Mantras & Shlokas
Om Namah Shivaya Mantra in Hindi – अर्थ, जाप विधि, लाभ और महत्व
कभी मन बहुत भारी लगे, जीवन की समस्याएँ घेर लें, या बस एक पल की सच्ची शांति चाहिए -तब लाखों हिंदू भक्त अपने होठों पर एक ही मंत्र लाते हैं: “ॐ नमः शिवाय।”
यह मंत्र सिर्फ शब्द नहीं है। यह भगवान शिव का प्रत्यक्ष आह्वान है। हिंदू धर्म में इसे पंचाक्षरी मंत्र कहते हैं -यानी पाँच अक्षरों वाला वह मंत्र जो सृष्टि के पाँच तत्वों -पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश -का प्रतीक है।
यजुर्वेद के श्री रुद्रम् से उत्पन्न यह मंत्र हज़ारों वर्षों से भारत के घर-घर में जपा जाता रहा है। सावन के महीने में, महाशिवरात्रि की रात को, या रोज़ सुबह ब्रह्म मुहूर्त में –जो भी श्रद्धा से यह मंत्र जपता है, भोलेनाथ उस पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

Om Namah Shivaya – अर्थ (Meaning in Hindi)
इस मंत्र के हर शब्द में गहरा अर्थ छुपा है:
| ॐ (Om) | ईश्वर का प्रतीक -सृष्टि की आदि ध्वनि। सब कुछ इसी से उत्पन्न हुआ। |
| नमः (Namah) | मैं नतमस्तक हूँ, मैं समर्पण करता हूँ -अहंकार का त्याग। |
| शिवाय (Shivaya) | शिव को -जो मंगलकारी हैं, कल्याणस्वरूप हैं, चेतना के प्रतीक हैं। |
सरल अर्थ:“मैं भगवान शिव को नमस्कार करता हूँ -मैं अपने अहंकार को आपके चरणों में समर्पित करता हूँ।”
लेकिन इसका गहरा अध्यात्मिक अर्थ यह है कि “जो शिव है वह मेरे भीतर भी है -मैं और शिव अलग नहीं हैं।” यही भावना इस मंत्र को महामंत्र बनाती है। (स्रोत: शिव पुराण)
पंचाक्षरी मंत्र -पाँच तत्वों का रहस्य
इस मंत्र के पाँच अक्षर (न, मः, शि, वा, य) पाँच महाभूतों के प्रतीक हैं:
| न | पृथ्वी तत्व -स्थिरता, धैर्य, आधार |
| मः | जल तत्व -भावना, प्रेम, प्रवाह |
| शि | अग्नि तत्व -ऊर्जा, परिवर्तन, तेज |
| वा | वायु तत्व -प्राण, गति, स्वतंत्रता |
| य | आकाश तत्व -चेतना, विस्तार, अनंत |
Om Namah Shivaya Mantra – सम्पूर्ण पाठ
यह षडाक्षरी रूप (ॐ सहित छह अक्षर) है जो आज सर्वाधिक प्रचलित है:
ॐ नमः शिवाय।
Om Namah Shivaya.
शिव पुराण में उल्लिखित विस्तृत पाठ:
ॐ नमः शिवाय, नमः शिवाय नमः।
शिव शंकर महादेव, भोले भंडारी नमः।।
सावन में विशेष पाठ के लिए बेलपत्र चढ़ाते हुए यह जप करें:
ॐ नमः शिवाय शिवाय नमः ॐ।
हर हर महादेव, जय शंकर भोलेनाथ।।
Om Namah Shivaya जाप विधि (Chanting Method)
जाप की तैयारी
- स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें -सफेद या पीले वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
- शांत स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग के सामने दीपक जलाएँ।
- रुद्राक्ष माला हाथ में लें -यह भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है।
- तीन से पाँच गहरी साँसें लें -मन को शांत करें।
जाप कैसे करें
- मंत्र का उच्चारण स्पष्ट करें: “आ-उ-म, न-मः, शि-वा-य”
- प्रत्येक जाप पर माला की एक मनका आगे खिसकाएँ।
- 108 बार जाप करें -यह एक माला का एक पूर्ण चक्र है।
- जाप वाचिक (जोर से), उपांशु (धीमे, केवल होंठ हिलें) या मानस (मन में) -तीनों प्रकार से किया जा सकता है।
- जाप समाप्ति पर एक-दो मिनट मौन बैठें और शिव की अनुभूति में डूबें।
कब करें जाप
- सर्वोत्तम समय:ब्रह्म मुहूर्त -सूर्योदय से 1.5 घंटे पहले।
- संध्याकाल:सूर्यास्त के समय भी जाप करना अत्यंत फलदायी है।
- सावन का पूरा माह:इस माह में किया गया हर जाप कई गुना फलदायी होता है।
- महाशिवरात्रि की रात:रात्रि के चारों प्रहर में 108-108 बार जाप करें।
- सोमवार:भगवान शिव का प्रिय दिन -इस दिन उपवास रखकर जाप करें।
Om Namah Shivaya के लाभ (Benefits)
आध्यात्मिक और मानसिक लाभ
- मन की शांति:108 बार जाप के बाद मन की बेचैनी शांत होती है। शोध में पाया गया है कि इस मंत्र की ध्वनि तरंगें तंत्रिका तंत्र को शांत करती हैं।
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश:नियमित जाप से घर और मन दोनों की नकारात्मकता दूर होती है।
- ध्यान की गहराई:यह मंत्र स्वयं ही एक ध्यान की प्रक्रिया है -बार-बार जपने से चित्त एकाग्र होता है।
- भय और चिंता से मुक्ति:जिन लोगों को रात को डर लगता हो, चिंता सताती हो -उनके लिए यह मंत्र अत्यंत लाभकारी है।
- आत्मबल में वृद्धि:जीवन की कठिनाइयों में यह मंत्र भीतर से मज़बूती देता है।
शारीरिक लाभ
- रक्तचाप में कमी:कोलकाता विश्वविद्यालय के शोध में पाया गया कि नियमित जाप से उच्च रक्तचाप में उल्लेखनीय कमी आती है।
- तनाव हार्मोन में कमी:ॐ की ध्वनि कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर घटाती है।
- नींद में सुधार:सोने से पहले 11-21 बार जाप करने से गहरी नींद आती है।
सांसारिक जीवन में लाभ
- व्यापार और धन:शिव पुराण के अनुसार, नियमित जाप से जीवन में बाधाएँ दूर होती हैं और समृद्धि का मार्ग खुलता है।
- परिवार में शांति:घर में सुबह-शाम जाप करने से पारिवारिक कलह कम होता है।
- स्वास्थ्य रक्षा:महामृत्युञ्जय मंत्र के साथ इस मंत्र का जाप गंभीर रोगों में भी मनोबल बनाए रखता है।
सावन में Om Namah Shivaya का विशेष महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को सर्वाधिक प्रिय है। मान्यता है कि इस माह में की गई एक पूजा का फल साल भर की पूजा के बराबर होता है। सावन सोमवार के दिन व्रत रखकर और ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप करके शिव का जलाभिषेक करने से मनोवांछित फल मिलता है।
सावन में जाप करते समय बेलपत्र, धतूरा, भांग, और गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें। प्रत्येक बेलपत्र चढ़ाते समय “ॐ नमः शिवाय” का एक बार उच्चारण करें।
पौराणिक पृष्ठभूमि
यह मंत्र यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता के श्री रुद्रम् (4.5.8.1) से लिया गया है जहाँ मूल रूप में “नमः शिवाय च शिवतराय च” मिलता है। ॐ का उपसर्ग आगम-शैव परंपरा में जोड़ा गया। (स्रोत: श्री रुद्रम् -विकिपीडिया)
शिव पुराण में भगवान शिव ने स्वयं कहा है: “जो भक्त प्रतिदिन मेरे पंचाक्षरी मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करता है, वह मोक्ष का अधिकारी होता है।”रामायण काल से लेकर आज तक यह मंत्र तपस्वियों, सिद्धों और सामान्य गृहस्थों -सभी के लिए समान रूप से फलदायी रहा है। इसमें किसी जाति, वर्ण या आयु का भेद नहीं है -कोई भी इसे जप सकता है।
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निष्कर्ष
“ॐ नमः शिवाय” -यह पाँच अक्षर केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है। जब आप इसे सच्ची श्रद्धा से जपते हैं तो भीतर से एक परिवर्तन शुरू होता है -चिंता कम होती है, शांति बढ़ती है और भोलेनाथ की कृपा की अनुभूति होती है।
आज से ही शुरू करें -सिर्फ 10 मिनट, सुबह उठकर, रुद्राक्ष माला या बिना माला के। एक माह के नियमित जाप के बाद आप खुद इसका प्रभाव महसूस करेंगे।
हर हर महादेव। जय भोलेनाथ।
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Om Namah Shivaya का सही उच्चारण कैसे करें?
“आ-उ-म, न-मः, शि-वा-य” -इस प्रकार स्पष्ट उच्चारण करें। “शिवाय” में “शि” छोटा और “वा” लम्बा बोलें। मंत्र को जल्दी-जल्दी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और भावपूर्वक जपें।
क्या महिलाएँ भी Om Namah Shivaya जप सकती हैं?
बिल्कुल। इस मंत्र में किसी भी प्रकार का भेद नहीं है। महिलाएँ, पुरुष, बच्चे, बुज़ुर्ग -सभी इसे जप सकते हैं। मासिक धर्म के दौरान भी मानस जाप (मन में जाप) किया जा सकता है।
क्या बिना रुद्राक्ष माला के जाप कर सकते हैं?
हाँ। रुद्राक्ष माला से जाप करना श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन बिना माला के भी जाप उतना ही फलदायी है। उंगलियों पर गिनकर या बिना गिने भी 10-15 मिनट का जाप लाभकारी है।
Om Namah Shivaya 108 बार जाप में कितना समय लगता है?
धीरे-धीरे जपने पर 10 से 15 मिनट लगते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर यह जाप करना दिनभर की ऊर्जा और शांति के लिए पर्याप्त है।
क्या Om Namah Shivaya और Mahamrityunjaya Mantra एक साथ जप सकते हैं?
हाँ, दोनों मंत्र एक साथ जपे जा सकते हैं। पहले महामृत्युञ्जय मंत्र (11 बार) जपें, फिर ॐ नमः शिवाय (108 बार)। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
क्या सोते समय Om Namah Shivaya जप सकते हैं?
हाँ -सोने से पहले मन में यह मंत्र जपना अत्यंत शुभ है। यह बुरे सपनों को दूर करता है और नींद को गहरा बनाता है। इसे “मानस जाप” कहते हैं।
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Mahamrityunjaya Mantra in Hindi – अर्थ, जाप विधि, 108 बार जाप के लाभ

अगर जीवन में कोई बड़ा संकट हो -गंभीर बीमारी, मृत्यु का भय, परिवार में अशांति -तो हिंदू परंपरा में एक ही मंत्र सबसे पहले याद आता है: महामृत्युञ्जय मंत्र।
यह मंत्र ऋग्वेद का है। हज़ारों वर्ष पुराना। त्र्यम्बक -तीन आँखों वाले शिव की स्तुति जो न केवल शारीरिक रोगों को दूर करती है बल्कि मृत्यु के भय से भी मुक्ति दिलाती है। इसीलिए इसे महामृत्युञ्जय कहते हैं -जो मृत्यु को भी जीत ले।
आयुर्वेद के ग्रंथों में, तंत्र के शास्त्रों में, और आज के आधुनिक योग केंद्रों में -इस मंत्र की शक्ति को बार-बार प्रमाणित किया गया है।
Mahamrityunjaya Mantra – सम्पूर्ण पाठ
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
Mahamrityunjaya Mantra – अर्थ (Meaning in Hindi)
शब्द-दर-शब्द अर्थ:
| त्र्यम्बकम् | तीन आँखों वाले (शिव) को |
| यजामहे | हम पूजते हैं, हम आह्वान करते हैं |
| सुगन्धिम् | सुगंधित -जिनकी महिमा सर्वव्यापी है |
| पुष्टिवर्धनम् | जो पोषण को बढ़ाते हैं, जीवनशक्ति देते हैं |
| उर्वारुकमिव | जैसे ककड़ी पककर बेल से स्वतः अलग हो जाती है |
| बन्धनात् | बंधन से -संसार के बंधनों से |
| मृत्योः | मृत्यु से |
| मुक्षीय | मुक्त करो |
| माऽमृतात् | अमृत से मत हटाओ -अमरत्व की ओर ले जाओ |
सरल भावार्थ:“हे तीन आँखों वाले शिव! हम आपकी पूजा करते हैं जो सुगंध की तरह सर्वव्यापी हैं और जीवन को पुष्ट करते हैं। जैसे ककड़ी पककर बेल से मुक्त हो जाती है, वैसे ही हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करो -पर अमृत (मोक्ष) से मत हटाओ।”
जाप विधि
- शुद्ध होकर पूर्व दिशा में बैठें। शिवलिंग या शिव चित्र सामने रखें।
- रुद्राक्ष माला लें। दीपक और धूपबत्ती जलाएँ।
- पहले तीन बार ॐ का उच्चारण करें -फिर मंत्र जाप शुरू करें।
- 108 बार जाप करें -एक माला एक पूर्ण चक्र।
- रोगी के लिए जाप करते समय उसका नाम मन में लें: “ॐ [नाम] के लिए त्र्यम्बकं यजामहे…”
- अभिषेक के साथ: जल या दूध से शिवलिंग पर अभिषेक करते हुए यह मंत्र बोलें।
Mahamrityunjaya Mantra के लाभ
- रोग नाश:गंभीर बीमारी में आत्मबल और मानसिक शक्ति देता है। अस्पताल में भर्ती रोगी के लिए परिवार यह जाप करे।
- मृत्यु-भय से मुक्ति:इस मंत्र का नियमित जाप करने वाले को मृत्यु का भय नहीं सताता।
- दीर्घायु:शिव पुराण के अनुसार प्रतिदिन जाप से आयु बढ़ती है।
- दुर्घटना सुरक्षा:यात्रा से पहले 11 बार जाप करना शुभ माना जाता है।
- मानसिक शांति:अवसाद और चिंता में यह मंत्र मन को स्थिर करता है।
परिवार की सुरक्षा:सुबह यह मंत्र जपकर परिवार के नाम लें -सबकी रक्षा होती है।
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निष्कर्ष
महामृत्युञ्जय मंत्र केवल मृत्यु से मुक्ति का मंत्र नहीं -यह जीवन को पूर्ण और अर्थपूर्ण बनाने का मंत्र है। आज से ही प्रतिदिन 108 बार इसका जाप शुरू करें -भोलेनाथ की कृपा अवश्य बरसेगी।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। हर हर महादेव।
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निष्कर्ष
महामृत्युञ्जय मंत्र केवल मृत्यु से मुक्ति का मंत्र नहीं -यह जीवन को पूर्ण और अर्थपूर्ण बनाने का मंत्र है। आज से ही प्रतिदिन 108 बार इसका जाप शुरू करें -भोलेनाथ की कृपा अवश्य बरसेगी।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे। हर हर महादेव।
Mahamrityunjaya Mantra कब जपना चाहिए?
ब्रह्म मुहूर्त सर्वोत्तम है। सावन माह, महाशिवरात्रि, और सोमवार को विशेष फलदायी। रोगी के लिए जाप दिन में किसी भी समय किया जा सकता है।
क्या महिलाएँ Mahamrityunjaya Mantra जप सकती हैं?
हाँ, बिल्कुल। इस मंत्र में कोई प्रतिबंध नहीं। सभी इसे जप सकते हैं।
क्या Om Namah Shivaya और Mahamrityunjaya एक साथ जप सकते हैं?
हाँ। पहले महामृत्युञ्जय (11 बार), फिर ॐ नमः शिवाय (108 बार) -यह संयोजन बहुत प्रभावशाली है।
Mahamrityunjaya Mantra में 1,25,000 जाप क्या है?
यह “पुरश्चरण” है -किसी गंभीर रोग या संकट के लिए विशेष अनुष्ठान। इसे योग्य पंडित के मार्गदर्शन में करें।
क्या Mahamrityunjaya Mantra बिना दीक्षा के जप सकते हैं?
हाँ। यह वेदमंत्र है और सभी के लिए खुला है। गुरु दीक्षा से और अधिक प्रभाव होता है, लेकिन श्रद्धापूर्वक बिना दीक्षा के भी जाप लाभकारी है।
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