Puja Vidhi
Satyanarayan Puja Vidhi in Hindi – सत्यनारायण पूजा विधि: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड
भूमिका – भगवान सत्यनारायण
सत्यनारायण भगवान की पूजा भारत के हर हिंदू परिवार में होती है। गृहप्रवेश, विवाह, नई नौकरी, संतान जन्म – हर मंगल अवसर पर सत्यनारायण पूजा होती है।
Satyanarayan Pooja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री जुटाने से लेकर प्रसाद वितरण तक की सम्पूर्ण विधि।
एक नज़र में
| पूजन का नाम | श्री सत्यनारायण व्रत पूजन |
| देवता | भगवान सत्यनारायण (विष्णु जी का सत्य स्वरूप) |
| श्रेष्ठ दिन | पूर्णिमा, एकादशी, गुरुवार |
| पूजन अवधि | लगभग 1.5–2 घंटे |
| प्रसाद | पंजीरी – गेहूं का आटा, घी, चीनी, मेवे |
| अनिवार्य | पाँचों अध्याय की कथा |
Satyanarayan Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- भगवान विष्णु/सत्यनारायण की प्रतिमा या चित्र
- केले के पत्ते – पूजन स्थान सजाने के लिए
- पंचामृत – दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
- तुलसी दल, पीले फूल, पंचफल
- पान, सुपारी, लौंग, इलायची
- घी का दीप, अगरबत्ती, धूप
- रोली, अक्षत, कुमकुम
- पंजीरी सामग्री – गेहूं का आटा, घी, चीनी, मेवे
- कलश (जल भरकर, आम की पत्तियाँ, नारियल)
- सत्यनारायण व्रत कथा पुस्तक
Satyanarayan Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
पूजन स्थान की तैयारी
पूजन से एक दिन पहले घर की साफ-सफाई करें। पूजन स्थान को केले के पत्तों से सजाएं। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं। भगवान सत्यनारायण की प्रतिमा स्थापित करें।
संकल्प
पूजन शुरू करने से पहले संकल्प लें – हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर बोलें: ‘मैं (नाम) आज (तिथि) को भगवान सत्यनारायण की पूजा (कारण) के लिए कर रहा/रही हूँ।’
कलश स्थापना
कलश में जल भरें। उसमें आम की पत्तियाँ और नारियल रखें। रोली से स्वस्तिक बनाएं। यह कलश देवताओं का प्रतीक है।
षोडशोपचार पूजन
1. आवाहन – भगवान को आमंत्रित करें2. आसन – पुष्प अर्पित करें3. पाद्य – पैर धुलाने के लिए जल4. अर्घ्य – हाथ धुलाने के लिए जल5. आचमन – पीने के लिए जल6. स्नान – पंचामृत अभिषेक7. वस्त्र – पीला वस्त्र अर्पित करें8. यज्ञोपवीत – जनेऊ अर्पित करें9. चंदन – चंदन का तिलक10. पुष्प – तुलसी और पीले फूल11. धूप – अगरबत्ती12. दीप – घी का दीप13. नैवेद्य – पंजीरी का भोग14. जल – पानी अर्पित करें15. ताम्बूल – पान-सुपारी16. दक्षिणा – यथाशक्ति
पंजीरी प्रसाद तैयार करें
गेहूं का आटा घी में भूनें – सुनहरा होने तक। ठंडा होने पर चीनी, मेवे, इलायची मिलाएं। भगवान को भोग लगाएं।
सत्यनारायण व्रत कथा
पूरे परिवार को बिठाएं। पाँचों अध्याय क्रमशः पढ़ें या सुनें। बीच में न उठें। कथा के बाद आरती – ‘जय लक्ष्मी रमणा’।
आरती और प्रसाद वितरण
‘जय लक्ष्मी रमणा’ आरती गाएं। पंजीरी प्रसाद सभी को वितरित करें। प्रसाद लेना अनिवार्य है।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| पाँचों अध्याय कथा सुनें | बीच में कथा छोड़कर न उठें |
| तुलसी दल जरूर चढ़ाएं | तुलसी के बिना विष्णु पूजा अधूरी |
| प्रसाद अवश्य ग्रहण करें | प्रसाद अपमान न करें – कथा में इसका उल्लेख है |
| शांत मन से पूजन करें | मोबाइल और शोर से दूर रहें |
| ब्राह्मण को दान-दक्षिणा दें | पूजन के बाद ब्राह्मण भोज करवाएं |
Satyanarayan Pooja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
सत्यनारायण पूजा कब करें?
पूर्णिमा, एकादशी, गुरुवार और हर मंगल अवसर पर।
पंजीरी कैसे बनाएं?
गेहूं का आटा घी में भूनकर, ठंडा होने पर चीनी और मेवे मिलाएं।
क्या घर पर पंडित के बिना पूजा हो सकती है?
हाँ। परिवार का कोई भी बड़ा सदस्य कथा पढ़ सकता है।
पूजा के बाद क्या करें?
प्रसाद बाँटें, ब्राह्मण को दक्षिणा दें और परिवार के साथ भोजन करें।
पूर्णिमा 2026 कब है?
Sharandham पर Purnima 2026 Dates देखें।
Sharandham पर और भी पढ़ें
सत्यनारायण कथा: सत्यनारायण कथा
सत्यनारायण भगवान की आरती: सत्यनारायण भगवान की आरती
विष्णु जी की आरती: विष्णु जी की आरती
पूर्णिमा 2026: पूर्णिमा 2026
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Satyanarayan Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय – Satyanarayan Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, भगवान की कृपा से मनोकामनाएं पूरी हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Durga Puja Vidhi in Hindi – माँ दुर्गा पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भूमिका – माँ दुर्गा
माँ दुर्गा – आदिशक्ति का सर्वोच्च रूप। मंगलवार और शुक्रवार को माँ दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है।
एक नज़र में
| देवता | माँ दुर्गा |
| पूजन दिन | मंगलवार, शुक्रवार, नवरात्रि |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | दुर्गा जी की आरती |
Durga Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
- लाल फूल – गुलाब, गेंदा
- लाल चुनरी
- सिंदूर और कुमकुम
- घी का पंचबत्ती दीप
- धूप-अगरबत्ती
- नारियल, पान, सुपारी
- हलवा-पूड़ी या फल – भोग
- दुर्गा सप्तशती पुस्तक
Durga Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- मंगलवार या शुक्रवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- माँ दुर्गा की प्रतिमा को लाल कपड़े पर स्थापित करें।
- सिंदूर और कुमकुम से तिलक करें।
- लाल चुनरी ओढ़ाएं।
- लाल फूल और गुलाब अर्पित करें।
- पंचबत्ती घी का दीप जलाएं।
- हलवा-पूड़ी का भोग लगाएं।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ (यदि संभव हो)।
- ‘जय अम्बे गौरी’ आरती गाएं।
- नवरात्रि में 9 दिन प्रतिदिन यह पूजन।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| लाल फूल जरूर चढ़ाएं | माँ को पीले फूल से बचें |
| लाल वस्त्र पहनें | काला रंग माँ के पूजन में अशुभ |
| व्रत में सात्त्विक रहें | प्याज-लहसुन, माँसाहार वर्जित |
| माँ को चुनरी जरूर चढ़ाएं | बिना चुनरी के पूजन अधूरी |
Durga Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
माँ दुर्गा की पूजा कब करें?
मंगलवार, शुक्रवार और नवरात्रि में।
क्या दुर्गा सप्तशती रोज पढ़ें?
यदि समय हो तो। कम से कम नवरात्रि में अवश्य पढ़ें।
माँ को क्या भोग लगाएं?
हलवा, पूड़ी, खीर और फल।
क्या पुरुष दुर्गा पूजा कर सकते हैं?
हाँ – माँ दुर्गा की पूजा सभी के लिए।
Sharandham पर और भी पढ़ें
दुर्गा जी की आरती: दुर्गा जी की आरती
दुर्गा चालीसा: दुर्गा चालीसा
नवरात्रि पूजा विधि: नवरात्रि पूजा विधि
दुर्गा कथा: दुर्गा कथा
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Durga Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय माँ दुर्गा! – Durga Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, आदिशक्ति की कृपा से जीवन के विघ्न दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Hanuman Puja Vidhi in Hindi – भगवान हनुमान पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भगवान हनुमान – शक्ति और भक्ति के देवता। मंगलवार और शनिवार को हनुमान पूजन से भय, शत्रु और शनि दोष दूर होता है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान हनुमान |
| पूजन दिन | मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | हनुमान चालीसा |
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र
- सिंदूर – हनुमान जी को लाल सिंदूर प्रिय
- सरसों का तेल
- लाल फूल और गेंदे के फूल
- पान, गुड़, चना
- घी का दीप
- हनुमान चालीसा
- बजरंग बाण पुस्तक
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- मंगलवार या शनिवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- हनुमान मंदिर जाएं या घर पर पूजन करें।
- हनुमान जी को तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
- लाल फूल और गेंदे की माला अर्पित करें।
- गुड़ और चने का भोग लगाएं।
- ‘ॐ हनुमते नमः’ का जाप।
- हनुमान चालीसा का पाठ।
- बजरंग बाण पाठ (शत्रु भय हो तो)।
- हनुमान जी की आरती गाएं।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| सिंदूर जरूर चढ़ाएं | हनुमान जी को तुलसी भी प्रिय है |
| मंगलवार-शनिवार नियमित जाएं | अशुद्ध अवस्था में न जाएं |
| हनुमान चालीसा पाठ करें | महिलाएं माहवारी में हनुमान मंदिर न जाएं |
| गुड़-चना भोग लगाएं | मांसाहार, मदिरा वर्जित |
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
हनुमान जी की पूजा कब करें?
मंगलवार और शनिवार को। हनुमान जयंती और सुंदरकांड पाठ के समय।
सिंदूर का चोला क्यों?
माँ सीता ने सिंदूर लगाया था। हनुमान जी ने पूछा तो बताया – पति की दीर्घायु के लिए। हनुमान ने सारे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।
शनि दोष में हनुमान पूजा क्यों?
हनुमान जी ने शनि देव को बंधन से मुक्त किया था – इसलिए हनुमान भक्तों पर शनि का प्रकोप कम होता है।
हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ें?
प्रतिदिन एक बार। विशेष इच्छा के लिए 40 दिन नियमित पाठ।
Sharandham पर और भी पढ़ें
हनुमान चालीसा: हनुमान चालीसा
हनुमान कथा: हनुमान कथा
राम जी की आरती: राम जी की आरती
शनिवार व्रत कथा: शनिवार व्रत कथा
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Hanuman Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय हनुमान! – Hanuman Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, बजरंगबली की कृपा से भय और शत्रु दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – भगवान गणेश पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

गणेश चतुर्थी – भगवान गणेश का जन्मोत्सव। 10 दिन का यह महोत्सव घर में गणपति स्थापना से शुरू होकर विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) पर समाप्त होता है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान गणेश |
| पूजन दिन | 22 अगस्त 2026 |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | गणेश चालीसा |
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- गणेश जी की मूर्ति (मिट्टी की)
- लाल फूल, दूर्वा (घास)
- मोदक – लड्डू (21 या 11)
- पान, सुपारी, नारियल
- रोली, अक्षत, सिंदूर
- घी का दीप और अगरबत्ती
- लाल कपड़ा और सिंहासन
- पंचामृत
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- गणेश चतुर्थी (22 अगस्त 2026) को प्रातःकाल मूर्ति लाएं।
- पूजन चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्ति स्थापित करें।
- पंचामृत से अभिषेक।
- दूर्वा अर्पित करें – 21 दूर्वा विशेष शुभ।
- लाल फूल, सिंदूर और अक्षत चढ़ाएं।
- मोदक का भोग – 21 मोदक।
- ‘ॐ गण गणपतये नमः’ का जाप।
- गणेश आरती गाएं।
- 10 दिन प्रतिदिन पूजन।
- अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) को विसर्जन।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| दूर्वा जरूर चढ़ाएं | तुलसी गणेश जी को वर्जित है |
| मिट्टी की मूर्ति खरीदें | प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर्यावरण के लिए हानिकारक |
| चंद्रमा न देखें (चतुर्थी पर) | गणेश जी ने चंद्रमा को शाप दिया था |
| विसर्जन प्रेम से करें | जल में सही विसर्जन करें |
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
22 अगस्त 2026।
गणेश जी को क्या प्रिय है?
मोदक, लड्डू और दूर्वा घास।
10 दिन या 1.5 दिन?
परंपरा के अनुसार – 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिन।
गणेश विसर्जन कब?
अनंत चतुर्दशी – 25 सितंबर 2026।
Sharandham पर और भी पढ़ें
गणेश चालीसा: गणेश चालीसा
गणेश कथा: गणेश कथा
अनंत चतुर्दशी कथा: अनंत चतुर्दशी कथा
Hindu Festival Calendar 2026: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय गणेश देवा! – Ganesh Chaturthi Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, विघ्नहर्ता की कृपा पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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