
भगवान शिव – त्रिदेवों में सबसे सरल। ‘बेलपत्र जल’ मात्र से प्रसन्न होने वाले भोलेनाथ की पूजा विधि सरल है पर नियमों का पालन जरूरी है।...

भगवान गणेश – प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता। हर शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी की पूजा होती है। उनका हाथी का सिर और...

माँ बगलामुखी – दस महाविद्याओं में से एक, शत्रु-स्तंभन और वाक्-सिद्धि की देवी। पीत (पीले) रंग से इनकी पूजा होती है। Baglamukhi Chalisa उन लोगों के...

तुलसी विवाह – देवउठनी एकादशी पर माँ तुलसी और शालिग्राम (विष्णु स्वरूप) का दिव्य विवाह। इस दिन से विवाह के मुहूर्त शुरू होते हैं। एक नज़र...

भगवान शिव – त्रिदेवों में संहारक, परंतु भक्तों पर सर्वाधिक दयालु। ‘भोलेनाथ’ – जो सच्चे मन से पुकारे, उसकी इच्छा पूरी करते हैं। शिव पुराण में...

अनंत चतुर्दशी – भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी। यह वह पवित्र दिन है जब गणेश चतुर्थी का 10 दिवसीय महोत्सव समाप्त होता है और भगवान अनंत (विष्णु) का...

कुबेर देव – देवताओं के खजांची, यक्षों के राजा, उत्तर दिशा के स्वामी। वे धन, वैभव और ऐश्वर्य के देवता हैं। धनतेरस और दीपावली पर लक्ष्मी...

नवरात्रि – माँ दुर्गा के नौ रूपों की नौ दिन उपासना। यह भारत का सबसे भव्य और भावपूर्ण उत्सव है। प्रतिदिन सुबह और शाम माँ की...

भाई दूज – भाई-बहन के प्रेम का पर्व। इस दिन बहन अपने भाई को तिलक करती है और उसकी दीर्घायु की कामना करती है। एक नज़र...

आँवला नवमी – कार्तिक शुक्ल नवमी को मनाया जाने वाला एक अनूठा पर्व जिसमें आँवले के वृक्ष की पूजा होती है। आँवले को विष्णु जी का...