Puja Vidhi
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – भगवान गणेश पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड
गणेश चतुर्थी – भगवान गणेश का जन्मोत्सव। 10 दिन का यह महोत्सव घर में गणपति स्थापना से शुरू होकर विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) पर समाप्त होता है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान गणेश |
| पूजन दिन | 22 अगस्त 2026 |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | गणेश चालीसा |
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- गणेश जी की मूर्ति (मिट्टी की)
- लाल फूल, दूर्वा (घास)
- मोदक – लड्डू (21 या 11)
- पान, सुपारी, नारियल
- रोली, अक्षत, सिंदूर
- घी का दीप और अगरबत्ती
- लाल कपड़ा और सिंहासन
- पंचामृत
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- गणेश चतुर्थी (22 अगस्त 2026) को प्रातःकाल मूर्ति लाएं।
- पूजन चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्ति स्थापित करें।
- पंचामृत से अभिषेक।
- दूर्वा अर्पित करें – 21 दूर्वा विशेष शुभ।
- लाल फूल, सिंदूर और अक्षत चढ़ाएं।
- मोदक का भोग – 21 मोदक।
- ‘ॐ गण गणपतये नमः’ का जाप।
- गणेश आरती गाएं।
- 10 दिन प्रतिदिन पूजन।
- अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) को विसर्जन।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| दूर्वा जरूर चढ़ाएं | तुलसी गणेश जी को वर्जित है |
| मिट्टी की मूर्ति खरीदें | प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर्यावरण के लिए हानिकारक |
| चंद्रमा न देखें (चतुर्थी पर) | गणेश जी ने चंद्रमा को शाप दिया था |
| विसर्जन प्रेम से करें | जल में सही विसर्जन करें |
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
22 अगस्त 2026।
गणेश जी को क्या प्रिय है?
मोदक, लड्डू और दूर्वा घास।
10 दिन या 1.5 दिन?
परंपरा के अनुसार – 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिन।
गणेश विसर्जन कब?
अनंत चतुर्दशी – 25 सितंबर 2026।
Sharandham पर और भी पढ़ें
गणेश चालीसा: गणेश चालीसा
गणेश कथा: गणेश कथा
अनंत चतुर्दशी कथा: अनंत चतुर्दशी कथा
Hindu Festival Calendar 2026: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय गणेश देवा! – Ganesh Chaturthi Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, विघ्नहर्ता की कृपा पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Durga Puja Vidhi in Hindi – माँ दुर्गा पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भूमिका – माँ दुर्गा
माँ दुर्गा – आदिशक्ति का सर्वोच्च रूप। मंगलवार और शुक्रवार को माँ दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है।
एक नज़र में
| देवता | माँ दुर्गा |
| पूजन दिन | मंगलवार, शुक्रवार, नवरात्रि |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | दुर्गा जी की आरती |
Durga Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
- लाल फूल – गुलाब, गेंदा
- लाल चुनरी
- सिंदूर और कुमकुम
- घी का पंचबत्ती दीप
- धूप-अगरबत्ती
- नारियल, पान, सुपारी
- हलवा-पूड़ी या फल – भोग
- दुर्गा सप्तशती पुस्तक
Durga Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- मंगलवार या शुक्रवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- माँ दुर्गा की प्रतिमा को लाल कपड़े पर स्थापित करें।
- सिंदूर और कुमकुम से तिलक करें।
- लाल चुनरी ओढ़ाएं।
- लाल फूल और गुलाब अर्पित करें।
- पंचबत्ती घी का दीप जलाएं।
- हलवा-पूड़ी का भोग लगाएं।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ (यदि संभव हो)।
- ‘जय अम्बे गौरी’ आरती गाएं।
- नवरात्रि में 9 दिन प्रतिदिन यह पूजन।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| लाल फूल जरूर चढ़ाएं | माँ को पीले फूल से बचें |
| लाल वस्त्र पहनें | काला रंग माँ के पूजन में अशुभ |
| व्रत में सात्त्विक रहें | प्याज-लहसुन, माँसाहार वर्जित |
| माँ को चुनरी जरूर चढ़ाएं | बिना चुनरी के पूजन अधूरी |
Durga Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
माँ दुर्गा की पूजा कब करें?
मंगलवार, शुक्रवार और नवरात्रि में।
क्या दुर्गा सप्तशती रोज पढ़ें?
यदि समय हो तो। कम से कम नवरात्रि में अवश्य पढ़ें।
माँ को क्या भोग लगाएं?
हलवा, पूड़ी, खीर और फल।
क्या पुरुष दुर्गा पूजा कर सकते हैं?
हाँ – माँ दुर्गा की पूजा सभी के लिए।
Sharandham पर और भी पढ़ें
दुर्गा जी की आरती: दुर्गा जी की आरती
दुर्गा चालीसा: दुर्गा चालीसा
नवरात्रि पूजा विधि: नवरात्रि पूजा विधि
दुर्गा कथा: दुर्गा कथा
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Durga Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय माँ दुर्गा! – Durga Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, आदिशक्ति की कृपा से जीवन के विघ्न दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Hanuman Puja Vidhi in Hindi – भगवान हनुमान पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भगवान हनुमान – शक्ति और भक्ति के देवता। मंगलवार और शनिवार को हनुमान पूजन से भय, शत्रु और शनि दोष दूर होता है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान हनुमान |
| पूजन दिन | मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | हनुमान चालीसा |
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र
- सिंदूर – हनुमान जी को लाल सिंदूर प्रिय
- सरसों का तेल
- लाल फूल और गेंदे के फूल
- पान, गुड़, चना
- घी का दीप
- हनुमान चालीसा
- बजरंग बाण पुस्तक
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- मंगलवार या शनिवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- हनुमान मंदिर जाएं या घर पर पूजन करें।
- हनुमान जी को तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
- लाल फूल और गेंदे की माला अर्पित करें।
- गुड़ और चने का भोग लगाएं।
- ‘ॐ हनुमते नमः’ का जाप।
- हनुमान चालीसा का पाठ।
- बजरंग बाण पाठ (शत्रु भय हो तो)।
- हनुमान जी की आरती गाएं।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| सिंदूर जरूर चढ़ाएं | हनुमान जी को तुलसी भी प्रिय है |
| मंगलवार-शनिवार नियमित जाएं | अशुद्ध अवस्था में न जाएं |
| हनुमान चालीसा पाठ करें | महिलाएं माहवारी में हनुमान मंदिर न जाएं |
| गुड़-चना भोग लगाएं | मांसाहार, मदिरा वर्जित |
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
हनुमान जी की पूजा कब करें?
मंगलवार और शनिवार को। हनुमान जयंती और सुंदरकांड पाठ के समय।
सिंदूर का चोला क्यों?
माँ सीता ने सिंदूर लगाया था। हनुमान जी ने पूछा तो बताया – पति की दीर्घायु के लिए। हनुमान ने सारे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।
शनि दोष में हनुमान पूजा क्यों?
हनुमान जी ने शनि देव को बंधन से मुक्त किया था – इसलिए हनुमान भक्तों पर शनि का प्रकोप कम होता है।
हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ें?
प्रतिदिन एक बार। विशेष इच्छा के लिए 40 दिन नियमित पाठ।
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हनुमान चालीसा: हनुमान चालीसा
हनुमान कथा: हनुमान कथा
राम जी की आरती: राम जी की आरती
शनिवार व्रत कथा: शनिवार व्रत कथा
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Hanuman Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय हनुमान! – Hanuman Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, बजरंगबली की कृपा से भय और शत्रु दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Shiv Puja Vidhi in Hindi – भगवान शिव पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भगवान शिव – त्रिदेवों में सबसे सरल। ‘बेलपत्र जल’ मात्र से प्रसन्न होने वाले भोलेनाथ की पूजा विधि सरल है पर नियमों का पालन जरूरी है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान शिव |
| पूजन दिन | प्रतिदिन / सोमवार / महाशिवरात्रि |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | शिव चालीसा |
Shiv Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- शिवलिंग (पारद, पत्थर या मिट्टी)
- पंचामृत – दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
- गंगाजल
- बेलपत्र (तीन पत्तों वाला)
- धतूरा, आक के फूल, भाँग
- चंदन, अष्टगंध
- घी का दीप
- ‘ॐ नमः शिवाय’ माला
Shiv Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- प्रातःकाल स्नान करके भस्म का तिलक लगाएं।
- शिवलिंग को पहले जल से स्नान कराएं।
- पंचामृत अभिषेक – दूध, दही, घी, शहद, शक्कर।
- गंगाजल से पुनः अभिषेक।
- चंदन का लेप लगाएं।
- बेलपत्र अर्पित करें – ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलते हुए।
- धतूरा, सफेद फूल और भाँग अर्पित करें।
- दीप और धूप जलाएं।
- ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप।
- शिव आरती – ‘जय शिव ओंकारा’।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| बेलपत्र की डंडी शिवलिंग की ओर रखें | टूटा या दागी बेलपत्र न चढ़ाएं |
| गंगाजल से अभिषेक करें | तुलसी शिव पूजन में वर्जित |
| सफेद फूल चढ़ाएं | लाल रंग के फूल शिव जी को कम पसंद |
| परिक्रमा – आधी करें (अर्धपरिक्रमा) | शिवलिंग की पूरी परिक्रमा वर्जित है |
Shiv Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
शिव जी की पूजा कब करें?
प्रतिदिन, विशेषतः सोमवार और महाशिवरात्रि पर।
शिवलिंग की परिक्रमा कैसे करें?
आधी परिक्रमा (अर्धपरिक्रमा) – जलधारी को न लाँघें।
रुद्राभिषेक और सामान्य अभिषेक में अंतर?
रुद्राभिषेक में रुद्राष्टाध्यायी मंत्रों के साथ अभिषेक – यह अधिक पुण्यदायी है।
बेलपत्र की डंडी कैसे रखें?
शिवलिंग की ओर डंडी और बाहर पत्तियाँ – यह सही विधि है।
Sharandham पर और भी पढ़ें
शिव चालीसा: शिव चालीसा
सोमवार व्रत आरती: सोमवार व्रत आरती
शिव कथा: शिव कथा
शिवरात्रि पूजा विधि: शिवरात्रि पूजा विधि
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Shiv Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
हर हर महादेव! – Shiv Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, भोलेनाथ की कृपा से जीवन में शांति पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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