
माँ काली – शक्ति का उग्र रूप, बुराई की संहारक, भक्तों की माँ। उनका काला वर्ण, मुक्त केश, गले में मुण्डमाला – यह रूप भयंकर नहीं,...

साईं बाबा – वे फकीर जिन्होंने सिखाया ‘सबका मालिक एक है।’ शिरडी के संत साईं बाबा न हिंदू थे, न मुसलमान – वे प्रेम, करुणा और...

वृंदावन में सूर्यास्त के बाद जब ‘आरती कुंज बिहारी की’ के स्वर गूंजते हैं, तो पूरा वातावरण राधा-कृष्ण की भक्ति से सराबोर हो जाता है। यह...

भगवान सत्यनारायण की पूजा भारत के हर घर में होती है। जब भी कोई शुभ कार्य होता है – गृहप्रवेश, विवाह, नया व्यवसाय, संतान जन्म –...

करवा चौथ – प्रेम और समर्पण का महापर्व करवा चौथ – यह नाम सुनते ही मन में एक विशेष भावना जागती है। यह केवल एक व्रत...

भूमिका – भगवान सत्यनारायण सत्यनारायण भगवान की पूजा भारत के हर हिंदू परिवार में होती है। गृहप्रवेश, विवाह, नई नौकरी, संतान जन्म – हर मंगल अवसर...

करवा चौथ – सुहागिन महिलाओं का सबसे प्रिय व्रत। इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं।...

भगवान श्री राम – धर्म के आदर्श, सत्य के प्रतीक, मर्यादा पुरुषोत्तम। जब ‘श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन’ के स्वर उठते हैं, तो मन भक्ति और श्रद्धा...

माँ लक्ष्मी की वंदना – भूमिका माँ लक्ष्मी — धन, वैभव, सौभाग्य और समृद्धि की देवी। जहाँ माँ लक्ष्मी का वास होता है, वहाँ दरिद्रता का...

भारत में शायद ही कोई हिंदू परिवार हो जहाँ ‘ओम जय जगदीश हरे’ की आरती न गाई जाती हो। यह आरती न केवल एक स्तुति है...