Puja Vidhi
Diwali Puja Vidhi in Hindi – माँ लक्ष्मी, गणेश जी, कुबेर देव पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड
दीपावली – भारत का सबसे बड़ा उत्सव। इस रात माँ लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी पर विचरण करती हैं। सही विधि से पूजन करने पर माँ का स्थायी वास घर में होता है।
एक नज़र में
| देवता | माँ लक्ष्मी, गणेश जी, कुबेर देव |
| पूजन दिन | 8 नवंबर 2026 |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | दीपावली लक्ष्मी आरती |
Diwali Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- माँ लक्ष्मी, गणेश जी, कुबेर की मूर्तियाँ
- पंचबत्ती घी का दीप
- खील, बताशे, मिठाई
- कमल पुष्प, गेंदे के फूल
- पंचामृत
- रोली, अक्षत, कुमकुम
- कौड़ियाँ (लक्ष्मी पूजन में शुभ)
- चाँदी का सिक्का
- धूप-अगरबत्ती
- लक्ष्मी पूजन व्रत कथा
Diwali Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- दीपावली के दिन प्रातःकाल घर की सफाई करें।
- घर के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं।
- सायंकाल – प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) में पूजन।
- पूजन चौकी सजाएं – लाल कपड़ा बिछाएं।
- माँ लक्ष्मी, गणेश जी, कुबेर की मूर्तियाँ स्थापित करें।
- पहले गणेश जी की पूजा, फिर माँ लक्ष्मी, फिर कुबेर।
- पंचामृत से अभिषेक → रोली-अक्षत → कमल पुष्प → खील-बताशे।
- पंचबत्ती घी का दीप जलाकर आरती – ‘ओम जय लक्ष्मी माता’।
- तिजोरी और कैश-बॉक्स पर भी माँ का आह्वान।
- घर के हर कोने में दीप जलाएं – पूरी रात जलाएं।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| प्रदोष काल में पूजन करें | देर रात न करें |
| पूरी रात दीप जलाएं | घर में अंधेरा न रखें |
| कमल पुष्प चढ़ाएं | तुलसी लक्ष्मी पूजन में वर्जित |
| घर साफ रखें | गंदे घर में माँ नहीं आतीं |
Diwali Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
दीपावली 2026 कब है?
8 नवंबर 2026, रविवार।
प्रदोष काल कब है?
सूर्यास्त के बाद – 6:00 से 8:00 PM (स्थान के अनुसार)।
तिजोरी पर पूजन क्यों?
कुबेर और लक्ष्मी की पूजा से धन की वृद्धि होती है।
क्या पूरी रात दीप जलाना जरूरी है?
माँ लक्ष्मी रात को आती हैं – दीप जलाना उनका स्वागत है।
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दीपावली लक्ष्मी आरती: दीपावली लक्ष्मी आरती
दीपावली कथा: दीपावली कथा
कुबेर जी की आरती: कुबेर जी की आरती
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
अमावस्या 2026: Amavasya 2026 Dates
निष्कर्ष
Diwali Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
ओम जय लक्ष्मी माता! – Diwali Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, माँ का स्थायी वास घर में हो।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Durga Puja Vidhi in Hindi – माँ दुर्गा पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भूमिका – माँ दुर्गा
माँ दुर्गा – आदिशक्ति का सर्वोच्च रूप। मंगलवार और शुक्रवार को माँ दुर्गा की पूजा विशेष फलदायी है।
एक नज़र में
| देवता | माँ दुर्गा |
| पूजन दिन | मंगलवार, शुक्रवार, नवरात्रि |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | दुर्गा जी की आरती |
Durga Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र
- लाल फूल – गुलाब, गेंदा
- लाल चुनरी
- सिंदूर और कुमकुम
- घी का पंचबत्ती दीप
- धूप-अगरबत्ती
- नारियल, पान, सुपारी
- हलवा-पूड़ी या फल – भोग
- दुर्गा सप्तशती पुस्तक
Durga Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- मंगलवार या शुक्रवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- माँ दुर्गा की प्रतिमा को लाल कपड़े पर स्थापित करें।
- सिंदूर और कुमकुम से तिलक करें।
- लाल चुनरी ओढ़ाएं।
- लाल फूल और गुलाब अर्पित करें।
- पंचबत्ती घी का दीप जलाएं।
- हलवा-पूड़ी का भोग लगाएं।
- दुर्गा सप्तशती का पाठ (यदि संभव हो)।
- ‘जय अम्बे गौरी’ आरती गाएं।
- नवरात्रि में 9 दिन प्रतिदिन यह पूजन।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| लाल फूल जरूर चढ़ाएं | माँ को पीले फूल से बचें |
| लाल वस्त्र पहनें | काला रंग माँ के पूजन में अशुभ |
| व्रत में सात्त्विक रहें | प्याज-लहसुन, माँसाहार वर्जित |
| माँ को चुनरी जरूर चढ़ाएं | बिना चुनरी के पूजन अधूरी |
Durga Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
माँ दुर्गा की पूजा कब करें?
मंगलवार, शुक्रवार और नवरात्रि में।
क्या दुर्गा सप्तशती रोज पढ़ें?
यदि समय हो तो। कम से कम नवरात्रि में अवश्य पढ़ें।
माँ को क्या भोग लगाएं?
हलवा, पूड़ी, खीर और फल।
क्या पुरुष दुर्गा पूजा कर सकते हैं?
हाँ – माँ दुर्गा की पूजा सभी के लिए।
Sharandham पर और भी पढ़ें
दुर्गा जी की आरती: दुर्गा जी की आरती
दुर्गा चालीसा: दुर्गा चालीसा
नवरात्रि पूजा विधि: नवरात्रि पूजा विधि
दुर्गा कथा: दुर्गा कथा
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एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Durga Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय माँ दुर्गा! – Durga Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, आदिशक्ति की कृपा से जीवन के विघ्न दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Hanuman Puja Vidhi in Hindi – भगवान हनुमान पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

भगवान हनुमान – शक्ति और भक्ति के देवता। मंगलवार और शनिवार को हनुमान पूजन से भय, शत्रु और शनि दोष दूर होता है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान हनुमान |
| पूजन दिन | मंगलवार, शनिवार, हनुमान जयंती |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | हनुमान चालीसा |
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र
- सिंदूर – हनुमान जी को लाल सिंदूर प्रिय
- सरसों का तेल
- लाल फूल और गेंदे के फूल
- पान, गुड़, चना
- घी का दीप
- हनुमान चालीसा
- बजरंग बाण पुस्तक
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- मंगलवार या शनिवार को प्रातःकाल स्नान करें।
- हनुमान मंदिर जाएं या घर पर पूजन करें।
- हनुमान जी को तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाएं।
- लाल फूल और गेंदे की माला अर्पित करें।
- गुड़ और चने का भोग लगाएं।
- ‘ॐ हनुमते नमः’ का जाप।
- हनुमान चालीसा का पाठ।
- बजरंग बाण पाठ (शत्रु भय हो तो)।
- हनुमान जी की आरती गाएं।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| सिंदूर जरूर चढ़ाएं | हनुमान जी को तुलसी भी प्रिय है |
| मंगलवार-शनिवार नियमित जाएं | अशुद्ध अवस्था में न जाएं |
| हनुमान चालीसा पाठ करें | महिलाएं माहवारी में हनुमान मंदिर न जाएं |
| गुड़-चना भोग लगाएं | मांसाहार, मदिरा वर्जित |
Hanuman Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
हनुमान जी की पूजा कब करें?
मंगलवार और शनिवार को। हनुमान जयंती और सुंदरकांड पाठ के समय।
सिंदूर का चोला क्यों?
माँ सीता ने सिंदूर लगाया था। हनुमान जी ने पूछा तो बताया – पति की दीर्घायु के लिए। हनुमान ने सारे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।
शनि दोष में हनुमान पूजा क्यों?
हनुमान जी ने शनि देव को बंधन से मुक्त किया था – इसलिए हनुमान भक्तों पर शनि का प्रकोप कम होता है।
हनुमान चालीसा कितनी बार पढ़ें?
प्रतिदिन एक बार। विशेष इच्छा के लिए 40 दिन नियमित पाठ।
Sharandham पर और भी पढ़ें
हनुमान चालीसा: हनुमान चालीसा
हनुमान कथा: हनुमान कथा
राम जी की आरती: राम जी की आरती
शनिवार व्रत कथा: शनिवार व्रत कथा
हिंदू त्योहार: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Hanuman Pooja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय हनुमान! – Hanuman Pooja Vidhi के अनुसार पूजन करें, बजरंगबली की कृपा से भय और शत्रु दूर हों।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – भगवान गणेश पूजन: सम्पूर्ण Step-by-Step गाइड

गणेश चतुर्थी – भगवान गणेश का जन्मोत्सव। 10 दिन का यह महोत्सव घर में गणपति स्थापना से शुरू होकर विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) पर समाप्त होता है।
एक नज़र में
| देवता | भगवान गणेश |
| पूजन दिन | 22 अगस्त 2026 |
| पूजन समय | प्रातःकाल या सायंकाल |
| अनिवार्य | श्रद्धा और स्वच्छता |
| फल | गणेश चालीसा |
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – पूजन सामग्री सूची
- गणेश जी की मूर्ति (मिट्टी की)
- लाल फूल, दूर्वा (घास)
- मोदक – लड्डू (21 या 11)
- पान, सुपारी, नारियल
- रोली, अक्षत, सिंदूर
- घी का दीप और अगरबत्ती
- लाल कपड़ा और सिंहासन
- पंचामृत
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सम्पूर्ण पूजन विधि (Step-by-Step)
- गणेश चतुर्थी (22 अगस्त 2026) को प्रातःकाल मूर्ति लाएं।
- पूजन चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मूर्ति स्थापित करें।
- पंचामृत से अभिषेक।
- दूर्वा अर्पित करें – 21 दूर्वा विशेष शुभ।
- लाल फूल, सिंदूर और अक्षत चढ़ाएं।
- मोदक का भोग – 21 मोदक।
- ‘ॐ गण गणपतये नमः’ का जाप।
- गणेश आरती गाएं।
- 10 दिन प्रतिदिन पूजन।
- अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) को विसर्जन।
क्या करें / क्या न करें
| क्या करें ✓ | क्या न करें ✗ |
| दूर्वा जरूर चढ़ाएं | तुलसी गणेश जी को वर्जित है |
| मिट्टी की मूर्ति खरीदें | प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्ति पर्यावरण के लिए हानिकारक |
| चंद्रमा न देखें (चतुर्थी पर) | गणेश जी ने चंद्रमा को शाप दिया था |
| विसर्जन प्रेम से करें | जल में सही विसर्जन करें |
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
22 अगस्त 2026।
गणेश जी को क्या प्रिय है?
मोदक, लड्डू और दूर्वा घास।
10 दिन या 1.5 दिन?
परंपरा के अनुसार – 1.5, 3, 5, 7 या 10 दिन।
गणेश विसर्जन कब?
अनंत चतुर्दशी – 25 सितंबर 2026।
Sharandham पर और भी पढ़ें
गणेश चालीसा: गणेश चालीसा
गणेश कथा: गणेश कथा
अनंत चतुर्दशी कथा: अनंत चतुर्दशी कथा
Hindu Festival Calendar 2026: Hindu Festival Calendar 2026
एकादशी 2026: Ekadashi 2026 List
निष्कर्ष
Ganesh Chaturthi Puja Vidhi in Hindi – सरल, शुद्ध और श्रद्धापूर्ण पूजन ही भगवान को प्रसन्न करता है। पूजन में महँगी सामग्री नहीं, श्रद्धा सबसे जरूरी है। आज से नियमित पूजन शुरू करें।
जय गणेश देवा! – Ganesh Chaturthi Puja Vidhi के अनुसार पूजन करें, विघ्नहर्ता की कृपा पाएं।
Sharandham पर देखें: सम्पूर्ण व्रत कथा संग्रह | आरती संग्रह | चालीसा संग्रह
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