
भूमिका – माँ दुर्गा (नवदुर्गा) नवरात्रि – माँ दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिन उपासना। सही विधि से पूजन करने पर माँ की विशेष कृपा...

माँ लक्ष्मी – धन, वैभव और सौभाग्य की देवी। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी है। एक नज़र में देवता माँ महालक्ष्मी पूजन दिन...

जितिया या जीवित पुत्रिका व्रत – बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण माताओं का व्रत है। माताएं अपने पुत्रों की दीर्घायु...

भगवान नृसिंह – विष्णु जी का वह अवतार जो खंभे से प्रकट हुए। जब भक्त प्रह्लाद के पिता हिरण्यकशिपु ने कहा – ‘कहाँ है तेरा ईश्वर?’...

हरतालिका तीज – माँ पार्वती के उस अटूट प्रेम की कथा जो उन्होंने शिव जी को पाने के लिए किया। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को यह व्रत...

माँ गायत्री – वेदों की माता, ज्ञान की देवी। ‘ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ – यह गायत्री मंत्र समस्त मंत्रों...

काल भैरव – भगवान शिव का रौद्र और सर्वशक्तिमान स्वरूप। काशी (वाराणसी) के कोतवाल कहे जाने वाले भैरव बाबा भय, काल और नकारात्मक शक्तियों के नाशक...

अलीगढ़ – उत्तर प्रदेश में स्थित यह शहर Aligarh Muslim University के लिए विश्वप्रसिद्ध है लेकिन यहाँ की हिंदू धार्मिक परंपरा भी बेहद समृद्ध है। शहर...

भूमिका – भगवान शिव महाशिवरात्रि – वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण शिव-रात्रि। इस रात चार पहर में चार बार शिव जी का अभिषेक और पूजन करने का...

अहोई अष्टमी – माताओं का वह पवित्र व्रत जो वे अपने पुत्रों की दीर्घायु और कुशलता के लिए रखती हैं। करवा चौथ के ठीक चार दिन...