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Top 10 Famous Temples in Tripura त्रिपुरा के 10 प्रसिद्ध मंदिर – Darshan Timing, Aarti Time & Travel Guide
Tripura – City Introduction | त्रिपुरा के बारे में
त्रिपुरा – नाम सुनते ही मन में एक हरी-भरी, शांत और आध्यात्मिक जगह की तस्वीर उभरती है। भारत के उत्तर-पूर्व में बसा यह छोटा सा राज्य तीन तरफ से बांग्लादेश से घिरा हुआ है और राजधानी है अगरतला। बाहर से देखने में शायद यह राज्य छोटा लगे, लेकिन यहाँ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत किसी भी बड़े राज्य से कम नहीं है।
माणिक्य राजवंश ने यहाँ सदियों तक शासन किया और इस दौरान अनेक भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ। भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक – माँ त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर – यहीं है। इसके अलावा उनाकोटि की रॉक-कट मूर्तियाँ, देवतामुरा का अनोखा शैल-मंदिर और खरची पूजा जैसे उत्सव त्रिपुरा को एक खास तीर्थस्थल बनाते हैं। अधिक जानकारी के लिए: Tripura Tourism Official Website।
यहाँ 19 जनजातियाँ रहती हैं जिनकी अपनी अलग पूजा-परंपराएँ हैं। हिंदू, बौद्ध और जनजातीय आस्थाओं का यह संगम यहाँ की मंदिर परंपरा में भी दिखता है। अगर आप सच में एक ऐसे तीर्थ की तलाश में हैं जहाँ शांति हो, इतिहास हो और माँ की कृपा भी – तो त्रिपुरा ज़रूर आएं। अक्टूबर से मार्च का समय सबसे अच्छा रहता है।
त्रिपुरा के Top 10 मंदिर – एक नज़र में
- 1. Tripura Sundari Temple (Matabari) – उदयपुर
- 2. Jagannath Temple – अगरतला
- 3. Chaturdasha Devata Temple – पुरानी अगरतला
- 4. Bhuvaneswari Temple – उदयपुर
- 5. Unakoti – कैलाशहर
- 6. Kamalasagar Kali Temple – पश्चिम त्रिपुरा
- 7. Maa Bhabatarini Temple – उनाकोटि
- 8. Deotamura Rock Shrine – गोमती
- 9. Lakshmi Narayan Temple – अगरतला
- 10. Kasba Kali Bari – अगरतला
1. Tripura Sundari Temple, Udaipur – त्रिपुरा का सबसे बड़ा शक्तिपीठ
अगर आप त्रिपुरा जा रहे हैं और एक ही मंदिर देख सकते हैं, तो वो होना चाहिए – माँ त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर। उदयपुर में एक कछुए के आकार की छोटी सी पहाड़ी पर बना यह मंदिर भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। माना जाता है कि यहाँ माता सती का दायाँ पैर गिरा था, इसीलिए इसे महापीठ कहते हैं।
मंदिर का निर्माण 1501 ई. में महाराजा धन्य माणिक्य ने करवाया था। माँ की मूर्ति काले पत्थर से बनी है और देखते ही मन में एक अजब सी शांति आ जाती है। मंदिर के पास जो कल्याण सागर तालाब है, उसमें सैकड़ों कछुए और मछलियाँ हैं जिन्हें लोग मुरी खिलाते हैं। यह नज़ारा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबको बहुत पसंद आता है। (स्रोत: Wikipedia – Tripura Sundari Temple)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Tripura Sundari Temple Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ त्रिपुरा सुंदरी (ललिता देवी / राज राजेश्वरी) |
| पता | माताबाड़ी, उदयपुर, गोमती जिला, त्रिपुरा – 799120 |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM (दोपहर 12 से 4 बजे बंद – अनुमानित) |
| आरती समय | मंगला आरती: 5:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM | शयन आरती: 8:00 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, दुर्गा पूजा, दीपावली |
| अगरतला से दूरी | करीब 55 किमी – NH-8 से (डेढ़ से दो घंटे) |
| नजदीकी रेलवे | उदयपुर रेलवे स्टेशन (5 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (60 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला से NH-8 पर उदयपुर की तरफ चलें – रास्ता बिल्कुल सीधा है। बस, शेयर टैक्सी या अपनी गाड़ी सब चलती है।
रेल मार्ग:अगरतला से उदयपुर के लिए ट्रेन है। स्टेशन से मंदिर सिर्फ 5 किमी है, ऑटो मिल जाते हैं।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट सबसे नजदीक है। कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी से फ्लाइट मिलती है।
2. Jagannath Temple, Agartala – उज्जयंत महल के पास
अगरतला में घूमते वक्त अगर उज्जयंत महल के पास से गुज़रें तो जगन्नाथ मंदिर जरूर देखें। यह मंदिर 19वीं सदी में महाराजा राधा किशोर माणिक्य ने बनवाया था और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को यहाँ पूजा जाता है।
मंदिर की अष्टकोणीय बनावट बड़ी अनोखी है – अरबी और हिंदू स्थापत्य का मेल देखने को मिलता है। रथ यात्रा के दिनों में यहाँ का माहौल देखते ही बनता है – पूरे शहर में उत्सव जैसा नज़ारा रहता है। (स्रोत: Wikipedia – Jagannath Mandir Agartala)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Jagannath Temple Agartala Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा |
| पता | पैलेस कम्पाउंड, कृष्ण नगर, अगरतला, पश्चिम त्रिपुरा – 799001 |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 10:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | रथ यात्रा, जन्माष्टमी |
| अगरतला से दूरी | शहर के अंदर ही है (रेलवे स्टेशन से 3 किमी) |
| नजदीकी रेलवे | अगरतला रेलवे स्टेशन (3 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (12 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला के अंदर ही है। ऑटो या टैक्सी से आसानी से पहुँच सकते हैं।
रेल मार्ग:अगरतला रेलवे स्टेशन से सिर्फ 3 किमी। रिक्शा या ऑटो से पहुँचें।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 12 किमी। टैक्सी या ऑटो उपलब्ध।
3. Chaturdasha Devata Temple – 14 देवताओं का अनोखा मंदिर
क्या आपने कभी एक ही जगह 14 देवी-देवताओं के दर्शन किए हैं? पुरानी अगरतला में यह संभव है। चतुर्दश देवता मंदिर में दुर्गा, शिव, विष्णु, सरस्वती, गणेश, ब्रह्मा, कार्तिकेय समेत कुल 14 देवताओं की पूजा होती है। 15वीं सदी में महाराजा धन्य माणिक्य ने यह मंदिर बनवाया था।
यहाँ हर साल जुलाई में खरची पूजा होती है जो त्रिपुरा का सबसे बड़ा और सबसे धूमधाम वाला त्योहार है। इस दौरान लाखों लोग आते हैं – ट्राइबल और नॉन-ट्राइबल दोनों। मंदिर की बनावट बंगाली शैली में है जिस पर थोड़ा बौद्ध स्थापत्य का असर भी दिखता है। (स्रोत: Wikipedia – Chaturdasha Devata Temple)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Chaturdasha Devata Temple Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | 14 देवी-देवता (दुर्गा, शिव, विष्णु, गणेश आदि) |
| पता | पुरानी अगरतला, पश्चिम त्रिपुरा – अगरतला से 14 किमी |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM (खरची पूजा पर 24 घंटे खुला) |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:00 AM | शाम आरती: 6:00 PM |
| बड़े त्योहार | खरची पूजा (जुलाई), दुर्गा पूजा |
| अगरतला से दूरी | 14 किमी (बस और टैक्सी मिलती है) |
| नजदीकी रेलवे | अगरतला रेलवे स्टेशन (14 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (24 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला से पुरानी अगरतला के लिए नियमित बसें और टैक्सी मिलती हैं। रास्ता अच्छा है।
रेल मार्ग:अगरतला रेलवे स्टेशन से टैक्सी या बस लें।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से करीब 24 किमी।
4. Bhuvaneswari Temple, Udaipur – गोमती नदी के किनारे
गोमती नदी के किनारे बसा भुवनेश्वरी मंदिर उदयपुर के सबसे शांत और खूबसूरत धार्मिक स्थलों में से एक है। माँ भुवनेश्वरी को समर्पित यह मंदिर बंगाली चारचाला शैली में बना है। खास बात यह है कि रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने नाटकों ‘राजर्षि’ और ‘बिसर्जन’ में इस मंदिर का ज़िक्र किया है।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर देखने के बाद यहाँ आ सकते हैं – दोनों उदयपुर में ही हैं। काली पूजा के दिनों में यहाँ का माहौल बहुत भक्तिमय हो जाता है। (स्रोत: Wikipedia – Bhuvaneswari Temple Tripura)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Bhuvaneswari Temple Udaipur
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ भुवनेश्वरी |
| पता | गोमती नदी तट, उदयपुर, गोमती जिला, त्रिपुरा |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | काली पूजा, दुर्गा पूजा |
| अगरतला से दूरी | 55 किमी – NH-8 से |
| नजदीकी रेलवे | उदयपुर रेलवे स्टेशन (2 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (60 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:उदयपुर बस स्टैंड से 2 किमी। ऑटो से पहुँचें।
रेल मार्ग:उदयपुर रेलवे स्टेशन से 2 किमी – पैदल या ऑटो से।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 60 किमी।
5. Unakoti, Kailashahar – पत्थरों में उकेरे 99 लाख देवता
उनाकोटि एक ऐसी जगह है जो एक बार देखी तो उम्र भर याद रहती है। उत्तर त्रिपुरा में कैलाशहर के पास घने जंगलों के बीच पहाड़ी पर 8वीं-9वीं सदी की विशाल रॉक-कट मूर्तियाँ हैं। ‘उनाकोटि’ यानी एक करोड़ से एक कम – मतलब 99 लाख 99 हज़ार 999 देवी-देवताओं की मूर्तियाँ यहाँ उकेरी गई हैं। यह स्थल ASI द्वारा संरक्षित है।
6 मीटर ऊँचा कामाख्या शिव का विग्रह इस पूरी जगह का सबसे प्रभावशाली हिस्सा है। अगर आप ट्रेकिंग और धर्म दोनों पसंद करते हैं तो यह जगह आपके लिए एकदम सही है। चैत्र संक्रांति (अप्रैल) में यहाँ बड़ा मेला लगता है। (स्रोत: Wikipedia – Unakoti)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Unakoti Tripura Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव (ASI संरक्षित रॉक-कट मूर्तियाँ) |
| पता | उनाकोटि, कैलाशहर के पास, उत्तर त्रिपुरा – 799277 |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 5:00 PM |
| आरती समय | चैत्र संक्रांति और महाशिवरात्रि पर विशेष पूजा |
| बड़े त्योहार | चैत्र संक्रांति मेला (अप्रैल), महाशिवरात्रि |
| अगरतला से दूरी | 178 किमी (बस/कार से करीब 5 घंटे) |
| नजदीकी रेलवे | कुमारघाट रेलवे स्टेशन (8 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (178 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला से कुमारघाट होते हुए उनाकोटि – करीब 178 किमी। सड़क ठीक है पर समय लगता है, सुबह जल्दी निकलें।
रेल मार्ग:कुमारघाट स्टेशन सबसे नजदीक है – वहाँ से 8 किमी पर उनाकोटि है।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 178 किमी।
6. Kamalasagar Kali Temple – सीमा पर माँ काली का धाम
अगरतला से सिर्फ 31 किमी दूर, बांग्लादेश की सीमा के बिल्कुल पास एक पहाड़ी पर माँ काली का यह मंदिर बसा है। 15वीं सदी में महाराजा धन्य माणिक्य ने इसे बनवाया था। नीचे कमलासागर झील का नजारा और ऊपर से बांग्लादेश का बॉर्डर – यहाँ से दृश्य सच में अनोखा होता है।
यहाँ की खासियत यह है कि दोनों तरफ से – भारत और बांग्लादेश – के भक्त माँ के दर्शन को आते हैं। काली पूजा के दिन यहाँ बहुत भीड़ होती है लेकिन माहौल बहुत भक्तिपूर्ण रहता है। (स्रोत: Tripura Tourism – Kamalasagar)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Kamalasagar Kali Temple Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ काली |
| पता | कमलासागर, बिश्रामगंज के पास, पश्चिम त्रिपुरा |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – शाम 6:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 5:30 AM | शाम आरती: 5:30 PM |
| बड़े त्योहार | काली पूजा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि |
| अगरतला से दूरी | 31 किमी (बस या टैक्सी से) |
| नजदीकी रेलवे | अगरतला रेलवे स्टेशन (31 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (40 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला से बस या टैक्सी – 31 किमी का आसान रास्ता। हाफ डे ट्रिप के लिए परफेक्ट है।
रेल मार्ग:अगरतला रेलवे स्टेशन से टैक्सी लें।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 40 किमी।
7. Maa Bhabatarini Temple – जंगल के बीच माँ का घर
उनाकोटि की पहाड़ियों में जहाँ एक तरफ हज़ारों साल पुरानी रॉक-कट मूर्तियाँ हैं, वहीं पास में माँ भबतारिणी का यह छोटा लेकिन बहुत प्रिय मंदिर है। 1981 में स्थापित यह मंदिर माँ दुर्गा के भबतारिणी स्वरूप को समर्पित है।
यहाँ चारों तरफ हरियाली और पहाड़ी झरनों की आवाज़ में दर्शन करने का अनुभव ही अलग है। अप्रैल में चैत्र संक्रांति पर माँ भबतारिणी मेला लगता है जो इस पूरे इलाके का सबसे बड़ा उत्सव है। उनाकोटि आएं तो इस मंदिर में जरूर माथा टेकें। (स्रोत: Tripura Tourism Official)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Maa Bhabatarini Temple Location
| देवता | माँ भबतारिणी (दुर्गा का स्वरूप) |
| पता | उनाकोटि ग्राम, उत्तर त्रिपुरा |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 10:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | माँ भबतारिणी मेला (चैत्र संक्रांति), दुर्गा पूजा |
| अगरतला से दूरी | 178 किमी (कुमारघाट के रास्ते) |
| नजदीकी रेलवे | कुमारघाट रेलवे स्टेशन |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:उनाकोटि के रास्ते से ही यहाँ पहुँचते हैं – दोनों एक ही जगह हैं।
रेल मार्ग:कुमारघाट स्टेशन से ऑटो/टैक्सी लें।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 178 किमी।
8. Deotamura, Gomati – नाव से जाइए, भगवान पहाड़ पर मिलेंगे
देवतामुरा एक ऐसी जगह है जहाँ पहुँचने का सफर खुद में एक यादगार अनुभव है। गोमती नदी को नाव से पार करने के बाद आप एक ऐसी पहाड़ी के पास पहुँचते हैं जिसकी दीवारों पर 15वीं-16वीं सदी में 37 से ज़्यादा देवी-देवताओं की विशाल मूर्तियाँ उकेरी गई हैं। यह स्थल ASI द्वारा संरक्षित है।
शिव, दुर्गा और अन्य देवों की ये नक्काशियाँ देखकर अंदाज़ा होता है कि उस ज़माने के शिल्पकार कितने प्रतिभाशाली रहे होंगे। जो लोग इतिहास, धर्म और प्रकृति तीनों को एक साथ महसूस करना चाहते हैं उनके लिए यह जगह एकदम अलग है। (स्रोत: Wikipedia – Deotamura)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Deotamura Tripura Location
| देवता | शिव, दुर्गा एवं अन्य (ASI रॉक-कट मूर्तियाँ) |
| पता | देवतामुरा, गोमती नदी तट, उदयपुर से 40 किमी |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – शाम 5:00 PM |
| आरती समय | महाशिवरात्रि और विशेष पर्वों पर पूजा |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, दुर्गा पूजा |
| अगरतला से दूरी | 75 किमी (उदयपुर होते हुए, नाव से नदी पार) |
| नजदीकी रेलवे | उदयपुर रेलवे स्टेशन (40 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (75 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:उदयपुर से 40 किमी। वहाँ से गोमती नदी पर नाव मिलती है। नाव की व्यवस्था पहले से करना बेहतर है।
रेल मार्ग:उदयपुर स्टेशन से टैक्सी लें।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 75 किमी।
9. Lakshmi Narayan Temple, Agartala – राजघराने का विष्णु मंदिर
त्रिपुरा के माणिक्य राजघराने ने अगरतला में जो मंदिर बनवाए उनमें लक्ष्मी नारायण मंदिर एक खास जगह है। भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी को समर्पित यह मंदिर उड़ीसा शैली की वास्तुकला का सुंदर उदाहरण है। इसे भारतीय हेरिटेज एक्ट के तहत संरक्षित किया गया है।
जन्माष्टमी पर यहाँ देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त आते हैं। मंदिर का परिसर साफ-सुथरा और शांत है – रोज़मर्रा की दर्शन के लिए भी और खास पर्वों पर भी यहाँ आना अच्छा लगता है। (स्रोत: Wikipedia – Lakshmi Narayan Temple Agartala)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Lakshmi Narayan Temple Agartala
| देवता | भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी |
| पता | अगरतला, पश्चिम त्रिपुरा – 799001 |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 7:00 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | जन्माष्टमी, राम नवमी, दीपावली |
| अगरतला से दूरी | शहर के अंदर (रेलवे स्टेशन से 4 किमी) |
| नजदीकी रेलवे | अगरतला रेलवे स्टेशन (4 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (14 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला शहर में ही। ऑटो रिक्शा से आसानी से पहुँचें।
रेल मार्ग:अगरतला रेलवे स्टेशन से 4 किमी।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 14 किमी।
10. Kasba Kali Bari, Agartala – शहर के दिल में माँ काली
अगरतला के पुराने कसबा इलाके में स्थित यह काली बाड़ी शहर के सबसे पुराने और लोकप्रिय शक्ति मंदिरों में से एक है। यहाँ के स्थानीय लोग माँ काली पर बहुत श्रद्धा रखते हैं और सुबह-शाम दर्शन के लिए आते हैं।
त्रिपुरा की तांत्रिक परंपरा का यह एक जीवंत उदाहरण है। काली पूजा और दुर्गा पूजा में यहाँ का नज़ारा बिल्कुल अलग होता है – ढोल-ढाक की गूँज और दीपों की रोशनी में माँ का श्रृंगार देखते ही बनता है। अगरतला में हैं तो इस मंदिर में जरूर जाएं। (स्रोत: Tripura Tourism Official)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Kasba Kali Bari Agartala Location
| देवता | माँ काली |
| पता | कसबा, अगरतला, पश्चिम त्रिपुरा – 799001 |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 5:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | काली पूजा, दुर्गा पूजा, नवरात्रि |
| अगरतला से दूरी | शहर के अंदर (रेलवे स्टेशन से 3 किमी) |
| नजदीकी रेलवे | अगरतला रेलवे स्टेशन (3 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट, अगरतला (13 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
सड़क मार्ग:अगरतला में ही है। पूरे शहर से ऑटो या रिक्शा मिलता है।
रेल मार्ग:अगरतला रेलवे स्टेशन से 3 किमी।
हवाई मार्ग:अगरतला एयरपोर्ट से 13 किमी।
Travel Tips – जाने से पहले यह जरूर पढ़ें
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम ठंडा और सुहाना, घूमने के लिए सबसे बढ़िया।
- नवरात्रि (सितंबर-अक्टूबर) – माँ त्रिपुरा सुंदरी सहित सभी शक्ति मंदिरों पर भव्य उत्सव।
- खरची पूजा (जुलाई) – चतुर्दश देवता मंदिर में लाखों लोगों का जमावड़ा – एक बार जरूर देखें।
- चैत्र संक्रांति (अप्रैल) – उनाकोटि का बड़ा मेला।
क्या पहनें? Dress Code
- साधारण, शालीन कपड़े पहनें – पारंपरिक हो तो और भी अच्छा।
- मंदिर में जाने से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- फोटो लेने से पहले पूछ लें – कुछ मंदिरों के गर्भगृह में फोटोग्राफी मना है।
और कुछ ज़रूरी बातें
- उनाकोटि और देवतामुरा के लिए पूरा दिन रखें – इन्हें जल्दी में नहीं देखा जा सकता।
- देवतामुरा जाने के लिए नाव की बुकिंग पहले से करें।
- पीक सीजन में त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में सुबह जल्दी जाएं – भीड़ कम रहती है।
- अगरतला में हर बजट के होटल हैं; उदयपुर में गेस्टहाउस मिलते हैं।
- त्रिपुरा में खाना बहुत स्वादिष्ट है – मुई बोरोक (स्थानीय व्यंजन) जरूर ट्राई करें।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
त्रिपुरा का सबसे फेमस मंदिर कौन सा है?
माँ त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (माताबाड़ी, उदयपुर) सबसे प्रसिद्ध है। यह भारत के 51 शक्तिपीठों में शामिल है। पूरी जानकारी: Wikipedia – Tripura Sundari Temple।
अगरतला में कौन-कौन से मंदिर हैं?
अगरतला में जगन्नाथ मंदिर, कसबा काली बाड़ी और लक्ष्मी नारायण मंदिर शहर के अंदर हैं। 14 किमी पर चतुर्दश देवता मंदिर और 31 किमी पर कमलासागर काली मंदिर है।
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का Darshan Time क्या है?
मंदिर सुबह 5 बजे खुलता है और रात 9 बजे बंद होता है। दोपहर 12 से 4 बजे तक बंद रहता है (अनुमानित – जाने से पहले confirm करें)।
क्या अगरतला से सभी मंदिरों तक खुद जा सकते हैं?
हाँ, बिल्कुल। अगरतला से बस, टैक्सी या खुद की गाड़ी से सभी प्रमुख मंदिरों तक पहुँचा जा सकता है। उनाकोटि और देवतामुरा थोड़े दूर हैं – उनके लिए एक पूरा दिन रखें।
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Top 5 Famous Temples in Akkalkot – Darshan Time, Aarti Timing and Travel Guide

Akkalkot – City Introduction | Akkalkot के बारे में
अक्कलकोट – महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में स्थित यह छोटा सा शहर श्री स्वामी समर्थ महाराज की दिव्य भूमि के रूप में पूरे देश में प्रसिद्ध है। स्वामी समर्थ को भगवान दत्तात्रेय का अवतार माना जाता है और उनके भक्त महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश समेत पूरे देश से यहाँ आते हैं।
अक्कलकोट एक ऐसी जगह है जहाँ आने पर मन को अजीब सी शांति मिलती है। यहाँ आकर लोग कहते हैं – ‘स्वामींचा कृपाशीर्वाद मिला।’ अगर आप आध्यात्मिक शांति की तलाश में हैं तो अक्कलकोट की यात्रा जीवन में एक बार जरूर करें।
Akkalkot के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. Swami Samarth Mandir (Vatavruksha Mandir)
- 2. Datta Mandir, Akkalkot
- 3. Khandoba Mandir, Akkalkot
- 4. Shri Mallikarjun Temple
- 5. Swami Rajaraya Math, Akkalkot
Swami Samarth Mandir (Vatavruksha Mandir)
अक्कलकोट का स्वामी समर्थ मंदिर उस जगह पर बना है जहाँ श्री स्वामी समर्थ महाराज 22 वर्षों तक निवास करते थे। एक विशाल बरगद के पेड़ (वटवृक्ष) के कारण इसे ‘वटवृक्ष मंदिर’ भी कहते हैं। (स्रोत: (स्रोत: Wikipedia – Akkalkot Swami Samarth)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Swami Samarth Mandir (Vatavruksha Mandir) Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | श्री स्वामी समर्थ महाराज (दत्तात्रेय अवतार) |
| पता | Juna Adat Bazaar, Vidyanagar, Akkalkot, Solapur – 413216 |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – दोपहर 12:00 PM | शाम 4:00 PM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | काकड आरती: 5:30 AM | महापूजा आरती: 12:00 PM | शाम आरती: 6:30 PM | शेज आरती: 9:00 PM |
| बड़े त्योहार | स्वामी समर्थ जयंती (अप्रैल), गुरु पूर्णिमा, दत्त जयंती |
| Akkalkot से दूरी | सोलापुर से 41 किमी |
| नजदीकी रेलवे | सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | सोलापुर Airport (40 किमी) | पुणे Airport (292 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:सोलापुर Airport (40 किमी) | पुणे Airport (292 किमी)
रेल मार्ग:सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी)
सड़क मार्ग:Akkalkot से दूरी: सोलापुर से 41 किमी
Datta Mandir, Akkalkot
दत्त मंदिर भगवान दत्तात्रेय को समर्पित है जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश के त्रिगुण स्वरूप हैं। अक्कलकोट में स्वामी समर्थ मंदिर के बाद यह दूसरा प्रमुख मंदिर है।
गुरु पूर्णिमा पर यहाँ विशेष उत्सव होता है। अक्कलकोट आएं तो Swami Mandir के साथ यह मंदिर भी जरूर देखें।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Datta Mandir, Akkalkot Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान दत्तात्रेय |
| पता | Akkalkot, Solapur District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | दत्त जयंती, गुरु पूर्णिमा |
| Akkalkot से दूरी | Swami Mandir से 1 किमी |
| नजदीकी रेलवे | सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | सोलापुर Airport (40 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:सोलापुर Airport (40 किमी)
रेल मार्ग:सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी)
सड़क मार्ग:Akkalkot से दूरी: Swami Mandir से 1 किमी
(स्रोत: Akkalkot Tourism)
Khandoba Mandir, Akkalkot
भगवान खंडोबा महाराष्ट्र के लोक देवता हैं जो भगवान शिव के मार्तंड भैरव स्वरूप माने जाते हैं। अक्कलकोट का खंडोबा मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है।
चम्पाषष्ठी महोत्सव पर यहाँ विशेष पूजा-अर्चना होती है। भंडारा (हलदी) का प्रसाद यहाँ की विशेषता है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Khandoba Mandir, Akkalkot Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान खंडोबा (शिव स्वरूप) |
| पता | Akkalkot, Solapur District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 5:30 AM – रात 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:00 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | चम्पाषष्ठी, शिवरात्रि |
| Akkalkot से दूरी | शहर के भीतर |
| नजदीकी रेलवे | सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | सोलापुर Airport (40 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:सोलापुर Airport (40 किमी)
रेल मार्ग:सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी)
सड़क मार्ग:Akkalkot से दूरी: शहर के भीतर
(स्रोत: Maharashtra Temple Guide)
Shri Mallikarjun Temple
अक्कलकोट का मल्लिकार्जुन मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक शांत और प्राचीन मंदिर है। श्रावण मास में यहाँ सोमवारी पर विशेष भीड़ रहती है।
महाशिवरात्रि पर यहाँ रात भर जागरण और पूजा का आयोजन होता है। शांत वातावरण के कारण यह ध्यान और प्रार्थना के लिए उत्तम स्थान है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Shri Mallikarjun Temple Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव (मल्लिकार्जुन) |
| पता | Akkalkot, Solapur District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह शिवाभिषेक: 6:00 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, श्रावण मास |
| Akkalkot से दूरी | शहर के भीतर |
| नजदीकी रेलवे | सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | सोलापुर Airport (40 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:सोलापुर Airport (40 किमी)
रेल मार्ग:सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी)
सड़क मार्ग:Akkalkot से दूरी: शहर के भीतर
(स्रोत: Akkalkot Tourism)
Swami Rajaraya Math, Akkalkot
श्री स्वामी रजार्या मठ अक्कलकोट में स्वामी समर्थ की परंपरा को जीवित रखने वाला प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र है। यहाँ भक्तों के लिए निःशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था भी की जाती है।
मठ में रहकर कुछ दिन आत्मचिंतन करना एक अनोखा अनुभव है। गुरु पूर्णिमा पर यहाँ का माहौल बेहद भक्तिमय होता है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Swami Rajaraya Math, Akkalkot Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | श्री स्वामी समर्थ (Math Shrine) |
| पता | Akkalkot, Solapur District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | दैनिक आरती: 6:30 AM | शाम 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | गुरु पूर्णिमा, दत्त जयंती |
| Akkalkot से दूरी | Swami Mandir के पास |
| नजदीकी रेलवे | सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | सोलापुर Airport (40 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:सोलापुर Airport (40 किमी)
रेल मार्ग:सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी)
सड़क मार्ग:Akkalkot से दूरी: Swami Mandir के पास
(स्रोत: Akkalkot Swami Samarth)
Travel Tips – Akkalkot यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम अनुकूल, यात्रा के लिए सर्वोत्तम।
- नवरात्रि और प्रमुख त्योहारों के दौरान मंदिरों में विशेष उत्सव।
- सुबह जल्दी दर्शन करें – भीड़ कम रहती है और माहौल शांत रहता है।
वेशभूषा और आचार संहिता | Dress Code
- शालीन और पारंपरिक वस्त्र पहनें।
- मंदिर प्रवेश से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- फोटोग्राफी के लिए पहले अनुमति लें।
अन्य सुझाव
- पीक सीजन और त्योहारों में आगे से आवास बुक करें।
- प्रसाद और पूजा सामग्री मंदिर के पास दुकानों से उपलब्ध।
- Akkalkot में स्थानीय भोजन जरूर आजमाएं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Akkalkot का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
Swami Samarth Mandir (Vatavruksha Mandir) Akkalkot का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है।
Akkalkot के मंदिरों का Darshan Time क्या है?
अधिकांश मंदिर सुबह 5-6 बजे से रात 8-9 बजे तक खुले रहते हैं। दोपहर में कुछ मंदिर बंद हो सकते हैं। जाने से पहले confirm करें।
Akkalkot कैसे पहुँचें?
Akkalkot सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा है। निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (292 किमी)। रेलवे: सोलापुर रेलवे स्टेशन (41 किमी)।
Akkalkot यात्रा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
अक्टूबर से मार्च के बीच मौसम सुहाना रहता है। नवरात्रि और स्थानीय त्योहारों के दौरान विशेष उत्सव का अनुभव मिलता है।
Temples
Top 5 Famous Temples in Akola – Darshan Time, Aarti Timing & Travel Guide

Akola – City Introduction | Akola के बारे में
अकोला – महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का यह शहर कपास उत्पादन के लिए जाना जाता है लेकिन इसकी धार्मिक विरासत भी उतनी ही समृद्ध है। मूर्तिजापुर, बालापुर और अकोला में अनेक प्राचीन मंदिर हैं जो क्षेत्र की जनता की गहरी आस्था का प्रमाण हैं।
अकोला से 45 किमी दूर शेगाँव में संत गजानन महाराज का प्रसिद्ध मंदिर है जो महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले तीर्थस्थलों में से एक है। अकोला की यात्रा में शेगाँव दर्शन जरूर शामिल करें।
Akola के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. Shri Gajanan Maharaj Mandir, Shegaon
- 2. Rajrajeshwara Temple, Akola
- 3. Shri Hari Temple, Akola
- 4. Shri Ambadevi Temple, Amravati
- 5. Murtizapur Yellamma Temple
Shri Gajanan Maharaj Mandir, Shegaon
शेगाँव का गजानन महाराज मंदिर महाराष्ट्र के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में है। संत गजानन महाराज 19वीं सदी के महान संत थे जो भगवान दत्तात्रेय के भक्त थे। (स्रोत: (स्रोत: Wikipedia – Gajanan Maharaj)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Shri Gajanan Maharaj Mandir, Shegaon Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | संत गजानन महाराज |
| पता | Shegaon, Buldhana District, Maharashtra – 444203 |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 10:00 PM |
| आरती समय | काकड आरती: 5:00 AM | माध्यान्ह आरती: 12:00 PM | शाम आरती: 7:00 PM | शेज आरती: 10:00 PM |
| बड़े त्योहार | गजानन जयंती, माघी उत्सव |
| Akola से दूरी | अकोला से 45 किमी |
| नजदीकी रेलवे | शेगाँव रेलवे स्टेशन (1 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | नागपुर Airport (165 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:नागपुर Airport (165 किमी)
रेल मार्ग:शेगाँव रेलवे स्टेशन (1 किमी)
सड़क मार्ग:Akola से दूरी: अकोला से 45 किमी
Rajrajeshwara Temple, Akola
राजराजेश्वर मंदिर अकोला का सबसे प्रमुख और प्राचीन शिव मंदिर है। विशाल शिवलिंग और भव्य नंदी की मूर्ति यहाँ की विशेषता है। श्रावण मास में यहाँ सोमवारी पर हजारों भक्त आते हैं।
महाशिवरात्रि पर यहाँ रात भर जागरण होता है और विशेष अभिषेक किया जाता है। भगवान शिव का यह मंदिर अकोला के निवासियों की पहली पसंद है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Rajrajeshwara Temple, Akola Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव (राजराजेश्वर) |
| पता | Rajrajeshwara Mandir Road, Akola – 444001 |
| दर्शन समय | सुबह 5:30 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह अभिषेक: 6:00 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, श्रावण मास |
| Akola से दूरी | शहर के केंद्र में |
| नजदीकी रेलवे | अकोला जंक्शन (2 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | नागपुर Airport (200 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:नागपुर Airport (200 किमी)
रेल मार्ग:अकोला जंक्शन (2 किमी)
सड़क मार्ग:Akola से दूरी: शहर के केंद्र में
(स्रोत: Akola Temple Guide)
Shri Hari Temple, Akola
अकोला का श्री हरि मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और यहाँ का शांत वातावरण भक्तों को आकर्षित करता है। एकादशी को यहाँ विशेष व्रत और कीर्तन का आयोजन होता है।
जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि में श्री कृष्ण जन्म उत्सव का आयोजन बहुत धूमधाम से होता है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Shri Hari Temple, Akola Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान विष्णु |
| पता | Akola, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:30 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | एकादशी, जन्माष्टमी, राम नवमी |
| Akola से दूरी | शहर के भीतर |
| नजदीकी रेलवे | अकोला जंक्शन (3 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | नागपुर Airport (200 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:नागपुर Airport (200 किमी)
रेल मार्ग:अकोला जंक्शन (3 किमी)
सड़क मार्ग:Akola से दूरी: शहर के भीतर
(स्रोत: Akola Tourism)
Shri Ambadevi Temple, Amravati
माँ अम्बादेवी का मंदिर अमरावती का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। माँ दुर्गा के अम्बादेवी स्वरूप को समर्पित यह मंदिर अमरावती शहर को अपना नाम देती है।
नवरात्रि में यहाँ लाखों भक्त आते हैं। अकोला से अमरावती जाएं तो माँ अम्बादेवी के दर्शन जरूर करें।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Shri Ambadevi Temple, Amravati Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ अम्बादेवी (दुर्गा स्वरूप) |
| पता | Amravati (अकोला से 65 किमी), Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 5:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, दुर्गा पूजा |
| Akola से दूरी | अकोला से 65 किमी |
| नजदीकी रेलवे | अमरावती रेलवे स्टेशन (1 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | नागपुर Airport (150 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:नागपुर Airport (150 किमी)
रेल मार्ग:अमरावती रेलवे स्टेशन (1 किमी)
सड़क मार्ग:Akola से दूरी: अकोला से 65 किमी
(स्रोत: Wikipedia – Amba Devi Temple)
Murtizapur Yellamma Temple
मूर्तिजापुर की येल्लम्मा देवी का मंदिर विदर्भ क्षेत्र में अत्यंत पूजनीय है। माँ रेणुका देवी का यह मंदिर विशेष रूप से महिला भक्तों की आस्था का केंद्र है।
यात्रा उत्सव के दौरान यहाँ विशाल मेला लगता है जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु आते हैं।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Murtizapur Yellamma Temple Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | माँ येल्लम्मा (रेणुका देवी) |
| पता | Murtizapur, Akola District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | नवरात्रि, यात्रा उत्सव |
| Akola से दूरी | अकोला से 30 किमी |
| नजदीकी रेलवे | मूर्तिजापुर रेलवे स्टेशन (1 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | नागपुर Airport (220 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:नागपुर Airport (220 किमी)
रेल मार्ग:मूर्तिजापुर रेलवे स्टेशन (1 किमी)
सड़क मार्ग:Akola से दूरी: अकोला से 30 किमी
(स्रोत: Akola Tourism)
Travel Tips – Akola यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम अनुकूल, यात्रा के लिए सर्वोत्तम।
- नवरात्रि और प्रमुख त्योहारों के दौरान मंदिरों में विशेष उत्सव।
- सुबह जल्दी दर्शन करें – भीड़ कम रहती है और माहौल शांत रहता है।
वेशभूषा और आचार संहिता | Dress Code
- शालीन और पारंपरिक वस्त्र पहनें।
- मंदिर प्रवेश से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- फोटोग्राफी के लिए पहले अनुमति लें।
अन्य सुझाव
- पीक सीजन और त्योहारों में आगे से आवास बुक करें।
- प्रसाद और पूजा सामग्री मंदिर के पास दुकानों से उपलब्ध।
- Akola में स्थानीय भोजन जरूर आजमाएं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Akola का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
Shri Gajanan Maharaj Mandir, Shegaon Akola का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है।
Akola के मंदिरों का Darshan Time क्या है?
अधिकांश मंदिर सुबह 5-6 बजे से रात 8-9 बजे तक खुले रहते हैं। दोपहर में कुछ मंदिर बंद हो सकते हैं। जाने से पहले confirm करें।
Akola कैसे पहुँचें?
Akola सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा है। निकटतम हवाई अड्डा: नागपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (200 किमी)। रेलवे: अकोला जंक्शन रेलवे स्टेशन।
Akola यात्रा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
अक्टूबर से मार्च के बीच मौसम सुहाना रहता है। नवरात्रि और स्थानीय त्योहारों के दौरान विशेष उत्सव का अनुभव मिलता है।
Temples
Top 5 Famous Temples in Alandi – Darshan Time, Aarti Timing & Travel Guide

Alandi – City Introduction | Alandi के बारे में
आलंदी – पुणे से सिर्फ 25 किमी दूर इंद्रायणी नदी के तट पर बसा यह छोटा सा शहर महाराष्ट्र के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में एक है। संत ज्ञानेश्वर महाराज की संजीवन समाधि यहाँ स्थित है जो वारकरी संप्रदाय के लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है।
माँ भागवत के लेखक भगवान विठोबा के परम भक्त संत ज्ञानेश्वर ने सिर्फ 21 वर्ष की आयु में यहाँ संजीवन समाधि ली थी। आलंदी की यात्रा करना एक अत्यंत आत्मिक अनुभव है।
Alandi के प्रमुख मंदिर – एक नज़र में
- 1. Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir
- 2. Indrayani Ghat Temples, Alandi
- 3. Vitthal Rukmini Temple, Alandi
- 4. Siddheshwar Temple, Alandi
- 5. Sopandev Samadhi Mandir, Saswad
Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir
आलंदी का मुख्य मंदिर संत ज्ञानेश्वर महाराज की संजीवन समाधि स्थल है। सिर्फ 21 वर्ष की आयु में उन्होंने यहाँ जीवित समाधि ली थी। ज्ञानेश्वरी और अमृतानुभव जैसे ग्रंथों के रचयिता संत ज्ञानेश्वर मराठी साहित्य के आधार स्तंभ हैं। (स्रोत: (स्रोत: Wikipedia – Dnyaneshwar)
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | संत ज्ञानेश्वर महाराज (संजीवन समाधि) |
| पता | Alandi, Khed Taluka, Pune District, Maharashtra – 412105 |
| दर्शन समय | सुबह 5:00 AM – रात 10:30 PM |
| आरती समय | काकड आरती: 5:00 AM | माध्यान्ह आरती: 12:00 PM | शाम आरती: 7:00 PM | शेज आरती: 10:00 PM |
| बड़े त्योहार | आषाढी एकादशी वारी (लाखों वारकरी), कार्तिकी एकादशी |
| Alandi से दूरी | पुणे से 25 किमी |
| नजदीकी रेलवे | पुणे जंक्शन (25 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पुणे International Airport (30 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पुणे International Airport (30 किमी)
रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)
सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: पुणे से 25 किमी
Indrayani Ghat Temples, Alandi
इंद्रायणी नदी के घाटों पर अनेक छोटे-बड़े मंदिर हैं। यहाँ स्नान करना पुण्यकारी माना जाता है। सुबह-शाम घाट पर दीप आरती का दृश्य बहुत सुंदर होता है।
वारी के समय घाट पर लाखों वारकरी स्नान करते हैं। इंद्रायणी तट पर बैठकर ध्यान लगाना एक अनूठा अनुभव है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Indrayani Ghat Temples, Alandi Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | विभिन्न देवी-देवता |
| पता | Indrayani River Ghat, Alandi, Pune |
| दर्शन समय | सूर्योदय – सूर्यास्त |
| आरती समय | सुबह गंगा आरती | शाम दीप आरती |
| बड़े त्योहार | कार्तिक पूर्णिमा, माघ पूर्णिमा |
| Alandi से दूरी | मुख्य मंदिर से पैदल 5 मिनट |
| नजदीकी रेलवे | पुणे जंक्शन (25 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पुणे Airport (30 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पुणे Airport (30 किमी)
रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)
सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: मुख्य मंदिर से पैदल 5 मिनट
(स्रोत: Maharashtra Tourism – Alandi)
Vitthal Rukmini Temple, Alandi
आलंदी में भगवान विठोबा और रुक्मिणी का मंदिर वारकरी संप्रदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वारी के समय यहाँ लाखों वारकरी भगवान विठोबा का नाम जपते हुए पहुँचते हैं।
एकादशी के दिन यहाँ का माहौल भक्तिरस से सराबोर हो जाता है। कीर्तन और भजनों की आवाज़ें पूरे शहर में गूँजती हैं।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Vitthal Rukmini Temple, Alandi Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान विठोबा और रुक्मिणी |
| पता | Alandi, Pune District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 9:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 7:00 PM |
| बड़े त्योहार | एकादशी, आषाढी वारी |
| Alandi से दूरी | मुख्य मंदिर परिसर में |
| नजदीकी रेलवे | पुणे जंक्शन (25 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पुणे Airport (30 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पुणे Airport (30 किमी)
रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)
सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: मुख्य मंदिर परिसर में
(स्रोत: Maharashtra Tourism)
Siddheshwar Temple, Alandi
सिद्धेश्वर मंदिर आलंदी का प्राचीन शिव मंदिर है। श्रावण मास में सोमवारी पर यहाँ भक्तों की लंबी कतारें लगती हैं। मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और शांत माहौल मन को सुकून देता है।
महाशिवरात्रि पर यहाँ रात भर पूजा और भजन होते हैं। ज्ञानेश्वर मंदिर के बाद आलंदी का यह सबसे लोकप्रिय मंदिर है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Siddheshwar Temple, Alandi Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | भगवान शिव (सिद्धेश्वर) |
| पता | Alandi, Pune District, Maharashtra |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:30 PM |
| आरती समय | सुबह शिव अभिषेक: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | महाशिवरात्रि, श्रावण मास |
| Alandi से दूरी | मुख्य मंदिर से पास |
| नजदीकी रेलवे | पुणे जंक्शन (25 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पुणे Airport (30 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पुणे Airport (30 किमी)
रेल मार्ग:पुणे जंक्शन (25 किमी)
सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: मुख्य मंदिर से पास
(स्रोत: Alandi Tourism)
Sopandev Samadhi Mandir, Saswad
संत सोपानदेव संत ज्ञानेश्वर के छोटे भाई और समान रूप से आत्मज्ञानी संत थे। सासवड में उनकी समाधि एक महत्वपूर्ण वारकरी तीर्थस्थल है।
आलंदी यात्रा के साथ सासवड जाना वारकरी परंपरा में विशेष महत्व रखता है।
स्थान देखें:Google Maps पर देखें – Sopandev Samadhi Mandir, Saswad Location
मंदिर की जानकारी | Temple Information
| देवता | संत सोपानदेव (ज्ञानेश्वर के भाई) |
| पता | Saswad, Pune District, Maharashtra (आलंदी से 35 किमी) |
| दर्शन समय | सुबह 6:00 AM – रात 8:00 PM |
| आरती समय | सुबह आरती: 6:30 AM | शाम आरती: 6:30 PM |
| बड़े त्योहार | वारी, एकादशी |
| Alandi से दूरी | आलंदी से 35 किमी |
| नजदीकी रेलवे | दिवे स्टेशन (15 किमी) |
| नजदीकी एयरपोर्ट | पुणे Airport (45 किमी) |
कैसे पहुँचें | How to Reach
हवाई मार्ग:पुणे Airport (45 किमी)
रेल मार्ग:दिवे स्टेशन (15 किमी)
सड़क मार्ग:Alandi से दूरी: आलंदी से 35 किमी
(स्रोत: Wikipedia – Sopandev)
Travel Tips – Alandi यात्रा के लिए सुझाव
कब जाएं? (Best Time to Visit)
- अक्टूबर से मार्च – मौसम अनुकूल, यात्रा के लिए सर्वोत्तम।
- नवरात्रि और प्रमुख त्योहारों के दौरान मंदिरों में विशेष उत्सव।
- सुबह जल्दी दर्शन करें – भीड़ कम रहती है और माहौल शांत रहता है।
वेशभूषा और आचार संहिता | Dress Code
- शालीन और पारंपरिक वस्त्र पहनें।
- मंदिर प्रवेश से पहले जूते-चप्पल बाहर उतारें।
- फोटोग्राफी के लिए पहले अनुमति लें।
अन्य सुझाव
- पीक सीजन और त्योहारों में आगे से आवास बुक करें।
- प्रसाद और पूजा सामग्री मंदिर के पास दुकानों से उपलब्ध।
- Alandi में स्थानीय भोजन जरूर आजमाएं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Alandi का सबसे प्रसिद्ध मंदिर कौन सा है?
Shri Sant Dnyaneshwar Maharaj Mandir Alandi का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है।
Alandi के मंदिरों का Darshan Time क्या है?
अधिकांश मंदिर सुबह 5-6 बजे से रात 8-9 बजे तक खुले रहते हैं। दोपहर में कुछ मंदिर बंद हो सकते हैं। जाने से पहले confirm करें।
Alandi कैसे पहुँचें?
Alandi सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा है। निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (30 किमी)। रेलवे: पुणे जंक्शन (25 किमी)।
Alandi यात्रा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
Alandi सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ा है। निकटतम हवाई अड्डा: पुणे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (30 किमी)। रेलवे: पुणे जंक्शन (25 किमी)।
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