
भगवान विष्णु – त्रिदेवों में पालनकर्ता। जब-जब धर्म की हानि हुई, उन्होंने अवतार लेकर पृथ्वी की रक्षा की। मत्स्य से लेकर कल्कि तक दस अवतार –...

भगवान गणेश – प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता। हर शुभ कार्य में सबसे पहले गणेश जी की पूजा होती है। उनका हाथी का सिर और...

भगवान शिव – त्रिदेवों में संहारक, परंतु भक्तों पर सर्वाधिक दयालु। ‘भोलेनाथ’ – जो सच्चे मन से पुकारे, उसकी इच्छा पूरी करते हैं। शिव पुराण में...

अनंत चतुर्दशी – भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी। यह वह पवित्र दिन है जब गणेश चतुर्थी का 10 दिवसीय महोत्सव समाप्त होता है और भगवान अनंत (विष्णु) का...

आँवला नवमी – कार्तिक शुक्ल नवमी को मनाया जाने वाला एक अनूठा पर्व जिसमें आँवले के वृक्ष की पूजा होती है। आँवले को विष्णु जी का...

राधाष्टमी – राधा रानी का जन्मोत्सव। जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद भाद्रपद शुक्ल अष्टमी को राधा रानी का जन्म हुआ था। बरसाना उनकी जन्मभूमि है...

नाग पंचमी – श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग देवता की पूजा। भगवान शिव के गले में नाग और विष्णु के आसन शेषनाग – इसीलिए नाग देवता...

गोवर्धन पूजा – दीपावली के अगले दिन कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को। यह वह दिन है जब श्री कृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़ा और गोवर्धन...

जन्माष्टमी – भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र, मध्यरात्रि – यह त्रिवेणी संगम श्री कृष्ण के अवतरण का क्षण है। 2026 में...

गणगौर – राजस्थान और मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा महिला पर्व। ‘गण’ माने शिव और ‘गौर’ माने पार्वती – इन दोनों की पूजा का पर्व। होली के...