित्र नगर ‘कुमाऊँ का काशी’ कहलाता है। शहर का नाम स्वयं भगवान शिव के ‘बागनाथ’ स्वरूप से पड़ा है। यहाँ नदियों का कलकल संगीत, देवदार के जंगल और प्राचीन मंदिरों की श्रृंखला मन को अपूर्व शांति देती है।
बागेश्वर से 21 किमी दूर गरुड़ में एक और बैजनाथ मंदिर परिसर है। मध्य हिमालय की इस भूमि पर आएं तो Bageshwar की यात्रा एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बनती है।
Bageshwar के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. बागनाथ मंदिर (Bagnath Temple)
- 2. चंडिका देवी मंदिर (Chandika Devi)
- 3. गौरी उदियार गुफा मंदिर (Gauri Udiyar)
- 4. बैजनाथ मंदिर, गरुड़ (Baijnath Temple Garur)
- 5. कपिलेश्वर महादेव मंदिर (Kapileshwar Mahadev)
बागनाथ मंदिर (Bagnath Temple)
बागनाथ मंदिर सरयू-गोमती संगम पर स्थित उत्तराखंड के प्राचीनतम शिव मंदिरों में से एक है। वर्तमान नागर शैली की इमारत 1450 ई. में कुमाऊँ के राजा लक्ष्मी चंद ने बनवाई थी। ऋषि मार्कंडेय की तपस्या से प्रसन्न भगवान शिव यहाँ बाघ रूप में प्रकट हुए थे – इसीलिए इनका नाम बागनाथ पड़ा।
मंदिर में असंख्य घंटियाँ और भव्य नक्काशी है। महाशिवरात्रि पर लाखों भक्त यहाँ आते हैं। (स्रोत: Wikipedia – Bagnath Temple)
स्थान:Google Maps पर देखें – बागनाथ मंदिर (Bagnath Temple) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव – व्याघ्रेश्वर |
| पता | Bagnath Road, Bageshwar – 263642 |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 5:30 AM | शाम: 6:30 PM | रात्रि: 8:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि (विशाल मेला), उत्तरायणी मेला |
| Bageshwar से दूरी | संगम तट पर – शहर के केंद्र में |
| नजदीकी रेलवे | काठगोदाम (151 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पंतनगर Airport (185 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पंतनगर Airport (185 किमी)
रेल मार्ग:काठगोदाम (151 किमी)
सड़क मार्ग:संगम तट पर – शहर के केंद्र में
चंडिका देवी मंदिर (Chandika Devi)
माँ चंडिका देवी का मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जहाँ से पूरी बागेश्वर घाटी का विहंगम दृश्य दिखता है। यह शहर का प्रमुख शक्ति मंदिर है।
नवरात्रि में यहाँ दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। पहाड़ी पर चढ़ाई करते समय रास्ते में बाँज-बुराँश के जंगल मन को सुकून देते हैं।
स्थान:Google Maps पर देखें – चंडिका देवी मंदिर (Chandika Devi) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ चंडिका देवी |
| पता | Chandika Hill, Bageshwar |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 6:30 AM | शाम: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, चैत्र नवरात्रि |
| Bageshwar से दूरी | बागेश्वर से 1 किमी |
| नजदीकी रेलवे | काठगोदाम (151 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पंतनगर (185 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पंतनगर (185 किमी)
रेल मार्ग:काठगोदाम (151 किमी)
सड़क मार्ग:बागेश्वर से 1 किमी
(स्रोत: Uttarakhand Tourism)
गौरी उदियार गुफा मंदिर (Gauri Udiyar)
गौरी उदियार सरयू नदी के तट पर एक प्राकृतिक गुफा मंदिर है। यहाँ पहुँचने के लिए नदी पार करनी पड़ती है जो एक रोमांचक अनुभव है।
गुफा के अंदर शिवलिंग प्राकृतिक रूप से स्थापित है। प्रकृति और आस्था का यह संगम अनूठा है।
स्थान:Google Maps पर देखें – गौरी उदियार गुफा मंदिर (Gauri Udiyar) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ गौरी और भगवान शिव |
| पता | Gauri Udiyar, Bageshwar (7 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 5:30 PM |
| आरती समय | सुबह: 6:30 AM | शाम: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, नवरात्रि |
| Bageshwar से दूरी | बागेश्वर से 7 किमी |
| नजदीकी रेलवे | काठगोदाम (158 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पंतनगर (192 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पंतनगर (192 किमी)
रेल मार्ग:काठगोदाम (158 किमी)
सड़क मार्ग:बागेश्वर से 7 किमी
(स्रोत: Bageshwar District)
बैजनाथ मंदिर, गरुड़ (Baijnath Temple Garur)
गरुड़ क्षेत्र में 12वीं-13वीं सदी के बैजनाथ मंदिर समूह हैं जो शिव के वैद्यनाथ स्वरूप को समर्पित हैं। यह मंदिर बागेश्वर यात्रा का अनिवार्य पड़ाव है।
बागेश्वर से कौसानी जाने के रास्ते में यह मंदिर पड़ता है। इतिहास और आस्था का यह केंद्र हर भक्त को खींचता है।
स्थान:Google Maps पर देखें – बैजनाथ मंदिर, गरुड़ (Baijnath Temple Garur) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव – वैद्यनाथ |
| पता | Garur, Bageshwar District (21 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 6:00 AM | शाम: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, श्रावण मास |
| Bageshwar से दूरी | बागेश्वर से 21 किमी |
| नजदीकी रेलवे | काठगोदाम (130 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पंतनगर (165 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पंतनगर (165 किमी)
रेल मार्ग:काठगोदाम (130 किमी)
सड़क मार्ग:बागेश्वर से 21 किमी
(स्रोत: Bageshwar District Official)
कपिलेश्वर महादेव मंदिर (Kapileshwar Mahadev)
कपिलेश्वर महादेव मंदिर नदी तट के पास स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर है जिसका सम्बन्ध महर्षि कपिल से माना जाता है।
श्रावण मास में सोमवार को यहाँ जलाभिषेक के लिए विशेष भीड़ होती है।
स्थान:Google Maps पर देखें – कपिलेश्वर महादेव मंदिर (Kapileshwar Mahadev) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव – कपिलेश्वर |
| पता | Kapileshwar, Bageshwar |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – शाम 7:00 PM |
| आरती समय | सुबह: 5:30 AM | शाम: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, श्रावण सोमवार |
| Bageshwar से दूरी | बागेश्वर शहर में |
| नजदीकी रेलवे | काठगोदाम (151 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पंतनगर (185 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पंतनगर (185 किमी)
रेल मार्ग:काठगोदाम (151 किमी)
सड़क मार्ग:बागेश्वर शहर में
(स्रोत: Bageshwar Temples)
Travel Tips – Bageshwar यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम सुहाना, यात्रा आरामदायक।
- प्रमुख त्योहारों – नवरात्रि, महाशिवरात्रि, रथ यात्रा – पर विशेष उत्सव।
- सुबह जल्दी जाएं – कम भीड़, शांत वातावरण।
अन्य सुझाव
- शालीन वस्त्र पहनें, जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- Bageshwar का स्थानीय खाना जरूर चखें।
- पहाड़ी मंदिरों में पानी साथ रखें।
Bageshwar का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
बागनाथ मंदिर (Bagnath Temple) Bageshwar का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है।
Bageshwar मंदिर का Darshan Time क्या है?
सुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM
Bageshwar कैसे पहुँचें?
हवाई – पंतनगर हवाई अड्डा (185 किमी) | रेल – काठगोदाम रेलवे स्टेशन (151 किमी)
Bageshwar जाने का सबसे अच्छा समय?
अक्टूबर से मार्च। प्रमुख त्योहारों पर विशेष अनुभव।
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