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Karwa Chauth Puja Vidhi in Hindi – करवा चौथ पूजा विधि: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

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Karwa Chauth Pooja Vidhi

करवा चौथ – सुहागिन महिलाओं का सबसे प्रिय व्रत। इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। सही पूजन विधि जाने बिना व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता।

Karwa Chauth Pooja Vidhi in Hindi – सरगी से लेकर चंद्रोदय पर व्रत खोलने तक की सम्पूर्ण विधि, सामग्री और नियम।

एक नज़र में

व्रत तिथिकार्तिक कृष्ण चतुर्थी – अक्टूबर 2026
व्रत प्रकारनिर्जला – सूर्योदय से चंद्रोदय तक
पूजन देवतामाँ गौरी, गणेश जी, चंद्र देव, करवा माता
पूजन समयसायंकाल – सूर्यास्त के बाद
व्रत खोलने का समयचंद्रोदय पर – पति के हाथ से जल
प्रसादहलवा, पूड़ी, मठरी, काजू-बादाम

Karwa Chauth Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची

  • करवा (मिट्टी का छोटा पात्र) – जल भरकर
  • छलनी – चंद्र और पति का मुख देखने के लिए
  • सरगी – सास द्वारा (मठरी, फेनी, फल, मिठाई, सुहाग सामग्री)
  • सुहाग सामग्री – सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, बिछिया, मेंहदी
  • रोली, अक्षत, कुमकुम, हल्दी
  • घी का दीप और अगरबत्ती
  • माँ गौरी और गणेश जी का चित्र
  • लाल चुनरी
  • हलवा, पूड़ी, मिठाई – भोग के लिए
  • गेहूं – करवा चौथ पूजन में उपयोग

Karwa Chauth Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)

ब्रह्ममुहूर्त में सरगी (सूर्योदय से पहले)

सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। सास द्वारा भेजी सरगी ग्रहण करें – मठरी, फेनी, फल, मिठाई और नारियल पानी। सरगी में मिला पानी अंतिम जल होगा। व्रत का संकल्प लें – ‘मैं आज निर्जला करवा चौथ व्रत रखती हूँ।’

दिनभर व्रत पालन

दिनभर भगवान का स्मरण करें। पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें। घर की तैयारी करें – पूजन थाली सजाएं। 16 श्रृंगार करें – आज के दिन सुहागिन को भरपूर श्रृंगार करना शुभ है।

सायंकाल – पूजन थाली सजाएं

पूजन थाली में रखें – करवा (जल भरकर), घी का दीप, रोली-अक्षत, फूल, हलवा-मिठाई, छलनी, सिंदूर। माँ गौरी, गणेश जी और करवा माता का चित्र या मूर्ति स्थापित करें।

सामूहिक पूजन – करवा चौथ कथा

परिवार या पड़ोस की महिलाओं के साथ बैठें। सभी अपनी पूजन थाली लेकर बैठें। करवा माता की आरती गाएं – ‘जय करवा माता’। करवा चौथ व्रत कथा सुनें – यह अनिवार्य है।

कथा सुनते समय हाथ में गेहूं के दाने लेकर बैठें। एक-दूसरे की थाली देखें। बड़ी महिलाओं के पैर छूकर आशीर्वाद लें।

चंद्रोदय पर – व्रत खोलना

रात को चंद्रमा उगने की प्रतीक्षा करें। जैसे ही चंद्रमा उगे – छलनी लेकर बाहर आएं।

विधि:1. छलनी से पहले चंद्रमा को देखें।2. फिर छलनी से ही पति का मुख देखें।3. करवे से चंद्रमा को अर्घ्य दें – ‘ॐ चंद्राय नमः’।4. पति के हाथ से पहले जल पिएं।5. फिर पति के हाथ से मिठाई खाएं।6. व्रत खुला!

क्या करें / क्या न करें

क्या करें ✓क्या न करें ✗
सरगी सूर्योदय से पहले खाएंव्रत में कुछ भी न खाएं-पिएं
16 श्रृंगार करेंखट्टी चीजें न खाएं – व्रत खोलने पर भी
असली चंद्रमा देखकर व्रत खोलेंनकली या झूठे चाँद से व्रत न तोड़ें
पूजन में कथा अवश्य सुनेंबिना कथा के पूजन अधूरा
पति के हाथ से जल पिएंअकेले व्रत न खोलें – पति का साथ जरूरी

Karwa Chauth Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

करवा चौथ की पूजा कब होती है?

सायंकाल – सूर्यास्त के बाद और चंद्रोदय से पहले।

सरगी क्या होती है?

सास द्वारा बहू को दी जाने वाली थाली – मठरी, फेनी, फल और सुहाग सामग्री।

छलनी से क्यों देखते हैं?

प्रतीकात्मक परंपरा – छलनी से पहले चंद्रमा, फिर पति का मुख देखना।

करवा चौथ 2026 कब है?

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी – अक्टूबर 2026।

क्या बिना करवे के पूजा हो सकती है?

मिट्टी का करवा न मिले तो तांबे के लोटे का उपयोग कर सकती हैं।

Sharandham पर और भी पढ़ें

करवा चौथ व्रत कथा: करवा चौथ व्रत कथा

करवा चौथ आरती: करवा चौथ आरती

गंगा माता आरती: गंगा माता आरती

Hindu Festival Calendar 2026: Hindu Festival Calendar 2026

एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List

निष्कर्ष

Karwa Chauth Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।

जय करवा माता! – Karwa Chauth Pooja Vidhi के अनुसार व्रत करें, माँ गौरी का आशीर्वाद और पति की दीर्घायु पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह

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Durga Puja Vidhi in Hindi – माँ दुर्गा पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

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भूमिका – माँ दुर्गा

माँ दुर्गा – आदिशक्ति का सर्वोच्च रूप। मंगलवार और शुक्रवार को माँ दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है।

एक नज़र में

देवतामाँ दुर्गा
पूजन दिनमंगलवार, शुक्रवार, नवरात्रि
पूजन समयप्रातःकाल या सायंकाल
अनिवार्यश्रद्धा और स्वच्छता
फलदुर्गा जी की आरती

Durga Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची

  • माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
  • लाल फूल – गुलाब, गेंदा
  • लाल चुनरी
  • सिंदूर और कुमकुम
  • घी का पंचबत्ती दीप
  • धूप-अगरबत्ती
  • नारियल, पान, सुपारी
  • हलवा-पूड़ी या फल – भोग
  • दुर्गा सप्तशती पुस्तक

Durga Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)

  1. मंगलवार या शुक्रवार को प्रातःकाल स्नान करें।
  2. माँ दुर्गा की प्रतिमा को लाल कपड़े पर स्थापित करें।
  3. सिंदूर और कुमकुम से तिलक करें।
  4. लाल चुनरी ओढ़ाएं।
  5. लाल फूल और गुलाब अर्पित करें।
  6. पंचबत्ती घी का दीप जलाएं।
  7. हलवा-पूड़ी का भोग लगाएं।
  8. दुर्गा सप्तशती का पाठ (यदि संभव हो)।
  9. ‘जय अम्बे गौरी’ आरती गाएं।
  10. नवरात्रि में 9 दिन प्रतिदिन यह पूजन।

क्या करें / क्या न करें

क्या करें ✓क्या न करें ✗
लाल फूल जरूर चढ़ाएंमाँ को पीले फूल से बचें
लाल वस्त्र पहनेंकाला रंग माँ के पूजन में अशुभ
व्रत में सात्त्विक रहेंप्याज-लहसुन, माँसाहार वर्जित
माँ को चुनरी जरूर चढ़ाएंबिना चुनरी के पूजन अधूरी

Durga Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

माँ दुर्गा की पूजा कब करें?

मंगलवार, शुक्रवार और नवरात्रि में।

क्या दुर्गा सप्तशती रोज पढ़ें?

यदि समय हो तो। कम से कम नवरात्रि में अवश्य पढ़ें।

माँ को क्या भोग लगाएं?

हलवा, पूड़ी, खीर और फल।

क्या पुरुष दुर्गा पूजा कर सकते हैं?

हाँ – माँ दुर्गा की पूजा सभी के लिए।

Sharandham पर और भी पढ़ें

दुर्गा जी की आरती: दुर्गा जी की आरती

दुर्गा चालीसा: दुर्गा चालीसा

नवरात्रि पूजा विधि: नवरात्रि पूजा विधि

दुर्गा कथा: दुर्गा कथा

हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026

एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List

निष्कर्ष

Durga Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।

जय माँ दुर्गा! – Durga Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, आदिशक्ति की कृपा से जीवन के विघ्न दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह

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Hanuman Puja Vidhi in Hindi – भगवान हनुमान पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

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भगवान हनुमान – शक्ति और भक्ति के देवता। मंगलवार और शनिवार को हनुमान पूजन से भय, शत्रु और शनि दोष दूर होता है।

एक नज़र में

देवताभगवान हनुमान
पूजन दिनमंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती
पूजन समयप्रातःकाल या सायंकाल
अनिवार्यश्रद्धा और स्वच्छता
फलहनुमान चालीसा

Hanuman Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची

  • हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र
  • सिंदूर – हनुमान जी को लाल सिंदूर प्रिय
  • सरसों का तेल
  • लाल फूल और गेंदे के फूल
  • पान, गुड़, चना
  • घी का दीप
  • हनुमान चालीसा
  • बजरंग बाण पुस्तक

Hanuman Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)

  1. मंगलवार या शनिवार को प्रातःकाल स्नान करें।
  2. हनुमान मंदिर जाएं या घर पर पूजन करें।
  3. हनुमान जी को तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
  4. लाल फूल और गेंदे की माला अर्पित करें।
  5. गुड़ और चने का भोग लगाएं।
  6. ‘ॐ हनुमते नमः’ का जाप।
  7. हनुमान चालीसा का पाठ।
  8. बजरंग बाण पाठ (शत्रु भय हो तो)।
  9. हनुमान जी की आरती गाएं।

क्या करें / क्या न करें

क्या करें ✓क्या न करें ✗
सिंदूर जरूर चढ़ाएंहनुमान जी को तुलसी भी प्रिय है
मंगलवार-शनिवार नियमित जाएंअशुद्ध अवस्था में न जाएं
हनुमान चालीसा पाठ करेंमहिलाएं माहवारी में हनुमान मंदिर न जाएं
गुड़-चना भोग लगाएंमांसाहार, मदिरा वर्जित

Hanuman Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

हनुमान जी की पूजा कब करें?

मंगलवार और शनिवार को। हनुमान जयंती और सुंदरकांड पाठ के समय।

सिंदूर का चोला क्यों?

माँ सीता ने सिंदूर लगाया था। हनुमान जी ने पूछा तो बताया – पति की दीर्घायु के लिए। हनुमान ने सारे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।

शनि दोष में हनुमान पूजा क्यों?

हनुमान जी ने शनि देव को बंधन से मुक्त किया था – इसलिए हनुमान भक्तों पर शनि का प्रकोप कम होता है।

हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ें?

प्रतिदिन एक बार। विशेष इच्छा के लिए 40 दिन नियमित पाठ।

Sharandham पर और भी पढ़ें

हनुमान चालीसा: हनुमान चालीसा

हनुमान कथा: हनुमान कथा

राम जी की आरती: राम जी की आरती

शनिवार व्रत कथा: शनिवार व्रत कथा

हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026

एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List

निष्कर्ष

Hanuman Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।

जय हनुमान! – Hanuman Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, बजरंगबली की कृपा से भय और शत्रु दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह

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Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – भगवान गणेश पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

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Ganesh Chaturthi Puja

गणेश चतुर्थी – भगवान गणेश का जन्मोत्सव। 10 दिन का यह महोत्सव घर में गणपति स्थापना से शुरू होकर विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) पर समाप्त होता है।

एक नज़र में

देवताभगवान गणेश
पूजन दिन22 अगस्त 2026
पूजन समयप्रातःकाल या सायंकाल
अनिवार्यश्रद्धा और स्वच्छता
फलगणेश चालीसा

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची

  • गणेश जी की मूर्ति (मिट्टी की)
  • लाल फूल, दूर्वा (घास)
  • मोदक – लड्डू (21 या 11)
  • पान, सुपारी, नारियल
  • रोली, अक्षत, सिंदूर
  • घी का दीप और अगरबत्ती
  • लाल कपड़ा और सिंहासन
  • पंचामृत

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)

  1. गणेश चतुर्थी (22 अगस्त 2026) को प्रातःकाल मूर्ति लाएं।
  2. पूजन चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्ति स्थापित करें।
  3. पंचामृत से अभिषेक।
  4. दूर्वा अर्पित करें – 21 दूर्वा विशेष शुभ।
  5. लाल फूल, सिंदूर और अक्षत चढ़ाएं।
  6. मोदक का भोग – 21 मोदक।
  7. ‘ॐ गण गणपतये नमः’ का जाप।
  8. गणेश आरती गाएं।
  9. 10 दिन प्रतिदिन पूजन।
  10. अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) को विसर्जन।

क्या करें / क्या न करें

क्या करें ✓क्या न करें ✗
दूर्वा जरूर चढ़ाएंतुलसी गणेश जी को वर्जित है
मिट्टी की मूर्ति खरीदेंप्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर्यावरण के लिए हानिकारक
चंद्रमा न देखें (चतुर्थी पर)गणेश जी ने चंद्रमा को शाप दिया था
विसर्जन प्रेम से करेंजल में सही विसर्जन करें

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

गणेश चतुर्थी 2026 कब है?

22 अगस्त 2026।

गणेश जी को क्या प्रिय है?

मोदक, लड्डू और दूर्वा घास।

10 दिन या 1.5 दिन?

परंपरा के अनुसार – 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिन।

गणेश विसर्जन कब?

अनंत चतुर्दशी – 25 सितंबर 2026।

Sharandham पर और भी पढ़ें

गणेश चालीसा: गणेश चालीसा

गणेश कथा: गणेश कथा

अनंत चतुर्दशी कथा: अनंत चतुर्दशी कथा

Hindu Festival Calendar 2026: Hindu Festival Calendar 2026

एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List

निष्कर्ष

Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।

जय गणेश देवा! – Ganesh Chaturthi Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, विघ्नहर्ता की कृपा पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह

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