
माँ गायत्री – वेदों की माता, ज्ञान की देवी। ‘ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ – यह गायत्री मंत्र समस्त मंत्रों...

काल भैरव – भगवान शिव का रौद्र और सर्वशक्तिमान स्वरूप। काशी (वाराणसी) के कोतवाल कहे जाने वाले भैरव बाबा भय, काल और नकारात्मक शक्तियों के नाशक...

अलीगढ़ – उत्तर प्रदेश में स्थित यह शहर Aligarh Muslim University के लिए विश्वप्रसिद्ध है लेकिन यहाँ की हिंदू धार्मिक परंपरा भी बेहद समृद्ध है। शहर...

भूमिका – भगवान शिव महाशिवरात्रि – वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण शिव-रात्रि। इस रात चार पहर में चार बार शिव जी का अभिषेक और पूजन करने का...

अहोई अष्टमी – माताओं का वह पवित्र व्रत जो वे अपने पुत्रों की दीर्घायु और कुशलता के लिए रखती हैं। करवा चौथ के ठीक चार दिन...

कुबेर देव – देवताओं के खजांची, यक्षों के राजा, धन और वैभव के स्वामी। उत्तर दिशा के अधिपति कुबेर देव की पूजा धनतेरस और दीपावली पर...

माँ काली – शक्ति का सबसे उग्र और सबसे करुणामयी रूप। वे बुराई की संहारक और भक्तों की रक्षक हैं। काले वर्ण में, मुक्त केश, गले...

माँ गंगा – भारत की पवित्रतम नदी, स्वर्ग से उतरी देवी। हरिद्वार और वाराणसी में प्रतिदिन सायंकाल होने वाली गंगा आरती – यह भारत का सबसे...

Amarkantak – City Introduction | Amarkantak के बारे में अमरकंटक – मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर विंध्याचल और सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के संगम पर...

भूमिका – भगवान शिव प्रदोष व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को होता है। ‘प्रदोष काल’ – सूर्यास्त के आसपास का समय – इस समय शिव जी...