
माँ लक्ष्मी – धन, वैभव और सौभाग्य की देवी। जहाँ माँ लक्ष्मी का वास होता है, वहाँ दरिद्रता का प्रवेश नहीं। वे भगवान विष्णु की अर्धांगिनी...

माँ दुर्गा – आदिशक्ति का सबसे शक्तिशाली रूप। जब देवता भी हार गए, माँ दुर्गा ने असुरों का नाश किया। ‘दुर्गा’ शब्द का अर्थ है –...

भगवान हनुमान – शक्ति और भक्ति के देवता। मंगलवार और शनिवार को हनुमान पूजन से भय, शत्रु और शनि दोष दूर होता है। एक नज़र में...

नवग्रह – सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु – ये नौ ग्रह मनुष्य के जीवन, स्वभाव और भाग्य को प्रभावित करते हैं।...

भगवान श्री कृष्ण – विष्णु के सोलह कलाओं से पूर्ण अवतार। गोकुल की माखन-चोरी से लेकर कुरुक्षेत्र की गीता तक – हर लीला एक दिव्य संदेश...

शनि देव – न्याय के देवता, कर्म के विधाता। वे भयावह नहीं, न्यायकारी हैं। जो अच्छे कर्म करे उसे पुरस्कार, बुरे कर्म करे उसे दंड –...

गणेश चतुर्थी – भगवान गणेश का जन्मोत्सव। 10 दिन का यह महोत्सव घर में गणपति स्थापना से शुरू होकर विसर्जन (अनंत चतुर्दशी) पर समाप्त होता है।...
माँ चामुण्डा – दुर्गा जी का वह उग्र रूप जो चण्ड और मुण्ड नामक असुरों का वध करने के बाद ‘चामुण्डा’ कहलाया। वे नवदुर्गा में से...

भगवान हनुमान – राम भक्तों में श्रेष्ठ, शक्ति और भक्ति के प्रतीक। वे अमर हैं और कलियुग में भी पृथ्वी पर विचरण करते हैं। जहाँ राम-कथा...

भगवान विष्णु – त्रिदेवों में पालनकर्ता। जब-जब धर्म की हानि हुई, उन्होंने अवतार लेकर पृथ्वी की रक्षा की। मत्स्य से लेकर कल्कि तक दस अवतार –...