Uncategorized
Lakshmi Puja Vidhi in Hindi – माँ महालक्ष्मी पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड
माँ लक्ष्मी – धन, वैभव और सौभाग्य की देवी। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी है।
एक नज़र में
| देवता | माँ महालक्ष्मी |
| पूजन दिन | शुक्रवार, पूर्णिमा, दीपावली |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | लक्ष्मी माता आरती |
Lakshmi Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- माँ लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र
- कमल पुष्प – माँ को अत्यंत प्रिय
- खीर, केसर, पान, इलायची – भोग
- घी का दीप
- सफेद या पीले वस्त्र
- रोली, अक्षत, चंदन
- सुगंधित इत्र या गुलाब जल
- लक्ष्मी चालीसा पुस्तक
Lakshmi Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- शुक्रवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- पूजन स्थान की सफाई करें – माँ स्वच्छता पसंद करती हैं।
- माँ लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
- कमल पुष्प, पीले फूल और इत्र अर्पित करें।
- खीर और केसर का भोग लगाएं।
- ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ का 108 बार जाप।
- लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।
- ‘ओम जय लक्ष्मी माता’ आरती गाएं।
- संध्याकाल घी का दीप जलाएं।
- प्रसाद वितरित करें।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| घर साफ और व्यवस्थित रखें | गंदे घर में लक्ष्मी नहीं टिकतीं |
| कमल या पीले फूल चढ़ाएं | तुलसी माँ लक्ष्मी को वर्जित है |
| शुक्रवार को जुआ न खेलें | अपव्यय से माँ नाराज होती हैं |
| संध्याकाल दीप जरूर जलाएं | सूर्यास्त के बाद दीप न बुझाएं |
Lakshmi Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
माँ लक्ष्मी की पूजा कब करें?
शुक्रवार को। दीपावली, शरद पूर्णिमा और पूर्णिमा पर विशेष।
माँ को क्या भोग लगाएं?
खीर, केसर, मिश्री, पान और कमल पुष्प।
क्या पुरुष लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं?
हाँ – माँ लक्ष्मी की पूजा में कोई भेद नहीं।
श्री यंत्र कैसे स्थापित करें?
उत्तर-पूर्व दिशा में – शुक्रवार को विधिवत स्थापना।
Sharandham पर और भी पढ़ें
लक्ष्मी माता आरती: लक्ष्मी माता आरती
लक्ष्मी चालीसा: लक्ष्मी चालीसा
दीपावली पूजा विधि: दीपावली पूजा विधि
लक्ष्मी जी की कथा: लक्ष्मी जी की कथा
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
अमावस्या 2026: Amavasya 2026 Dates
निष्कर्ष
Lakshmi Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः – Lakshmi Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, माँ की कृपा से धन-समृद्धि पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
Uncategorized
Mantra for Money, Success and Peace in Hindi – जीवन की हर समस्या के लिए सिद्ध मंत्र

जीवन में हर इंसान के पास कोई न कोई समस्या होती है। कोई धन की चिंता में है, कोई नौकरी खोज रहा है, कोई विवाह के लिए परेशान है, तो कोई मन की शांति ढूँढ रहा है।
हिंदू शास्त्रों में हर समस्या के लिए एक विशिष्ट मंत्र है। ये मंत्र केवल आस्था नहीं — ये ध्वनि की वह शक्ति हैं जो मन को सही दिशा देती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाती है।
1. Mantra for Money – धन के लिए
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
कब जपें:शुक्रवार को 108 बार, घर साफ रखकर दीपक जलाकर।
विकल्प:ॐ श्रीं — यह बीज मंत्र दिन में कभी भी मन में दोहराएँ।
2. Mantra for Success – सफलता के लिए
ॐ गं गणपतये नमः।
कब जपें:हर नए काम से पहले 11 बार। परीक्षा, इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन — हर बार।
3. Mantra for Peace – मन की शांति के लिए
ॐ शांतिः शांतिः शांतिः।
कब जपें:जब मन बहुत भारी हो। 21 बार धीरे-धीरे जपें — तत्काल राहत मिलेगी।
ॐ नमः शिवाय।
108 बार — यह भी मन को गहरी शांति देता है।
4. Mantra for Anxiety – चिंता और डर के लिए
ॐ हनुमते नमः।
कब जपें:जब डर लगे, रात को नींद न आए, या मन में नकारात्मक विचार आएँ। 108 बार जाप करें।
5. Mantra for Job – नौकरी के लिए
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।
कब जपें:नौकरी खोज रहे हों तो बुधवार को 108 बार। इंटरव्यू से पहले 11 बार।
6. Mantra for Business Growth – व्यापार के लिए
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
कब जपें:दुकान खुलने से पहले 11 बार। एकादशी को 108 बार।
7. Mantra for Marriage – विवाह के लिए
ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्यकुमारी धीमहि। तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्।।
कब जपें:विवाह योग्य कन्या और युवक दोनों के लिए। नवरात्रि में 108 बार।
8. Mantra for Health – स्वास्थ्य के लिए
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
कब जपें:बीमारी में रोगी के लिए परिजन 108 बार जपें। नियमित जाप दीर्घायु देता है।
9. Mantra for Sleep – नींद के लिए
ॐ नमः शिवाय।
कब जपें:सोने से पहले मन में धीरे-धीरे 11-21 बार। श्वास के साथ — सांस लेते “ॐ नमः”, छोड़ते “शिवाय”।
10. Mantra for Study – पढ़ाई के लिए
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।
कब जपें:पढ़ाई शुरू करने से पहले 11 बार। परीक्षा से पहले 108 बार।
11. Mantra for Luck – भाग्य के लिए
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः।
कब जपें:शुक्रवार को 108 बार। नई शुरुआत से पहले।
12. Mantra for Positive Energy – सकारात्मकता के लिए
ॐ भूर्भुवः स्वः। तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो नः प्रचोदयात्।।
कब जपें:सुबह सूर्योदय के समय 108 बार — यह गायत्री मंत्र सबसे शक्तिशाली positive energy mantra है।
13. Mantra for Protection – सुरक्षा के लिए
ॐ नमो भगवते आञ्जनेयाय महाबलाय स्वाहा।
कब जपें:यात्रा से पहले 11 बार। रात को घर में नकारात्मकता लगे तो 108 बार।
14. Mantra for Happiness – खुशी के लिए
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे।।
कब जपें:कभी भी, जहाँ भी। कीर्तन करते हुए — यह मंत्र तत्काल आनंद देता है।
15. Mantra Before Sleeping – सोने से पहले
कर दर्शन लेत है, करुणानिधि राम। प्रभु श्री राम चंद्र की जय। हनुमानजी महाराज की जय।।
या सरल रूप में — सोने से पहले मन में “जय श्री राम” दोहराते रहें। बुरे सपने नहीं आएँगे।
और भी पढ़ें – Sharandham पर
- Om Namah Shivaya Mantra – अर्थ और 108 बार जाप के लाभ
- Mahamrityunjaya Mantra – सम्पूर्ण पाठ और लाभ
- Hanuman Chalisa – सम्पूर्ण पाठ अर्थ सहित
- Gayatri Mantra – अर्थ और महत्व
- लक्ष्मी मंत्र – धन के लिए
- गणेश मंत्र – सफलता के लिए
- हनुमान मंत्र – सुरक्षा के लिए
- गायत्री मंत्र – सकारात्मकता के लिए
- सरस्वती मंत्र – पढ़ाई के लिए
- Sharandham – भारत के प्रमुख मंदिरों की जानकारी
निष्कर्ष
मंत्र कोई जादू नहीं — ये वह आध्यात्मिक उपकरण हैं जो मन को सही दिशा देते हैं और भगवान की कृपा को आमंत्रित करते हैं। आज से अपनी समस्या के अनुसार एक मंत्र चुनें और नियमित जाप शुरू करें।
ॐ तत् सत्। सभी की मंगल कामना।
सबसे powerful mantra for money कौन सा है?
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” — माँ लक्ष्मी का मूल मंत्र। शुक्रवार को 108 बार जाप, घर साफ रखें और परिश्रम करते रहें।
Mantra for anxiety कितने दिन में काम करता है?
पहले दिन से ही हल्कापन महसूस होता है। नियमित 21 दिन के जाप से मन में स्थायी शांति आती है।
क्या एक ही दिन में कई मंत्र जप सकते हैं?
हाँ — लेकिन एक बार में एक मंत्र पर ध्यान केंद्रित करें। सुबह गायत्री मंत्र, शाम को अपने इष्टदेव का मंत्र — यह संयोजन सर्वोत्तम है।
क्या ये mantras बिना पूजा-सामग्री के जप सकते हैं?
हाँ। मंत्र जपने के लिए केवल श्रद्धा चाहिए। पूजा-सामग्री जाप को और प्रभावशाली बनाती है — लेकिन ज़रूरी नहीं।
Uncategorized
Lakshmi Mantra in Hindi – धन, समृद्धि और माँ लक्ष्मी की कृपा के लिए शक्तिशाली मंत्र

जब घर में पैसों की तंगी हो, व्यापार में घाटा हो, या मेहनत के बाद भी धन न टिके — तब माँ लक्ष्मी की शरण लें। वे धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी हैं।
माँ लक्ष्मी को “चंचला” भी कहते हैं — यानी वे स्थिर नहीं रहतीं। लेकिन जो घर स्वच्छ हो, जहाँ नियमित पूजा-अर्चना हो और माँ के मंत्र जपे जाते हों — वहाँ लक्ष्मी जी स्थायी वास करती हैं।

7 शक्तिशाली Lakshmi Mantra
1. मूल लक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
सबसे सरल और प्रभावशाली। शुक्रवार को 108 बार जपें।
2. लक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ श्रीं।
“श्रीं” लक्ष्मी माता का बीज मंत्र है। जब भी पर्स या तिजोरी से पैसे निकालें, मन में “ॐ श्रीं” बोलें।
3. धन प्राप्ति मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
कर्ज़ से मुक्ति के लिए या बड़े धन की प्राप्ति के लिए — 21 शुक्रवार तक 108 बार जपें।
4. लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ महादेव्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्।।
दीपावली पूजा के दौरान विशेष रूप से यह मंत्र जपें।
5. श्री सूक्त का मुख्य श्लोक
हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आ वह।।
यह ऋग्वेद का श्री सूक्त है। दीपावली की रात इसका पूर्ण पाठ करें। (स्रोत: श्री सूक्त — विकिपीडिया)
6. शुक्रवार विशेष मंत्र
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः।।
शुक्रवार को माँ लक्ष्मी के सामने यह मंत्र बोलते हुए घी का दीपक जलाएँ।
7. व्यापार वृद्धि मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क श ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
यह श्री विद्या मंत्र है। व्यापारी इसे प्रतिदिन 11 बार जपें।
Lakshmi Mantra जाप विधि — शुक्रवार
- शुक्रवार को सायंकाल स्नान करें। पीले या लाल वस्त्र पहनें।
- घर साफ करें। माँ लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठें।
- शुद्ध घी का दीपक जलाएँ। कमल के फूल या गुलाब चढ़ाएँ। मिठाई का भोग लगाएँ।
- 108 बार मूल मंत्र जपें — “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
- जाप के बाद माँ से मनोकामना निवेदन करें और प्रसाद बाँटें।
और भी पढ़ें – Sharandham पर
- Om Namah Shivaya Mantra – अर्थ और 108 बार जाप के लाभ
- Mahamrityunjaya Mantra – सम्पूर्ण पाठ और लाभ
- Hanuman Chalisa – सम्पूर्ण पाठ अर्थ सहित
- Gayatri Mantra – अर्थ और महत्व
- लक्ष्मी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ अर्थ सहित
- लक्ष्मी आरती – ॐ जय लक्ष्मी माता
- दीपावली पूजा विधि
- धनतेरस पूजा विधि
- Sharandham – भारत के प्रमुख मंदिरों की जानकारी
निष्कर्ष
माँ लक्ष्मी धन के साथ-साथ ज्ञान, स्वास्थ्य और सौभाग्य की देवी भी हैं। आज से ही शुक्रवार को दीपक जलाकर “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का 108 बार जाप शुरू करें।
जय माँ लक्ष्मी। जय श्री।
Lakshmi Mantra कब जपना चाहिए?
शुक्रवार संध्याकाल सर्वोत्तम है। दीपावली, धनतेरस और शरद पूर्णिमा पर विशेष जाप करें।
क्या Lakshmi Mantra घर में पैसे लाता है?
मंत्र श्रद्धा और मेहनत का संयोजन है। जो लोग नियमित जाप के साथ परिश्रम भी करते हैं — उनके जीवन में माँ लक्ष्मी की कृपा अवश्य होती है।
“ॐ श्रीं” बीज मंत्र का क्या अर्थ है?
“श्रीं” लक्ष्मी माता का बीज अक्षर है — इसमें समस्त ऐश्वर्य और समृद्धि की शक्ति समाहित है।
क्या Friday (शुक्रवार) को Lakshmi Mantra जरूर जपना चाहिए?
शुक्र ग्रह माँ लक्ष्मी का कारक है — इसलिए शुक्रवार विशेष है। लेकिन मंत्र प्रतिदिन भी जपा जा सकता है।
Uncategorized
Tulsi Vivah Puja Vidhi in Hindi – माँ तुलसी और शालिग्राम पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

तुलसी विवाह – देवउठनी एकादशी पर माँ तुलसी और शालिग्राम (विष्णु स्वरूप) का दिव्य विवाह। इस दिन से विवाह के मुहूर्त शुरू होते हैं।
एक नज़र में
| देवता | माँ तुलसी और शालिग्राम |
| पूजन दिन | 20 नवंबर 2026 |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | तुलसी विवाह कथा |
Tulsi Vivah Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- तुलसी का पौधा – सजाया हुआ
- शालिग्राम
- गन्ना, आँवला
- लाल-पीली चुनरी
- सिंदूर, मेंहदी, चूड़ियाँ (तुलसी के लिए)
- पंचामृत
- हल्दी, कुमकुम
- मंडप सजाने की सामग्री
- मिठाई, खीर, पान
Tulsi Vivah Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- देवउठनी एकादशी (20 नवंबर 2026) को प्रातःकाल स्नान।
- तुलसी के पौधे को सुंदर सजाएं – लाल चुनरी, चूड़ियाँ, सिंदूर।
- शालिग्राम को पास में स्थापित करें।
- मंडप सजाएं – गन्ने और आँवले से।
- पंचामृत से तुलसी और शालिग्राम की पूजा।
- गठबंधन – तुलसी और शालिग्राम को एक साथ धागे से बाँधें।
- सात फेरे – तुलसी की 7 परिक्रमा।
- तुलसी विवाह कथा सुनें।
- आरती – ‘जय तुलसी माता’।
- आँवला और मिठाई का प्रसाद।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| तुलसी को 16 श्रृंगार कराएं | एकादशी को तुलसी के पत्ते न तोड़ें |
| पूरी विधि से विवाह संपन्न कराएं | जल्दबाजी न करें |
| परिवार सहित उत्सव मनाएं | अकेले न करें |
| आँवला जरूर रखें | तुलसी विवाह में आँवला विशेष शुभ |
Tulsi Vivah Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
तुलसी विवाह 2026 कब है?
20 नवंबर 2026 – देवउठनी एकादशी।
तुलसी विवाह के बाद विवाह मुहूर्त क्यों शुरू होते हैं?
चातुर्मास समाप्ति पर भगवान विष्णु जागते हैं – शुभ कार्य तभी से।
घर में तुलसी न हो तो?
किसी के घर से तुलसी की टहनी लाकर विधि करें।
विवाह के बाद प्रसाद?
आँवला, मिश्री और खीर।
Sharandham पर और भी पढ़ें
तुलसी विवाह कथा: तुलसी विवाह कथा
तुलसी माता आरती: तुलसी माता आरती
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Tulsi Vivah Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय माँ तुलसी! – Tulsi Vivah Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, विवाह बाधा दूर और गृहस्थ सुख मिले।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
-
Temples7 months agoकालकाजी मंदिर (Kalkaji Mandir) – इतिहास, दर्शन समय, महत्व और पूरी जानकारी
-
Temples7 months agoहनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस (Hanuman Mandir, Connaught Place) – इतिहास, महत्व और दर्शनीय जानकारी
-
Temples7 months agoलखनऊ के टॉप 10 प्रसिद्ध हिंदू मंदिर | Top 10 Best Hindu Temples in Lucknow to Visit (2026)
-
Aarti7 months agoSai Baba Aarti Lyrics in Hindi: आरती, महत्व, और पूजा विधि
-
Temples7 months agoफरीदाबाद के टॉप मंदिरों की सूची | आरती समय, दर्शन व पता | Top Mandir List of Faridabad
-
Chalisa7 months agoShree Hanuman Chalisa – श्री हनुमान चालीसा: Full Lyrics, Meaning & Benefits
-
Aarti7 months agoहनुमान जी की आरती (Hanuman Ji Ki Aarti in Hindi) – Lyrics, Meaning & Benefits
-
Temples7 months agoनोएडा के Top 10 प्रसिद्ध मंदिर | Noida Mandir List with Timings, Aarti & Location
You must be logged in to post a comment Login